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किसानों-गरीबों की पार्टी है रालोद
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
Updated Sun, 19 Feb 2017 11:03 PM IST
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बांसी के कुर्थिया में सभा को संबोधित करते रालोद के राष्ट्रीय मंत्री जयंत चौधरी।
- फोटो : अमर उजाला
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खेसरहा। पूर्व केंद्रीय मंत्री व रालोद नेता जयंत चौधरी ने रविवार को बांसी विधानसभा क्षेत्र के कुर्थिया में पार्टी प्रत्याशी किरन शुक्ला के समर्थन में जनसभा की। उन्होंने लोकदल किसानों व गरीबों की पार्टी बताया। कहा कि पार्टी ने हमेशा से इस वर्ग की लड़ाई मजबूती से लड़ी है। इसे मजबूत बनाने के लिए भारी जनसमर्थन की जरूरत है।
पूर्व केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी ने कहा कि सभी दलों ने किसानों के हितों की अनदेखी की है। जाति-धर्म के नाम पर लोगों को बांट कर सत्ता पाने का ख्वाब देखने वाले इन दलों को अब सबक सिखाने की जरूरत है। भाजपा-सपा सांप्रदायिकता की राजनीति करते हैं, जबकि रालोद के लिए खेती-किसानी से जुड़े प्राथमिकता में हैं। उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि नोटबंदी से प्राप्त धन से सरकार ने किसानों का कर्ज माफ न कर अमीरों का कर्ज माफ कर दिया। महाराष्ट्र और राजस्थान में 40-40 हजार कृषि ऋण के कर्जदार हैं। कर्ज में डूबे किसान आत्महत्या को मजबूर हैं, मगर केंद्र सरकार इससे बेफिक्र हैं।
केंद्र सरकार ने इस मुद्दे पर अब तक कोई कदम नहीं उठाया है। अलबत्ता नोटबंदी कर किसानों व गरीबों को परेशानी में डाल दिया। यूपी में भाजपा के 73 सांसद होने के बावजूद कोई विकास नहीं हुआ। सपा सरकार में किसानों के विकास की जगह बाहुबलियों का विकास होता है। रालोद चौधरी चरण सिंह की नीतियों पर चलती है। यहां जातिवाद व परिवारवाद की जगह किसान गरीब के खुशहाली के लिए निरंतर प्रयासरत है। सभा में प्रदेश अध्यक्ष डॉ. मसूद, पार्टी प्रत्याशी किरन शुक्ला, जिलाध्यक्ष सुधीर किसान, बृजेश चौबे, बबलू द्विवेदी आदि मौजूद रहे। संचालन रामदेव पांडेय ने किया।
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पूर्व केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी ने कहा कि सभी दलों ने किसानों के हितों की अनदेखी की है। जाति-धर्म के नाम पर लोगों को बांट कर सत्ता पाने का ख्वाब देखने वाले इन दलों को अब सबक सिखाने की जरूरत है। भाजपा-सपा सांप्रदायिकता की राजनीति करते हैं, जबकि रालोद के लिए खेती-किसानी से जुड़े प्राथमिकता में हैं। उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि नोटबंदी से प्राप्त धन से सरकार ने किसानों का कर्ज माफ न कर अमीरों का कर्ज माफ कर दिया। महाराष्ट्र और राजस्थान में 40-40 हजार कृषि ऋण के कर्जदार हैं। कर्ज में डूबे किसान आत्महत्या को मजबूर हैं, मगर केंद्र सरकार इससे बेफिक्र हैं।
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केंद्र सरकार ने इस मुद्दे पर अब तक कोई कदम नहीं उठाया है। अलबत्ता नोटबंदी कर किसानों व गरीबों को परेशानी में डाल दिया। यूपी में भाजपा के 73 सांसद होने के बावजूद कोई विकास नहीं हुआ। सपा सरकार में किसानों के विकास की जगह बाहुबलियों का विकास होता है। रालोद चौधरी चरण सिंह की नीतियों पर चलती है। यहां जातिवाद व परिवारवाद की जगह किसान गरीब के खुशहाली के लिए निरंतर प्रयासरत है। सभा में प्रदेश अध्यक्ष डॉ. मसूद, पार्टी प्रत्याशी किरन शुक्ला, जिलाध्यक्ष सुधीर किसान, बृजेश चौबे, बबलू द्विवेदी आदि मौजूद रहे। संचालन रामदेव पांडेय ने किया।
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