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Siddharthnagar News: नेपाल में बाढ़ पीड़ितों पर बारिश की मारत
Sat, 26 Sep 2026 12:20 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Sat, 26 Sep 2026 12:20 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर/कपिलवस्तु। भोटेकोशी के रास्ते त्रिशूली नदी में आई भीषण बाढ़ से बेघर हुए परिवारों पर अब लगातार बारिश की दूसरी मार पड़ रही है। नुवाकोट में खुले स्थानों पर टेंट और अस्थायी ढांचों में रह रहे बाढ़ पीड़ितों की मुश्किलें बारिश ने बढ़ा दी।
बृहस्पतिवार से शुरू हुई बारिश का सिलसिला शुक्रवार को भी जारी रही। टेंटों में पानी घुसने से राहत में मिले खाने, कपड़े और अन्य जरूरी सामान को बचाना मुश्किल हो गया है। जमीन कीचड़ में बदलने और ठंड बढ़ने से बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवतियों और बीमार लोगों की परेशानी और बढ़ गई है।
रसुवा से विस्थापित होकर नुवाकोट में रह रहे उत्तरगया गाऊंपालिका-1 के वार्ड चेयरमैन मानसिंह तमांग ने बताया कि टेंटों में ऊपर से रिसकर और जमीन से बहकर पानी पहुंच रहा है। इससे राहत सामग्री भीग रही है और परिवारों को रात गुजारने में परेशानी हो रही है। नुवाकोट में अलग-अलग स्थानों पर रह रहे रसुवा के 344 विस्थापित परिवारों में से 142 परिवार बिदुर नगरपालिका-5 के बानाचौतारो में टेंट में रह रहे हैं।
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बानाचौतारो में रह रहे दावामिंगमार तमांग ने बताया कि टेंट में पानी आने के बाद सामान बचाना मुश्किल हो गया है। जमीन कीचड़ से भर गई है और ठंड बढ़ने से बुजुर्गों और बच्चों की परेशानी ज्यादा है।
नुवाकोट में 2100 से अधिक परिवार सीधे प्रभावित : भोटेकोशी के रास्ते त्रिशूली नदी में आई बाढ़ से नुवाकोट में 2100 से अधिक परिवार सीधे प्रभावित होकर बेघर हुए हैं। जिला प्रशासन कार्यालय के अनुसार जिले में बाढ़ से 2500 से अधिक परिवार प्रभावित हुए हैं। बड़ी संख्या में परिवार अभी भी अस्थायी टेंटों और राहत सामग्री के सहारे रह रहे हैं। ऐसे में लगातार बारिश ने विस्थापित परिवारों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।
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सिद्धार्थनगर/कपिलवस्तु। भोटेकोशी के रास्ते त्रिशूली नदी में आई भीषण बाढ़ से बेघर हुए परिवारों पर अब लगातार बारिश की दूसरी मार पड़ रही है। नुवाकोट में खुले स्थानों पर टेंट और अस्थायी ढांचों में रह रहे बाढ़ पीड़ितों की मुश्किलें बारिश ने बढ़ा दी।
बृहस्पतिवार से शुरू हुई बारिश का सिलसिला शुक्रवार को भी जारी रही। टेंटों में पानी घुसने से राहत में मिले खाने, कपड़े और अन्य जरूरी सामान को बचाना मुश्किल हो गया है। जमीन कीचड़ में बदलने और ठंड बढ़ने से बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवतियों और बीमार लोगों की परेशानी और बढ़ गई है।
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रसुवा से विस्थापित होकर नुवाकोट में रह रहे उत्तरगया गाऊंपालिका-1 के वार्ड चेयरमैन मानसिंह तमांग ने बताया कि टेंटों में ऊपर से रिसकर और जमीन से बहकर पानी पहुंच रहा है। इससे राहत सामग्री भीग रही है और परिवारों को रात गुजारने में परेशानी हो रही है। नुवाकोट में अलग-अलग स्थानों पर रह रहे रसुवा के 344 विस्थापित परिवारों में से 142 परिवार बिदुर नगरपालिका-5 के बानाचौतारो में टेंट में रह रहे हैं।
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बानाचौतारो में रह रहे दावामिंगमार तमांग ने बताया कि टेंट में पानी आने के बाद सामान बचाना मुश्किल हो गया है। जमीन कीचड़ से भर गई है और ठंड बढ़ने से बुजुर्गों और बच्चों की परेशानी ज्यादा है।
नुवाकोट में 2100 से अधिक परिवार सीधे प्रभावित : भोटेकोशी के रास्ते त्रिशूली नदी में आई बाढ़ से नुवाकोट में 2100 से अधिक परिवार सीधे प्रभावित होकर बेघर हुए हैं। जिला प्रशासन कार्यालय के अनुसार जिले में बाढ़ से 2500 से अधिक परिवार प्रभावित हुए हैं। बड़ी संख्या में परिवार अभी भी अस्थायी टेंटों और राहत सामग्री के सहारे रह रहे हैं। ऐसे में लगातार बारिश ने विस्थापित परिवारों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।