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तारों के मकड़जाल में उलझा नगर पंचायत इटवा की विद्युत आपूर्ति
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तारों के मकड़जाल में उलझी नगर पंचायत की विद्युत आपूर्ति
इटवा (सिद्धार्थनगर)। दो वर्ष पूर्व नगर पंचायत बने इटवा कस्बा में शहरी सुविधाएं नदारद हैं। यहां एक पोल से कई घरों तक विद्युत आपूर्ति हो रही है। वहीं, तार के टूटकर गिरने का खतरा हर समय मंडराता है। साथ ही बांस और बल्ली के सहारे हो रही बिजली आपूर्ति से भी कभी भी बड़ा हादसा होने का खतरा बना रहता है। तारों के मकड़जाल से इटवा कस्बा में बिजली आपूर्ति उलझ कर रह गई है।
इटवा कस्बा में एक ही खंभे से कई उपभोक्ता दो से ढाई सौ मीटर दूर केबिल लगाकर विद्युत आपूर्ति लेने को मजबूर है। उपभोक्ता इन केबिल को बांस आदि के सहारे घर तक आपूर्ति पहुंचा रहे हैं। नगर पंचायत इटवा के मोहम्मद शरीफ बताते हैं कि तहसील बाउंड्रीवाल के पास स्थित बिजली ट्रांसफार्मर से दो सौ मीटर दूर घर तक विद्युत आपूर्ति पहुंचाने के लिये लकड़ी की चार बल्लियों का सहारा लेना पड़ा है। अन्य कई लोगों ने भी बांस पर केबिल दौड़ाकर विद्युत आपूर्ति ले रहे है परंतु दूरी के चलते आए दिन आपूर्ति बाधित हो रहा है। पहाड़पुर निवासी इमरान अली कहते हैं कि विद्युत विभाग आपूर्ति करने में फिसड्डी है, परंतु उपभोक्ताओं को आपूर्ति से अधिक बिल भेजने मे कभी पीछे नहीं रहा है। जिसके चलते आए दिन विद्युत उपकेंद्र इटवा अक्सर विवाद होता रहता है।
कस्बा निवासी रिजवान सिद्दीकी कहते हैं कि थाने के पीछे मेरे मोहल्ले में एक ही खंभे से दर्जनों लोग दूर-दूर तक केबिल से घर में विद्युत आपूर्ति लेने को विवश हैं। अधिक लोड के कारण बिजली खंभा टेढ़ा हो गया है, जो कभी भी गिर सकता है। कमदालालपुर निवासी मोहम्मद कमर बताते है कि विद्युत आपूर्ति के लिए दौड़ाई गई लाइनों का आलम यह है कि खंभों में आए दिन विद्युत प्रवाहित हो रहा है। जिसके चलते कई पशु करंट की चपेट में जान गंवा चुके हैं। एई विद्युत कौशल किशोर का कहना है कि शीघ्र ही इस मकड़जाल से मुक्ति दिलाई जाएगी।
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इटवा (सिद्धार्थनगर)। दो वर्ष पूर्व नगर पंचायत बने इटवा कस्बा में शहरी सुविधाएं नदारद हैं। यहां एक पोल से कई घरों तक विद्युत आपूर्ति हो रही है। वहीं, तार के टूटकर गिरने का खतरा हर समय मंडराता है। साथ ही बांस और बल्ली के सहारे हो रही बिजली आपूर्ति से भी कभी भी बड़ा हादसा होने का खतरा बना रहता है। तारों के मकड़जाल से इटवा कस्बा में बिजली आपूर्ति उलझ कर रह गई है।
इटवा कस्बा में एक ही खंभे से कई उपभोक्ता दो से ढाई सौ मीटर दूर केबिल लगाकर विद्युत आपूर्ति लेने को मजबूर है। उपभोक्ता इन केबिल को बांस आदि के सहारे घर तक आपूर्ति पहुंचा रहे हैं। नगर पंचायत इटवा के मोहम्मद शरीफ बताते हैं कि तहसील बाउंड्रीवाल के पास स्थित बिजली ट्रांसफार्मर से दो सौ मीटर दूर घर तक विद्युत आपूर्ति पहुंचाने के लिये लकड़ी की चार बल्लियों का सहारा लेना पड़ा है। अन्य कई लोगों ने भी बांस पर केबिल दौड़ाकर विद्युत आपूर्ति ले रहे है परंतु दूरी के चलते आए दिन आपूर्ति बाधित हो रहा है। पहाड़पुर निवासी इमरान अली कहते हैं कि विद्युत विभाग आपूर्ति करने में फिसड्डी है, परंतु उपभोक्ताओं को आपूर्ति से अधिक बिल भेजने मे कभी पीछे नहीं रहा है। जिसके चलते आए दिन विद्युत उपकेंद्र इटवा अक्सर विवाद होता रहता है।
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कस्बा निवासी रिजवान सिद्दीकी कहते हैं कि थाने के पीछे मेरे मोहल्ले में एक ही खंभे से दर्जनों लोग दूर-दूर तक केबिल से घर में विद्युत आपूर्ति लेने को विवश हैं। अधिक लोड के कारण बिजली खंभा टेढ़ा हो गया है, जो कभी भी गिर सकता है। कमदालालपुर निवासी मोहम्मद कमर बताते है कि विद्युत आपूर्ति के लिए दौड़ाई गई लाइनों का आलम यह है कि खंभों में आए दिन विद्युत प्रवाहित हो रहा है। जिसके चलते कई पशु करंट की चपेट में जान गंवा चुके हैं। एई विद्युत कौशल किशोर का कहना है कि शीघ्र ही इस मकड़जाल से मुक्ति दिलाई जाएगी।
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