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पथरा क्षेत्र के ग्रामीण संपर्क मार्ग बदहाल
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
Updated Tue, 19 Apr 2016 11:34 PM IST
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पथरा क्षेत्र के ग्रामीण इलाके की बदहाल सड़क।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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पथरा क्षेत्र के ग्रामीण संपर्क मार्गों की हालत काफी खराब है। पूरी सड़क गड्ढे में तब्दील हो चुकी है। इस पर सफर करना जान जोखिम डालने से कम नहीं है।
टेढ़िया चौराहे से गौरागढ़ को जोड़ने वाली 6 किलोमीटर लंबी सड़क पूरी तरह से जर्जर हो चुकी है। हालत यह है की सड़क के पिच का हिस्सा पूरी तरह गायब हो चुका है। कई जगह गिट्टियां दिखाई भी नहीं देतीं।
क्षतिग्रस्त सड़क पर राहगीरों को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। टेढिय़ा से गौरागढ़ को जोडने वाली सड़क बनने के कुछ दिनों बाद से ही पिच उखड़ने लगा था। इसकी शिकायत ग्रामीणों ने जिम्मेदार विभागीय अधिकारियों से किया, लेकिन किसी ने कोई ध्यान नहीं दिया।
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परिणाम यह हुआ कि पिच के साथ-साथ सड़क पर पड़ी गिट्टी भी उधड़ कर तितर-बितर हो गई और अब सड़क पर धूल उड़ रहा है। सड़क पर चलना खतरे से खाली नहीं है। दो पहिया चालक अक्सर इस सड़क पर गिरकर चोटिल हो रहे हैं।
बता दें कि यह सड़क टेढ़िया से सिसई तक पीडब्ल्यूडी, उसके आगे पुरैना तक मंडी समिति और पुरैना से गौरागढ़ तक पीडब्ल्यूडी के अंतर्गत है। दो विभाग के बीच होने से दोनों विभाग के अधिकारी एक-दूसरे को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं।
ऐसा ही कुछ हाल तिगोड़वा से गौरागढ़, गौरागढ़ से मसिना सड़क का है। इन सड़कों की हालत काफी खराब है। सड़क की गिट्टी उधड़ गई है। जगह-जगह गड्ढे हो गए हैं, जो खतरे को दावत दे रहे हैं।
क्षेत्र निवासी अब्दुल सलाम चौधरी, आत्माराम पटेल, नबी सरकार, चिन्नी लाल, नूर मोहम्मद, लालजी त्रिपाठी का कहना है कि विभाग की लापरवाही से सड़क की यह दुर्दशा हो गई। वर्षों से सड़क के रख-रखाव का कोई काम नहीं किया गया है।
अब अगर सड़कों का पुनर्निमाण नहीं किया गया तो सड़क की हालत और बदतर हो जाएगी। इस संबंध में पीडब्ल्यूडी बांसी के अधिशासी अभियंता भूपेश मणि त्रिपाठी का कहना था कि सभी सड़कों का आंकलन बनाकर शासन को भेजा गया है। धन उपलब्ध होने पर सड़क का निर्माण किया जाएगा।
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टेढ़िया चौराहे से गौरागढ़ को जोड़ने वाली 6 किलोमीटर लंबी सड़क पूरी तरह से जर्जर हो चुकी है। हालत यह है की सड़क के पिच का हिस्सा पूरी तरह गायब हो चुका है। कई जगह गिट्टियां दिखाई भी नहीं देतीं।
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क्षतिग्रस्त सड़क पर राहगीरों को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। टेढिय़ा से गौरागढ़ को जोडने वाली सड़क बनने के कुछ दिनों बाद से ही पिच उखड़ने लगा था। इसकी शिकायत ग्रामीणों ने जिम्मेदार विभागीय अधिकारियों से किया, लेकिन किसी ने कोई ध्यान नहीं दिया।
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परिणाम यह हुआ कि पिच के साथ-साथ सड़क पर पड़ी गिट्टी भी उधड़ कर तितर-बितर हो गई और अब सड़क पर धूल उड़ रहा है। सड़क पर चलना खतरे से खाली नहीं है। दो पहिया चालक अक्सर इस सड़क पर गिरकर चोटिल हो रहे हैं।
बता दें कि यह सड़क टेढ़िया से सिसई तक पीडब्ल्यूडी, उसके आगे पुरैना तक मंडी समिति और पुरैना से गौरागढ़ तक पीडब्ल्यूडी के अंतर्गत है। दो विभाग के बीच होने से दोनों विभाग के अधिकारी एक-दूसरे को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं।
ऐसा ही कुछ हाल तिगोड़वा से गौरागढ़, गौरागढ़ से मसिना सड़क का है। इन सड़कों की हालत काफी खराब है। सड़क की गिट्टी उधड़ गई है। जगह-जगह गड्ढे हो गए हैं, जो खतरे को दावत दे रहे हैं।
क्षेत्र निवासी अब्दुल सलाम चौधरी, आत्माराम पटेल, नबी सरकार, चिन्नी लाल, नूर मोहम्मद, लालजी त्रिपाठी का कहना है कि विभाग की लापरवाही से सड़क की यह दुर्दशा हो गई। वर्षों से सड़क के रख-रखाव का कोई काम नहीं किया गया है।
अब अगर सड़कों का पुनर्निमाण नहीं किया गया तो सड़क की हालत और बदतर हो जाएगी। इस संबंध में पीडब्ल्यूडी बांसी के अधिशासी अभियंता भूपेश मणि त्रिपाठी का कहना था कि सभी सड़कों का आंकलन बनाकर शासन को भेजा गया है। धन उपलब्ध होने पर सड़क का निर्माण किया जाएगा।