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जागरुकता से ही आपदा से बचाव संभव
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
Updated Tue, 28 Jun 2016 10:33 PM IST
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शोहरतगढ़ तहसील में आपदा प्रबंधन कार्यशाला में मौजूद लोग।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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शोहरतगढ़। तहसील सभागार में मंगलवार को एसडीएम ओमप्रकाश गुप्ता के नेतृत्व में तेरहवें वित्त आयोग कैपेसिटी बिल्डिंग कार्यक्रम के अंतर्गत आपदा से बचाव को लेकर लेखपालों व राजस्व निरीक्षकों को प्रशिक्षण दिया गया। प्रांतीय प्रशिक्षकों की टीम ने लेखपाल व राजस्व निरीक्षकों को आपदा स्थिति में बचाव के तरीके और प्राथमिक इंतजामों के बारे में विस्तार से समझाया।
प्रांतीय प्रशिक्षक जयशंकर प्रसाद व जनपदीय मास्टर ट्रेनर श्यामदेव यादव ने कहा कि भारत-नेपाल सीमावर्ती क्षेत्र के इस भू-भाग पर बाढ़ का प्रकोप सर्वाधिक रहता है। पहाड़ी क्षेत्र के जोन में स्थित भू-भाग पर भूकंप आदि का भी खतरा मंडराने लगा है। ऐसे में बाढ़, आग, भूकंप आदि आपदा से सुरक्षा के लिए क्षेत्रवासियों में बचाव के तरीके व महत्वपूर्ण जानकारी होनी चाहिए।
लेखपालों को मुख्य प्रशिक्षक ने तैरने के तरीके के अलावा लाइफ जैकेट, सर्च लाइट, मेगा फोन, अग्निशमन यंत्र, स्ट्रेचर, खाली गैलन आदि का प्रयोग आपदा के समय करने का तरीका बताया। जनपदीय मास्टर टे्रनर श्यामदेव यादव ने दैवीय आपदा व मानव निर्मित आपदा के समय जीवन को बचाने और उसके दुष्प्रभाव से बचने का तरीका समझाते हुए माक ड्रिल भी कराया। प्रशिक्षण में एसडीएम ओमप्रकाश गुप्ता ने सभी लेखपालों से अपने-अपने क्षेत्रों में नागरिकों को आपदा प्रबंधन के प्रति जागरूक करने को कहा।
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इस मौके पर तहसीलदार मंजूर अहमद, लेखपाल बबिता सिंह, आयुषी यादव, जिज्ञासा, मीरा देवी, राकेश पांडेय, रामसेवक, सुधीर श्रीवास्तव, नजमुल हसन, महेंद्र साहनी, अजीज अहमद, रविनरायन मिश्र, विजय यादव, रईश अंसारी, धर्मेंद्र यादव आदि मौजूद रहे।
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प्रांतीय प्रशिक्षक जयशंकर प्रसाद व जनपदीय मास्टर ट्रेनर श्यामदेव यादव ने कहा कि भारत-नेपाल सीमावर्ती क्षेत्र के इस भू-भाग पर बाढ़ का प्रकोप सर्वाधिक रहता है। पहाड़ी क्षेत्र के जोन में स्थित भू-भाग पर भूकंप आदि का भी खतरा मंडराने लगा है। ऐसे में बाढ़, आग, भूकंप आदि आपदा से सुरक्षा के लिए क्षेत्रवासियों में बचाव के तरीके व महत्वपूर्ण जानकारी होनी चाहिए।
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लेखपालों को मुख्य प्रशिक्षक ने तैरने के तरीके के अलावा लाइफ जैकेट, सर्च लाइट, मेगा फोन, अग्निशमन यंत्र, स्ट्रेचर, खाली गैलन आदि का प्रयोग आपदा के समय करने का तरीका बताया। जनपदीय मास्टर टे्रनर श्यामदेव यादव ने दैवीय आपदा व मानव निर्मित आपदा के समय जीवन को बचाने और उसके दुष्प्रभाव से बचने का तरीका समझाते हुए माक ड्रिल भी कराया। प्रशिक्षण में एसडीएम ओमप्रकाश गुप्ता ने सभी लेखपालों से अपने-अपने क्षेत्रों में नागरिकों को आपदा प्रबंधन के प्रति जागरूक करने को कहा।
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इस मौके पर तहसीलदार मंजूर अहमद, लेखपाल बबिता सिंह, आयुषी यादव, जिज्ञासा, मीरा देवी, राकेश पांडेय, रामसेवक, सुधीर श्रीवास्तव, नजमुल हसन, महेंद्र साहनी, अजीज अहमद, रविनरायन मिश्र, विजय यादव, रईश अंसारी, धर्मेंद्र यादव आदि मौजूद रहे।