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पत्नी को आत्महत्या के लिए उकसाने पर सात साल की सजा
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पत्नी को आत्महत्या के लिए उकसाने पर सात साल की सजा
- 20 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया गया
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। दहेज उत्पीड़न एवं आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में प्रथम अपर जिला सत्र न्यायाधीश शकील उर रहमान खान ने सोमवार को पति को सात साल की कारावास सजा सुनाई। 20 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। वहीं, ससुर और देवर को संदेह का लाभ देते हुए आरोप से मुक्त कर दिया।
रामविलास गुप्ता निवासी श्रीपालपुर टोला वाल्टरगंज थाना वाल्टरगंज जिला बस्ती ने डुमरियागंज थाने में 23 अप्रैल 2018 को आरोप लगाया था कि उनकी पुत्री राधिका को दहेज के मामले में पति कन्हैयालाल, ससुर रामचंद्र व देवर राज गुप्ता ने मिलकर प्रताड़ित किया। जिसके कारण उनकी पुत्री ने आत्महत्या कर ली। इस मामले में डुमरियागंज पुलिस ने दहेज हत्या के मामले में केस दर्ज किया। आरोप पत्र को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। सोमवार को मामले की सुनवाई करते हुए प्रथम अपर जिला सत्र न्यायाधीश शकील उर रहमान खान प्रथम ने पति कन्हैयालाल को सात साल की सजा सुनाई। 20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। वहीं, क्रूरता के लिए दो साल की कैद और दो हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया। ससुर रामचंद्र व देवर राज गुप्ता पर अभियोजन अपना केस साबित नहीं कर पाया, जिन्हें संदेह का लाभ देकर बरी कर दिया गया। पति कन्हैयालाल जिसको जमानत नहीं मिली थी। सजा के लिए जिला जेल भेज दिया गया है।
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- 20 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया गया
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। दहेज उत्पीड़न एवं आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में प्रथम अपर जिला सत्र न्यायाधीश शकील उर रहमान खान ने सोमवार को पति को सात साल की कारावास सजा सुनाई। 20 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। वहीं, ससुर और देवर को संदेह का लाभ देते हुए आरोप से मुक्त कर दिया।
रामविलास गुप्ता निवासी श्रीपालपुर टोला वाल्टरगंज थाना वाल्टरगंज जिला बस्ती ने डुमरियागंज थाने में 23 अप्रैल 2018 को आरोप लगाया था कि उनकी पुत्री राधिका को दहेज के मामले में पति कन्हैयालाल, ससुर रामचंद्र व देवर राज गुप्ता ने मिलकर प्रताड़ित किया। जिसके कारण उनकी पुत्री ने आत्महत्या कर ली। इस मामले में डुमरियागंज पुलिस ने दहेज हत्या के मामले में केस दर्ज किया। आरोप पत्र को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। सोमवार को मामले की सुनवाई करते हुए प्रथम अपर जिला सत्र न्यायाधीश शकील उर रहमान खान प्रथम ने पति कन्हैयालाल को सात साल की सजा सुनाई। 20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। वहीं, क्रूरता के लिए दो साल की कैद और दो हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया। ससुर रामचंद्र व देवर राज गुप्ता पर अभियोजन अपना केस साबित नहीं कर पाया, जिन्हें संदेह का लाभ देकर बरी कर दिया गया। पति कन्हैयालाल जिसको जमानत नहीं मिली थी। सजा के लिए जिला जेल भेज दिया गया है।
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