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महिलाओं ने उगाया मशरूम, अब बेचने की तैयारी
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खुरहुरिया में मशरूम उगा रही है महिलाएं। विज्ञप्ति
- फोटो : SIDDHARTHNAGAR
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महिलाओं ने उगाया मशरूम, अब बेचने की तैयारी
- बढ़नी के खुरहुरिया गांव की महिलाएं घर में उगा रही हैं मशरूम
- परिवार की आय बढ़ाने में बंटाएगी हाथ, काम आया प्रशिक्षण
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। अपने घर के लिए मशरूम उगाने वाली बढ़नी क्षेत्र के खुरहुरिया गांव की महिलाओं ने अब इसे तरक्की का जरिया बनाने की तैयारी कर ली है। प्रशिक्षण के बाद स्वयं सहायता समूह की 10 महिलाएं मशरूम उगाने के ट्रायल में सफल हुई तो उन्होंने मशरूम से परिवार की आय बढ़ाने का निर्णय किया है। जल्द ही मशरूम का पैकेट बनाकर वे खुद ही स्वरोजगार का सृजन करने में सफल हो जाएंगी।
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत लक्ष्मी स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने विशेषज्ञ दीनानाथ से मशरूम उगाने का प्रशिक्षण प्राप्त किया। पांच-पांच महिलाओं के दो समूह ने दो घरों में तीन माह पहले मशरूम उगाने का ट्रायल किया, जिसमें वे सफल रहीं। समूह की अध्यक्ष मीना ने बताया कि उन्होंने पहले प्रयास में एक क्विंटल भूसा से कंपोस्ट खाद बनाकर मशरूम का बीज डाला। ढाई महीने में मशरूम पैदा होने लगा। एक महीने में महीने में करीब 30 किलो मशरूम पैदा हुआ। पहली बार पैदा हुए मशरूम को उन्होंने अपने घर में सब्जी बना ली, अब बेचने की कोशिश कर रही हैं।
समूह की शांति देवी का कहना है कि प्रशिक्षण के बाद उन्होंने अपने घर में बनाने के लिए मशरूम उगाया। अब अधिक बीज डालने की तैयारी है, जबकि हंसावती को उम्मीद है कि मशरूम के जरिए उनके परिवार की आमदनी बढ़ जाएगी।
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राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के उपायुक्त योगेंद्र लाल भारती ने बताया कि खुरहुरिया की महिलाएं बटन प्रजाति की मशरूम उगा रही हैं। अब वे मशरूम से तरक्की का सफर शुरू करेंगी।
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- बढ़नी के खुरहुरिया गांव की महिलाएं घर में उगा रही हैं मशरूम
- परिवार की आय बढ़ाने में बंटाएगी हाथ, काम आया प्रशिक्षण
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। अपने घर के लिए मशरूम उगाने वाली बढ़नी क्षेत्र के खुरहुरिया गांव की महिलाओं ने अब इसे तरक्की का जरिया बनाने की तैयारी कर ली है। प्रशिक्षण के बाद स्वयं सहायता समूह की 10 महिलाएं मशरूम उगाने के ट्रायल में सफल हुई तो उन्होंने मशरूम से परिवार की आय बढ़ाने का निर्णय किया है। जल्द ही मशरूम का पैकेट बनाकर वे खुद ही स्वरोजगार का सृजन करने में सफल हो जाएंगी।
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत लक्ष्मी स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने विशेषज्ञ दीनानाथ से मशरूम उगाने का प्रशिक्षण प्राप्त किया। पांच-पांच महिलाओं के दो समूह ने दो घरों में तीन माह पहले मशरूम उगाने का ट्रायल किया, जिसमें वे सफल रहीं। समूह की अध्यक्ष मीना ने बताया कि उन्होंने पहले प्रयास में एक क्विंटल भूसा से कंपोस्ट खाद बनाकर मशरूम का बीज डाला। ढाई महीने में मशरूम पैदा होने लगा। एक महीने में महीने में करीब 30 किलो मशरूम पैदा हुआ। पहली बार पैदा हुए मशरूम को उन्होंने अपने घर में सब्जी बना ली, अब बेचने की कोशिश कर रही हैं।
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समूह की शांति देवी का कहना है कि प्रशिक्षण के बाद उन्होंने अपने घर में बनाने के लिए मशरूम उगाया। अब अधिक बीज डालने की तैयारी है, जबकि हंसावती को उम्मीद है कि मशरूम के जरिए उनके परिवार की आमदनी बढ़ जाएगी।
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राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के उपायुक्त योगेंद्र लाल भारती ने बताया कि खुरहुरिया की महिलाएं बटन प्रजाति की मशरूम उगा रही हैं। अब वे मशरूम से तरक्की का सफर शुरू करेंगी।