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मलेरिया की रोकथाम को मिला डीडीटी
सिद्धार्थनगर(ब्यूरो)
Updated Thu, 23 Mar 2017 12:36 AM IST
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सिद्धार्थनगर। जिले के तीन ब्लॉकों को मलेरिया मुक्त बनाने के लिए 180 बोरे डीडीटी की आपूर्ति जिला मलेरिया विभाग को मिली है। आपूर्ति में तो बाकी सब ठीक है पर मैन्यूफैक्चरिंग और एक्सपायर होने की तिथि को स्केच पेन से इंगित किया गया है। जिला मलेरिया विभाग इस लापरवाही पर जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहा है। विभाग का कहना है यह छिड़काव के लिए शासन स्तर से प्राप्त हुआ है, इसकी खरीदारी यहां से नहीं हुई है।
नौगढ़, खेसरहा और बांसी विकास खंड को मलेरिया मुक्त बनाने के लिए मलेरिया विभाग को 180 बोरे डीडीटी (ब्लीचिंग पाउडर) की आपूर्ति बुधवार को की गई। यह पाउडर हिन्दुस्तान मैन्यूफैक्चर्ड के बोरे में पैक है। पैक बोरों पर उत्पाद के मैन्यूफैक्चिरिंग और एक्सपायर होने की तिथि को स्केच पेन से उल्लिखित किया गया है, जबकि निर्माता कंपनी अपने बोरों पर इसे प्रिंट करवाकर उत्पाद को पैक करती है। सूत्रों की मानें तो यह उत्पाद काफी पुराना है, क्योंकि पाउडर ढेले मेें तब्दील हो चुके हैं। बिना गुणवत्ता की जांच के ही बोरों में भरकर सप्लाई में भेज दी गई। कंपनी से आने हर उत्पादों के निर्माण की तारीख तथा उनके खराब होने की तारीख इंगित होती है पर आपूर्ति हुए बोरों पर स्केच पेन के सहारे इसे दर्शाया गया है। इस संबंध में जिला मलेरिया अधिकारी त्रिभुवन चौधरी का कहना है कि जो भी उत्पाद मलेरिया की रोकथाम के लिए प्राप्त हुआ है वह शासन स्तर से प्राप्त हुआ है। यहां से कोई खरीदारी नहीं हुई, इसलिए स्केच से लिखे होने की बाबत उन्हें जानकारी नहीं है। गुणवत्ता अगर खराब मिली तो बोरों को वापस भेज दिया जाएगा।
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नौगढ़, खेसरहा और बांसी विकास खंड को मलेरिया मुक्त बनाने के लिए मलेरिया विभाग को 180 बोरे डीडीटी (ब्लीचिंग पाउडर) की आपूर्ति बुधवार को की गई। यह पाउडर हिन्दुस्तान मैन्यूफैक्चर्ड के बोरे में पैक है। पैक बोरों पर उत्पाद के मैन्यूफैक्चिरिंग और एक्सपायर होने की तिथि को स्केच पेन से उल्लिखित किया गया है, जबकि निर्माता कंपनी अपने बोरों पर इसे प्रिंट करवाकर उत्पाद को पैक करती है। सूत्रों की मानें तो यह उत्पाद काफी पुराना है, क्योंकि पाउडर ढेले मेें तब्दील हो चुके हैं। बिना गुणवत्ता की जांच के ही बोरों में भरकर सप्लाई में भेज दी गई। कंपनी से आने हर उत्पादों के निर्माण की तारीख तथा उनके खराब होने की तारीख इंगित होती है पर आपूर्ति हुए बोरों पर स्केच पेन के सहारे इसे दर्शाया गया है। इस संबंध में जिला मलेरिया अधिकारी त्रिभुवन चौधरी का कहना है कि जो भी उत्पाद मलेरिया की रोकथाम के लिए प्राप्त हुआ है वह शासन स्तर से प्राप्त हुआ है। यहां से कोई खरीदारी नहीं हुई, इसलिए स्केच से लिखे होने की बाबत उन्हें जानकारी नहीं है। गुणवत्ता अगर खराब मिली तो बोरों को वापस भेज दिया जाएगा।
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