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धूमधाम से निकली परशुराम की शोभायात्रा
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
Updated Fri, 28 Apr 2017 10:46 PM IST
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पूर्व माध्यमिक विद्यालय भरवठिया बाजार में परशुराम जयंती पर मौजूद छात्र।
- फोटो : अमर उजाला
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सिद्धार्थनगर। भगवान परशुराम की जयंती पर शुक्रवार को नगर में भव्य शोभायात्रा निकाली गई। ब्राह्मण महासभा के बैनर तले निकली शोभायात्रा ने पूरे नगर का भ्रमण किया। ब्राह्मण समाज के लोगों को एकजुटता का संदेश दिया। सिंहेश्वरी मंदिर परिसर से शुरू हुई यात्रा मालगोदाम रोड, सिद्धार्थ तिराहा, सदर तहसील, ब्लॉक, बेलहिया तिराहा से अशोक रोड, कलेक्ट्रेट, भीमापार, बांसी स्टैंड होते हुए पुन: सिंहेश्वरी मंदिर पहुंचकर समाप्त हुआ। यात्रा में शामिल लोग भगवान परशुराम के जयकारे लगाते रहे। ब्राह्मण समाज की एकजुटता के लिए लोगों से आह्वान करते रहे।
महासभा के राष्ट्रीय महासचिव श्यामनारायण चौबे ने कहा कि भगवान परशुराम का मकसद अन्याय, अत्याचार का खात्मा था। आज समाज में बढ़ रही आपराधिक प्रवृत्तियों को खत्म करने के लिए ब्राह्मण समाज के लोगों को आगे आना होगा। यात्रा में जिला पंचायत सदस्य गंगा मिश्र, जिलाध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद पाठक, प्रेमनारायण पांडेय, अजय शुक्ला, कमलेश दुबे, दीपेंद्र मणि, प्रमोद पांडेय, मनीष, राजन तिवारी, संतराम, बृजेश पांडेय, बृजेश चौबे, गुड्डू, घनश्याम उपाध्याय, विपुल, मोनू, रामेश्वर पांडेय, राहुल द्विवेदी, सत्यप्रकाश पांडेय, दुर्गेश शुक्ला, अरविंद शुक्ला, शशांक शेखर, राजेश मणि त्रिपाठी, अजय पांडेय और ओंकार पांडेय आदि शामिल रहे।
डुमरियागंज। भनवापुर ब्लाक क्षेत्र के परिषदीय स्कूलों में भगवान परशुराम जयंती शुक्रवार को मनाई गई। बच्चों को उनके बारे में विस्तार से शिक्षकों ने बताया। पूर्व माध्यमिक विद्यालय भरवठिया बाजार में प्रधानाध्यापक वहाजुद्दीन और एनपीआरसी जोहरा फातिमा मलिक ने भगवान परशुराम के चित्र पर माल्यापर्ण किया। जोहरा फातिमा मलिक ने कहा कि परशुराम जयंती हिंदू पंचाग के वैषाख मास के शुक्लपक्ष तृतीया को मनाई जाती है। इसे अक्षय तृतीया के नाम से भी जाना जाता है। इसी दिन से त्रेतायुग का आरंभ माना जाता है। परशुराम दो शब्दों से मिलकर बना है। परशु का मतलब कुल्हाड़ी और राम भगवान विष्णु का दूसरा नाम है।
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भगवान विष्णु के छठवें अवतार के रूप में भगवान परशुराम पृथ्वी पर अवतरित हुए थे। गोष्ठी में सहायक अध्यापक किरन, प्रमिला, श्वेता आदि उपस्थित रहीं। परिषदीय विद्यालय चिताही में आयोजित कार्यक्रम में प्रधानाध्यापक रामअशीष, अशफाक अहमद, मगरांव में प्रधानाध्यापक दुर्गेश मिश्रा, सेखुई गोवर्धन में प्रधानाध्यापक शिवकुमार, बिजवार बढ़ई में अजय पांडेय, बुढिय़ा टायर में बाल गोविंद मिश्रा, हिजुरा में जयप्रकाश तिवारी व संतोष गुप्ता और डुमरियागंज के बेदौला स्थित पूर्व माध्यमिक विद्यालय में प्रधानाध्यापिका प्रीती आदि के निर्देशन में परशुराम जयंती मनाई गई।
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महासभा के राष्ट्रीय महासचिव श्यामनारायण चौबे ने कहा कि भगवान परशुराम का मकसद अन्याय, अत्याचार का खात्मा था। आज समाज में बढ़ रही आपराधिक प्रवृत्तियों को खत्म करने के लिए ब्राह्मण समाज के लोगों को आगे आना होगा। यात्रा में जिला पंचायत सदस्य गंगा मिश्र, जिलाध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद पाठक, प्रेमनारायण पांडेय, अजय शुक्ला, कमलेश दुबे, दीपेंद्र मणि, प्रमोद पांडेय, मनीष, राजन तिवारी, संतराम, बृजेश पांडेय, बृजेश चौबे, गुड्डू, घनश्याम उपाध्याय, विपुल, मोनू, रामेश्वर पांडेय, राहुल द्विवेदी, सत्यप्रकाश पांडेय, दुर्गेश शुक्ला, अरविंद शुक्ला, शशांक शेखर, राजेश मणि त्रिपाठी, अजय पांडेय और ओंकार पांडेय आदि शामिल रहे।
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डुमरियागंज। भनवापुर ब्लाक क्षेत्र के परिषदीय स्कूलों में भगवान परशुराम जयंती शुक्रवार को मनाई गई। बच्चों को उनके बारे में विस्तार से शिक्षकों ने बताया। पूर्व माध्यमिक विद्यालय भरवठिया बाजार में प्रधानाध्यापक वहाजुद्दीन और एनपीआरसी जोहरा फातिमा मलिक ने भगवान परशुराम के चित्र पर माल्यापर्ण किया। जोहरा फातिमा मलिक ने कहा कि परशुराम जयंती हिंदू पंचाग के वैषाख मास के शुक्लपक्ष तृतीया को मनाई जाती है। इसे अक्षय तृतीया के नाम से भी जाना जाता है। इसी दिन से त्रेतायुग का आरंभ माना जाता है। परशुराम दो शब्दों से मिलकर बना है। परशु का मतलब कुल्हाड़ी और राम भगवान विष्णु का दूसरा नाम है।
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भगवान विष्णु के छठवें अवतार के रूप में भगवान परशुराम पृथ्वी पर अवतरित हुए थे। गोष्ठी में सहायक अध्यापक किरन, प्रमिला, श्वेता आदि उपस्थित रहीं। परिषदीय विद्यालय चिताही में आयोजित कार्यक्रम में प्रधानाध्यापक रामअशीष, अशफाक अहमद, मगरांव में प्रधानाध्यापक दुर्गेश मिश्रा, सेखुई गोवर्धन में प्रधानाध्यापक शिवकुमार, बिजवार बढ़ई में अजय पांडेय, बुढिय़ा टायर में बाल गोविंद मिश्रा, हिजुरा में जयप्रकाश तिवारी व संतोष गुप्ता और डुमरियागंज के बेदौला स्थित पूर्व माध्यमिक विद्यालय में प्रधानाध्यापिका प्रीती आदि के निर्देशन में परशुराम जयंती मनाई गई।