{"_id":"56fc0d704f1c1b227ef0020e","slug":"profit-shfsli-cultivate-sugarcane-farmers","type":"story","status":"publish","title_hn":"सहफसली खेती कर लाभ कमाएं गन्ना किसान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सहफसली खेती कर लाभ कमाएं गन्ना किसान
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
Updated Wed, 30 Mar 2016 11:01 PM IST
विज्ञापन
बढ़नी में सहकारी गन्ना समिति की तरफ से आयोजित मेले में मंचासीन अधिकारी।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बढनी के सहकारी गन्ना विकास समिति की ओर से बुधवार को एक दिवसीय किसान मेले का आयोजन किया गया। मेले का शुभारंभ उप गन्ना आयुक्त गोरखपुर ने फीता काट कर दीप प्रज्जवलित कर मेले का उद्घाटन किया।
मुख्य अतिथि उप आयुक्त डा.आरबी राम ने कहा कि गन्ना विकास के लिए शासन की ओर से 50 प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है। इसमें कीटनाटक दवा, जैविक उर्वरक, और कृषियंत्र शामिल है।
किसानों को लाभप्रद खेती के बारे में गन्ना प्रशिक्षण केन्द्र गोरखपुर के सहायक निदेशक डा.ओम प्रकाश गुप्ता ने कहा कि गन्ने के साथ प्याज की सहफसली खेती करके किसान 60 से 70 क्विंटल प्रति एकड़ प्याज की पैदावार कर सकते हैं।
विज्ञापन
इस खेती से गन्ने का औसत उपज में वृद्वि के साथ गन्ने को नुकसान करने वाले कीटों पर नियंत्रण लगेगा। सोहना के कृषि बैज्ञानिक डा.डीपी सिंह ने गन्ने के साथ कई सहफसली खेती व आधुनिक बीजो के उपयोग के बारे में बताया।
उन्होंने गन्ना किसानों की खराब स्थिति के लिए उच्चस्तरीय प्रयास करने की बात कही। गन्ना शोध केन्द्र गोरखपुर के वैज्ञानिक डा.बलराम राव, वैज्ञानिक डा.वशिष्ठ कोट कई विशेषज्ञों ने मौजूद किसानों को गन्ना खेती से बेहतर आय कमाने जैसी अहम जानकारी दी।
विज्ञापन
मुख्य अतिथि उप आयुक्त डा.आरबी राम ने कहा कि गन्ना विकास के लिए शासन की ओर से 50 प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है। इसमें कीटनाटक दवा, जैविक उर्वरक, और कृषियंत्र शामिल है।
विज्ञापन
किसानों को लाभप्रद खेती के बारे में गन्ना प्रशिक्षण केन्द्र गोरखपुर के सहायक निदेशक डा.ओम प्रकाश गुप्ता ने कहा कि गन्ने के साथ प्याज की सहफसली खेती करके किसान 60 से 70 क्विंटल प्रति एकड़ प्याज की पैदावार कर सकते हैं।
विज्ञापन
इस खेती से गन्ने का औसत उपज में वृद्वि के साथ गन्ने को नुकसान करने वाले कीटों पर नियंत्रण लगेगा। सोहना के कृषि बैज्ञानिक डा.डीपी सिंह ने गन्ने के साथ कई सहफसली खेती व आधुनिक बीजो के उपयोग के बारे में बताया।
उन्होंने गन्ना किसानों की खराब स्थिति के लिए उच्चस्तरीय प्रयास करने की बात कही। गन्ना शोध केन्द्र गोरखपुर के वैज्ञानिक डा.बलराम राव, वैज्ञानिक डा.वशिष्ठ कोट कई विशेषज्ञों ने मौजूद किसानों को गन्ना खेती से बेहतर आय कमाने जैसी अहम जानकारी दी।