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Siddharthnagar: हत्या के मामले में पति-पत्नी को आजीवन कारावास, किशोरी को जलाकर मारने का था आरोप
Tue, 09 Aug 2022 10:26 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर।
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर।
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Tue, 09 Aug 2022 10:26 AM IST
सार
बचाव पक्ष ने दलील देते हुए कहा कि दोनों अभियुक्त पति-पत्नी हैं, जिनके छोटे-छोटे बच्चे हैं, जिनकी देखभाल करने वाला कोई नहीं है। इसलिए कम से कम सजा दी जाए। न्यायालय ने दलीलें सुनते हुए यह निर्धारित किया कि मामला विरलतम प्रकृति का नहीं है, इसलिए दोनों दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : istock
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विस्तार
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम ने सोमवार को हत्या का दोष सिद्ध होने पर अभियुक्त दंपती को आजीवन करावास की सजा सुनाई। 40 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया गया है।
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मिश्रौलिया थानाक्षेत्र के गौरडीह निवासी ओम प्रकाश उर्फ पप्पू पुत्र उदयराज ने 28 सितंबर 2015 को मिश्रौलिया थाने में तहरीर दी थी। आरोप लगाया कि पड़ोसी दिलीप पुत्र मंसू जमीनी विवाद में शाम करीब छह बजे उसके घर पहुंचकर गाली दे रहा था। 17 वर्षीय बहन पुष्पा ने विरोध किया। इससे आक्रोशित होकर दिलीप ने पत्नी विमला के साथ मिलकर बहन के ऊपर तेल डाल कर आग लगा दी। जिससे वह गंभीर रुप से झुलस गई।
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उसे मेडिकल कॉलेज गोरखपुर में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने इस घटना में मुकदमा पंजीकृत किया। पुलिस ने मामले को हत्या के मामले में तब्दील कर दिया और विवेचनोपरांत न्यायालय के समक्ष आरोप पत्र प्रेषित किया।
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बचाव पक्ष ने दलील देते हुए कहा कि दोनों अभियुक्त पति-पत्नी हैं, जिनके छोटे-छोटे बच्चे हैं, जिनकी देखभाल करने वाला कोई नहीं है। इसलिए कम से कम सजा दी जाए। न्यायालय ने दलीलें सुनते हुए यह निर्धारित किया कि मामला विरलतम प्रकृति का नहीं है, इसलिए दोनों दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
40 हजार रुपये अर्थदंड जमा न करने की स्थिति में तीन माह की अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी। न्यायालय ने अर्थदंड के 70 फीसदी धनराशि का भुगतान मृतका के परिजनों को करने का आदेश दिया है।