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नाराज अधिवक्ता लामबंद हुए
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
Updated Thu, 03 Nov 2016 10:28 PM IST
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कलेक्ट्रेट परिसर में एडीएम को ज्ञापन देते अधिवक्ता।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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सिद्धार्थनगर। इटवा में हो रहे ग्राम न्यायालय की स्थापना पर रोक लगाने के लिए अधिवक्ता लामबंद हो गए हैं। नाराज अधिवक्ता सिविल सिद्धार्थ बार एसोसिएशन के बैनर तले कलेक्ट्रेट पहुंचे और डीएम को पांच सूत्रीय ज्ञापन दिया। जल्द समस्याओं के समाधान की मांग की। अध्यक्ष रामशंकर पांडेय ने कहा कि ग्राम न्यायालय की स्थापना से लोगों को सही न्याय नहीं मिल पाएगा। न्यायालयों पर दबंग व्यक्तियों का दबाव रहेगा और पीड़ित पक्ष को न्याय नहीं मिल पाएगा।
लिहाजा इटवा में ग्राम न्यायालय की स्थापना पर रोक लगाई जाए। उन्होंने कहा कि इटवा तहसील में ग्राम न्यायालय के संचालन के लिए जरूरी सुविधाएं भी नहीं हैं। जनपद न्यायालय परिसर में बने कई अदालतें रिक्त हैं इनके पदस्थापना व संचालन की कोई व्यवस्था नहीं की जा रही है। ग्राम्य न्यायालय की स्थापना कर जनता को बांटने काम किया जा रहा है, जो ठीक नहीं है। भौगोलिक दृष्टिकोण से जिला छोटा है और न्यायालय परिसर के अलावा दो मुंसफी अदालत कार्यरत है।
समस्याओं को ध्यान में रखते हुए स्थापना पर रोक लगाई जाए। इस दौरान महामंत्री राधेश्याम मिश्र, ओमप्रकाश तिवारी, राजेश कुमार मिश्र, रामचंद्र चौधरी, बुद्धिसागर पांडेय, रामसूरत यादव, कैलाशनाथ गिरि, संजीव कुमार श्रीवास्तव, नवनीत कुमार दुबे, महाराज शुक्ल, देवेंद्र मणि त्रिपाठी, अजय कुमार चौरसिया और उमेश कुमार मिश्र आदि मौजूद रहे।
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लिहाजा इटवा में ग्राम न्यायालय की स्थापना पर रोक लगाई जाए। उन्होंने कहा कि इटवा तहसील में ग्राम न्यायालय के संचालन के लिए जरूरी सुविधाएं भी नहीं हैं। जनपद न्यायालय परिसर में बने कई अदालतें रिक्त हैं इनके पदस्थापना व संचालन की कोई व्यवस्था नहीं की जा रही है। ग्राम्य न्यायालय की स्थापना कर जनता को बांटने काम किया जा रहा है, जो ठीक नहीं है। भौगोलिक दृष्टिकोण से जिला छोटा है और न्यायालय परिसर के अलावा दो मुंसफी अदालत कार्यरत है।
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समस्याओं को ध्यान में रखते हुए स्थापना पर रोक लगाई जाए। इस दौरान महामंत्री राधेश्याम मिश्र, ओमप्रकाश तिवारी, राजेश कुमार मिश्र, रामचंद्र चौधरी, बुद्धिसागर पांडेय, रामसूरत यादव, कैलाशनाथ गिरि, संजीव कुमार श्रीवास्तव, नवनीत कुमार दुबे, महाराज शुक्ल, देवेंद्र मणि त्रिपाठी, अजय कुमार चौरसिया और उमेश कुमार मिश्र आदि मौजूद रहे।
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