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कपिलवस्तु क्षेत्र में हो रहे अवैध खनन की पीएमओ ने मांगी रिपोर्ट
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कपिलवस्तु क्षेत्र में हो रहे अवैध खनन की पीएमओ ने मांगी रिपोर्ट
- सिद्धार्थ विश्वविद्यालय कपिलवस्तु की शिक्षिका ने की थी शिकायत
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। पीएमओ (प्रधानमंत्री कार्यालय) ने भगवान बुद्ध की क्रीड़ा स्थली कपिलवस्तु के आसपास हो रहे अवैध खनन की रिपोर्ट मांगी है। सिद्धार्थ विश्वविद्यालय की एसोसिएट प्रोफेसर ने पीएमओ को मेल करके अवैध खनन की शिकायत की थी।
सिद्धार्थ विश्वविद्यालय के प्राचीन इतिहास, संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग की एसोसिएट प्रो. डॉ. नीता यादव ने पीएमओ को मेल करके कपिलवस्तु क्षेत्र में अवैध खनन की शिकायत की थी और इस पर रोक लगाने की मांग की थी। पीएमओ ने इसका संज्ञान लिया और केंद्रीय पुरातत्व एवं सर्वेक्षण विभाग लखनऊ से जानकारी मांगी। अब पुरातत्व विभाग लखनऊ ने सिद्धार्थनगर कार्यालय से रिपोर्ट मांगी है।
प्रो. डॉ. नीता यादव के अनुसार कपिलवस्तु क्षेत्र के सभी स्तूपों का उत्खनन हो तो यहां लुबिनी से अधिक प्राचीन अवशेष प्राप्त हो सकते हैं। साक्ष्य अधिक मिल गए तो कपिलवस्तु की ख्याति और अधिक बढ़ जाएगा। संभावना है कि यहां व्यापारिक मार्ग भी रहा होगा। उन्होंने उत्खनन में केंद्रीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के साथ सिद्धार्थ विश्वविद्यालय को सहयोगी संस्था के रूप में कार्य करने का प्रस्ताव भी दिया है। ईमेल में लुंबिनी की तर्ज पर कपिलवस्तु के विकास का आग्रह किया गया है। ईमेल के अनुसार कपिलवस्तु क्षेत्र में पर्याप्त उत्खनन नहीं हुआ है, अवैध खनन भी हो रहा है।
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सिद्धार्थ विश्वविद्यालय कपिलवस्तु की एसोसिएट प्रोफेसर ने नरेंद्र मोदी एप पर ई-मेल किया था। इस संबंध में स्थानीय अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी गई है। पत्र में उत्खनन में विश्वविद्यालय ने सहयोगी संस्था के रूप में कार्य करने का भी प्रस्ताव दिया है।
- आफताब, अधीक्षण पुरातात्विक, केंद्रीय पुरातत्व एवं सर्वेक्षण विभाग
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- सिद्धार्थ विश्वविद्यालय कपिलवस्तु की शिक्षिका ने की थी शिकायत
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। पीएमओ (प्रधानमंत्री कार्यालय) ने भगवान बुद्ध की क्रीड़ा स्थली कपिलवस्तु के आसपास हो रहे अवैध खनन की रिपोर्ट मांगी है। सिद्धार्थ विश्वविद्यालय की एसोसिएट प्रोफेसर ने पीएमओ को मेल करके अवैध खनन की शिकायत की थी।
सिद्धार्थ विश्वविद्यालय के प्राचीन इतिहास, संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग की एसोसिएट प्रो. डॉ. नीता यादव ने पीएमओ को मेल करके कपिलवस्तु क्षेत्र में अवैध खनन की शिकायत की थी और इस पर रोक लगाने की मांग की थी। पीएमओ ने इसका संज्ञान लिया और केंद्रीय पुरातत्व एवं सर्वेक्षण विभाग लखनऊ से जानकारी मांगी। अब पुरातत्व विभाग लखनऊ ने सिद्धार्थनगर कार्यालय से रिपोर्ट मांगी है।
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प्रो. डॉ. नीता यादव के अनुसार कपिलवस्तु क्षेत्र के सभी स्तूपों का उत्खनन हो तो यहां लुबिनी से अधिक प्राचीन अवशेष प्राप्त हो सकते हैं। साक्ष्य अधिक मिल गए तो कपिलवस्तु की ख्याति और अधिक बढ़ जाएगा। संभावना है कि यहां व्यापारिक मार्ग भी रहा होगा। उन्होंने उत्खनन में केंद्रीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के साथ सिद्धार्थ विश्वविद्यालय को सहयोगी संस्था के रूप में कार्य करने का प्रस्ताव भी दिया है। ईमेल में लुंबिनी की तर्ज पर कपिलवस्तु के विकास का आग्रह किया गया है। ईमेल के अनुसार कपिलवस्तु क्षेत्र में पर्याप्त उत्खनन नहीं हुआ है, अवैध खनन भी हो रहा है।
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सिद्धार्थ विश्वविद्यालय कपिलवस्तु की एसोसिएट प्रोफेसर ने नरेंद्र मोदी एप पर ई-मेल किया था। इस संबंध में स्थानीय अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी गई है। पत्र में उत्खनन में विश्वविद्यालय ने सहयोगी संस्था के रूप में कार्य करने का भी प्रस्ताव दिया है।
- आफताब, अधीक्षण पुरातात्विक, केंद्रीय पुरातत्व एवं सर्वेक्षण विभाग