{"_id":"69cacc05690408f0270b694f","slug":"now-daughters-will-study-till-intermediate-kasturba-vidyalayas-upgraded-siddharthnagar-news-c-227-1-sgkp1033-155801-2026-03-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"Siddharthnagar News: अब इंटर तक पढ़ेंगी बेटियां... कस्तूरबा विद्यालय हुए अपग्रेड","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Siddharthnagar News: अब इंटर तक पढ़ेंगी बेटियां... कस्तूरबा विद्यालय हुए अपग्रेड
Tue, 31 Mar 2026 12:46 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Tue, 31 Mar 2026 12:46 AM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
- जिले के सात कस्तूरबा विद्यालयों में शुरू होगी इंटरमीडिएट की पढ़ाई, आठवीं के बाद अब उसी परिसर में मिलेगा कक्षा नौ में प्रवेश
- बेसिक शिक्षा विभाग ने निरीक्षण और हैंडओवर प्रक्रिया लगभग पूरी की, बेटियों को बाहर भटकने से मिलेगी राहत, शिक्षा का दायरा बढ़ा
सिद्धार्थनगर। जिले में बेटियों को इंटरमीडिएट की पढ़ाई के लिए अब अधिक भाग-दौड़ नहीं करनी होगी। सात कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय को अपग्रेड करके इंटरमीडिएट में बदल दिए गए हैं। विद्यालयों के निर्माण का कार्य भी पूरा हो गया है। जल्द ही विद्यालय भवन हैंडओवर होंगे और इसी सत्र से विद्यालय में प्रवेश की प्रक्रिया भी शुरू हो जाएगी।
इसके लिए विभागीय तैयारी की जा रही है। ऐसे में अब आठवीं कक्षा की पढ़ाई पूरी करने के बाद छात्राओं अन्यत्र विद्यालय में नहीं जाना पड़ेगा। वहीं, दूरी की डर से बीच में पढ़ाई छोड़ देने वाली बेटियों की मुश्किल कम होगी। क्योंकि, उन्हें वहीं पर इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई पूरी करने की सुविधा मिल जाएगी।
सरकार बेटियों को सशक्त और शिक्षित बनाने पर जोर दे रहे हैं। बेटियां पढ़ लिखकर आगे बढ़ सकें और बेहतर मुकाम हासिल कर सकें। इसके लिए उन्हें पढ़ाई करने का अनुकूल माहौल दिया जा रहा है। लंबे समय तक संचालित हो रहे कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय को अपग्रेड करते हुए इंटरमीडिएट स्तर पर कर दिया गया है। इससे आठवीं के बाद आगे पढ़ाई करने वाली छात्राओं को भाग-दौड़ न करनी पड़े। साथ ही विद्यालय दूर होने या फिर आर्थिक परेशानियों के कारण बीच में पढ़ाई छोड़ देने वाली छात्राओं के समक्ष ऐसे नौबत न आए। वह एक बार प्रवेश लेने के बाद इंटरमीडिएट तक की शिक्षा वहीं पर रहकर ग्रहण कर सकें।
विज्ञापन
कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय की बात करें तो जनपद में 14 ब्लॉक स्तर पर विद्यालय संचालित हो रहे हैं। इन्हीं विद्यालयों को अपग्रेड कर दिया गया है। इसमें कुछ विद्यालय जहां पर जमीन थी, वहां उसी परिसर में ही इंटरमीडिएट की कक्षा चलाए जाने के लिए नया भवन बनाया गया। वहीं, जहां जमीन उपलब्ध नहीं था। वहीं, उसी ब्लॉक में आसपास जहां पर भूमि मिली है, वहां पर नया भवन बनाने का कार्य शुरू हुआ था। इसमें जनपद में सात विद्यालय का काम पूरा हो चुका है। विभागीय अधिकारी भवन का स्थलीय निरीक्षण भी कर चुके हैं। इसी सत्र में प्रवेश लिया जाएगा। इसके लिए कागजी प्रक्रिया शुरू हो गई है।
इन ब्लॉकों में शुरू होगी इंटरमीडिएट की पढ़ाई
विभाग से मिली जानकारी के अनुसार बढ़नी, इटवा, भनवापुर, डुमरियागंज, शोहरतगढ़, खेसरहा और बर्डपुर विद्यालय शामिल हैं, जहां पर इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई शुरू होगी। एक चार कक्षा 9वीं से 12वीं तक देखा जाए तो एक-एक विद्यालय में कम से कम 400 छात्राओं को प्रवेश मिलेगा। ऐसे में 2500 से अधिक छात्राओं को लाभ मिलने का अनुमान है। अब आठवीं की पढ़ाई पूरी करने वाली छात्राओं को दूसरे विद्यालय में प्रवेश के लिए भाग-दौड़ नहीं करनी होगी। वह कस्तूरबा से ही अगली कक्षा में प्रवेश ले सकेंगी। जानकारों के मुताबिक इस मॉडल विद्यालय में बेहतर कक्ष के साथ ही लैब आदि की व्यवस्था रहेगी, जहां छात्राएं विज्ञान की पढ़ाई कर सकेंगी।
