{"_id":"582205c64f1c1b342fb38805","slug":"procession-removal-performance","type":"story","status":"publish","title_hn":"जुलूस निकालकर किया प्रदर्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जुलूस निकालकर किया प्रदर्शन
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
Updated Tue, 08 Nov 2016 10:35 PM IST
विज्ञापन
सिद्धार्थनगर में छात्रों ने निकाला जुलूस।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सिद्धार्थनगर। जेएनयू केे छात्र नजीब अहमद की गुमशुदगी को लेकर जिले के छात्र भी सड़क पा आ गए हैं। मंगलवार को नगर में जुलूस निकाल कर छात्रों ने प्रदर्शन किया। दिल्ली पुलिस के रवैए पर असंतोष जताते हुए मामले की उच्चस्तरीय जांच व शीघ्र कार्रवाई के लिए कलेक्ट्रेट पहुंच राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा।
पीडब्लूडी डाक बंगले से शुरू हुआ जुलूस नगर के विभिन्न मोहल्लों से गुजरा। इस दौरान छात्रों ने केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस के खिलाफ नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि जेएनयू परिसर से एक छात्र की गुमशुदगी चिंताजनक है। नजीब से अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के नेताओं से झड़प के बाद उसकी पिटाई हुई थी। इसके बावजूद भी आज तक पुलिस ने एबीवीपी के छात्रों से सख्ती से पूछताछ नहीं की।
बुद्ध विद्यापीठ डिग्री कॉलेज के छात्रसंघ अध्यक्ष शशांक शेखर त्रिपाठी ने कहा कि केंद्र सरकार के इशारे पर दिल्ली पुलिस मामले में ढिलाई बरत रही है। यह देश और समाज के लिए घातक है। दिल्ली पुलिस अपनी भूमिका का निर्वहन नहीं कर रही है। दिलशाद आमिर ने कहा कि नजीब के अपहर्ताओं को पकडने की बजाए उसकी मां और बहन के साथ दुव्र्यवहार किया गया। का यह आचरण दिल्ली पुलिस और मोदी सरकार के माथे का बदनुमा दाग बन गया है।
विज्ञापन
उन्होंने आरोप लगाया कि मध्य प्रदेश में प्रोफेसर की हत्या से लेकर जेएनयू प्रकरण में एक छात्र संगठन के सदस्यों के नाम सामने आ रहे हैं, लेकिन भाजपा सरकार उनपर अंकुश नहीं लगा रही है। प्रदर्शन व ज्ञापन देने वालों में अभय, अर्चिस्मान, सैफ मलिक, वसीम अहमद अंसारी, अजय, राम अवतार, अष्टभुजा सिंह श्रीनेत, गौतम मिश्र, आतिफ और राजन कामरान आदि शामिल रहे।
विज्ञापन
पीडब्लूडी डाक बंगले से शुरू हुआ जुलूस नगर के विभिन्न मोहल्लों से गुजरा। इस दौरान छात्रों ने केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस के खिलाफ नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि जेएनयू परिसर से एक छात्र की गुमशुदगी चिंताजनक है। नजीब से अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के नेताओं से झड़प के बाद उसकी पिटाई हुई थी। इसके बावजूद भी आज तक पुलिस ने एबीवीपी के छात्रों से सख्ती से पूछताछ नहीं की।
विज्ञापन
बुद्ध विद्यापीठ डिग्री कॉलेज के छात्रसंघ अध्यक्ष शशांक शेखर त्रिपाठी ने कहा कि केंद्र सरकार के इशारे पर दिल्ली पुलिस मामले में ढिलाई बरत रही है। यह देश और समाज के लिए घातक है। दिल्ली पुलिस अपनी भूमिका का निर्वहन नहीं कर रही है। दिलशाद आमिर ने कहा कि नजीब के अपहर्ताओं को पकडने की बजाए उसकी मां और बहन के साथ दुव्र्यवहार किया गया। का यह आचरण दिल्ली पुलिस और मोदी सरकार के माथे का बदनुमा दाग बन गया है।
विज्ञापन
उन्होंने आरोप लगाया कि मध्य प्रदेश में प्रोफेसर की हत्या से लेकर जेएनयू प्रकरण में एक छात्र संगठन के सदस्यों के नाम सामने आ रहे हैं, लेकिन भाजपा सरकार उनपर अंकुश नहीं लगा रही है। प्रदर्शन व ज्ञापन देने वालों में अभय, अर्चिस्मान, सैफ मलिक, वसीम अहमद अंसारी, अजय, राम अवतार, अष्टभुजा सिंह श्रीनेत, गौतम मिश्र, आतिफ और राजन कामरान आदि शामिल रहे।