सात विद्यालय भवन तैयार हो गए हैं। उनमें इंटरमीडिएट की कक्षाएं संचालित होंगी। इसी सत्र में प्रवेश लिए जाने के लिए प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
- शैलेश कुमार, बीएसए
- बेसिक शिक्षा विभाग ने निरीक्षण और हैंडओवर प्रक्रिया लगभग पूरी की, बेटियों को बाहर भटकने से मिलेगी राहत, शिक्षा का दायरा बढ़ा
सिद्धार्थनगर। जिले में बेटियों को इंटरमीडिएट की पढ़ाई के लिए अब अधिक भाग-दौड़ नहीं करनी होगी। सात कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय को अपग्रेड करके इंटरमीडिएट में बदल दिए गए हैं। विद्यालयों के निर्माण का कार्य भी पूरा हो गया है। जल्द ही विद्यालय भवन हैंडओवर होंगे और इसी सत्र से विद्यालय में प्रवेश की प्रक्रिया भी शुरू हो जाएगी।
इसके लिए विभागीय तैयारी की जा रही है। ऐसे में अब आठवीं कक्षा की पढ़ाई पूरी करने के बाद छात्राओं अन्यत्र विद्यालय में नहीं जाना पड़ेगा। वहीं, दूरी की डर से बीच में पढ़ाई छोड़ देने वाली बेटियों की मुश्किल कम होगी। क्योंकि, उन्हें वहीं पर इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई पूरी करने की सुविधा मिल जाएगी।
विज्ञापन
सरकार बेटियों को सशक्त और शिक्षित बनाने पर जोर दे रहे हैं। बेटियां पढ़ लिखकर आगे बढ़ सकें और बेहतर मुकाम हासिल कर सकें। इसके लिए उन्हें पढ़ाई करने का अनुकूल माहौल दिया जा रहा है। लंबे समय तक संचालित हो रहे कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय को अपग्रेड करते हुए इंटरमीडिएट स्तर पर कर दिया गया है। इससे आठवीं के बाद आगे पढ़ाई करने वाली छात्राओं को भाग-दौड़ न करनी पड़े। साथ ही विद्यालय दूर होने या फिर आर्थिक परेशानियों के कारण बीच में पढ़ाई छोड़ देने वाली छात्राओं के समक्ष ऐसे नौबत न आए। वह एक बार प्रवेश लेने के बाद इंटरमीडिएट तक की शिक्षा वहीं पर रहकर ग्रहण कर सकें।
विज्ञापन
कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय की बात करें तो जनपद में 14 ब्लॉक स्तर पर विद्यालय संचालित हो रहे हैं। इन्हीं विद्यालयों को अपग्रेड कर दिया गया है। इसमें कुछ विद्यालय जहां पर जमीन थी, वहां उसी परिसर में ही इंटरमीडिएट की कक्षा चलाए जाने के लिए नया भवन बनाया गया। वहीं, जहां जमीन उपलब्ध नहीं था। वहीं, उसी ब्लॉक में आसपास जहां पर भूमि मिली है, वहां पर नया भवन बनाने का कार्य शुरू हुआ था। इसमें जनपद में सात विद्यालय का काम पूरा हो चुका है। विभागीय अधिकारी भवन का स्थलीय निरीक्षण भी कर चुके हैं। इसी सत्र में प्रवेश लिया जाएगा। इसके लिए कागजी प्रक्रिया शुरू हो गई है।
इन ब्लॉकों में शुरू होगी इंटरमीडिएट की पढ़ाई
विभाग से मिली जानकारी के अनुसार बढ़नी, इटवा, भनवापुर, डुमरियागंज, शोहरतगढ़, खेसरहा और बर्डपुर विद्यालय शामिल हैं, जहां पर इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई शुरू होगी। एक चार कक्षा 9वीं से 12वीं तक देखा जाए तो एक-एक विद्यालय में कम से कम 400 छात्राओं को प्रवेश मिलेगा। ऐसे में 2500 से अधिक छात्राओं को लाभ मिलने का अनुमान है। अब आठवीं की पढ़ाई पूरी करने वाली छात्राओं को दूसरे विद्यालय में प्रवेश के लिए भाग-दौड़ नहीं करनी होगी। वह कस्तूरबा से ही अगली कक्षा में प्रवेश ले सकेंगी। जानकारों के मुताबिक इस मॉडल विद्यालय में बेहतर कक्ष के साथ ही लैब आदि की व्यवस्था रहेगी, जहां छात्राएं विज्ञान की पढ़ाई कर सकेंगी।
सात विद्यालय भवन तैयार हो गए हैं। उनमें इंटरमीडिएट की कक्षाएं संचालित होंगी। इसी सत्र में प्रवेश लिए जाने के लिए प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
- शैलेश कुमार, बीएसए