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तत्काल टिकट बुकिंग का अवैध सॉफ्टवेयर ञ्च रुपये 1600
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तत्काल टिकट बुकिंग का अवैध सॉफ्टवेयर 1600 में
ऑनलाइन बिक रहा रेडबुल सॉफ्टवेयर
ऐहतेशाम उद्दीन अहमद
सिद्धार्थनगर। महज चार सेकेंड मेें छह से 36 तत्काल टिकट बुक करने वाला अवैध सॉफ्टवेयर रेडबुल ऑनलाइन बाजार में महज 1600 रुपये में उपलब्ध है। सॉफ्टवेयर उपलब्ध कराने वाली वेबसाइट के संचालक बिक्री के बाद लगातार अपडेट और सपोर्ट उपलब्ध करा रहे हैं।
रेलवे सुरक्षा बल आरपीएफ ने अवैध रूप से तत्काल टिकट बनाने वालों को पकड़ने के लिए 25 जनवरी को इटवा और गोल्हौरा थानाक्षेत्र में छापा डाला था। आरपीएफ ने 32 तत्काल आरक्षित टिकट सहित कुछ नकदी बरामद की थी। आरपीएफ ने रामसहज नाम के व्यक्ति को भी दबोचा था। पूछताछ में रामसहज ने बताया था कि तत्काल टिकट बुक करने के लिए वह लोग रेडबुल नामक सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करते हैं। रेडबुल सॉफ्टवेयर सॉफ्टवेयर आईआरसीटीसी की वेबसाइट के एक्सटेंशन (विस्तार) के रूप में काम करता है। आरपीएफ गोरखपुर के इंस्पेक्टर रवि कुमार बताते हैं कि रेडबुल सॉफ्टवेयर अवैध है, इसका इस्तेमाल करना अपराध है। अवैध होने के बावजूद यह सॉफ्टवेयर ऑनलाइन बाजार में महज 1600 रुपये में उपलब्ध है। इंटरनेट के सर्च इंजन पर रेडबुल तत्काल सॉफ्टवेयर लिखकर सर्च करने पर कम से कम दस वेबसाइटें आती हैं जो इस अवैध सॉफ्टवेयर को ऑनलाइन बेच रही हैं। एक वेबसाइट पर तत्काल सॉफ्टवेयर ऑल तत्काल एक्सटेंशन नाम से पेज खुलता है। यहां सॉफ्टवेयर बेचा जा रहा है। सॉफ्टवेयर कैसे ऑपरेट होगा। एक समय में एक टिकट बुक कराना है या एक से अधिक, इसके लिए क्या सेटिंग की जाएंगी, यह सब जानकारी भी बाकायदा वेबसाइट पर उपलब्ध है। वेबसाइट पर दावा किया गया है कि इस सॉफ्टवेयर से प्रतिदिन छह मल्टी पीएनआर तत्काल टिकट बुक कर सकते हैं।
अपडेट कर दिया जाता है रेडबुल
तत्काल टिकट बुकिंग प्रक्रिया हैंकरों से बचाने के लिए आईआरसीटीसी अपनी वेबसाइट अपडेट करता रहता है। आईआरसीटीसी की ओर से किए गए सुरक्षा उपायों की काट भी इस सॉफ्टवेयर में दिया जाता है। रेडबुल बेचने वाली वेबसाइट ने इस सॉफ्टवेयर को 18 जनवरी 2021 को ही अपडेट किया है। वर्तमान में रेडबुल 6.3 वर्जन जो सबसे नया है बाजार में उपलब्ध है। यही कारण है कि सुरक्षा फीचरों को बाईपास करते हुए पलक झपकते ही टिकट बुक करा देता है।
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चंद सेकेंड में बुक होते हैं टिकट
आरपीएफ गोरखपुर के इंस्पेक्टर रवि कुमार ने बताया कि रेडबुल सॉफ्टवेयर दो तरह से काम करता है। आईआरसीटीसी की वेबसाइट जब तत्काल आरक्षण के लिए खुलती है तो आवेदक को कैपचा डालना पड़ता है। यह सॉफ्टवेयर कैपचा की प्रक्रिया को बाईपास कर देता है। इसके बाद आवेदक को यात्री का नाम, उम्र, कहां से कहां तक का सफर करना है, किस ट्रेन में आरक्षण कराना है आदि सूचनाएं दर्ज करनी पड़ती हैं। इसमें आवेदक को एक से दो मिनट तक लगते हैं। रेडबुल सॉफ्टवेयर पर यह सूचनाएं तत्काल बुकिंग खुलने से पहले ही भरकर रख ली जाती हैं। बुकिंग खुलते ही सारी जानकारी एक से दो सेकेंड में भर जाती है। दूसरा यह कि आवेदन करते ही आईआरसीटीसी की ओर से ओटीपी भेजा जाता है। आवेदक को ओटीपी पढ़कर दर्ज करनी पड़ती है जबकि यह सॉफ्टवेयर इस प्रक्रिया को बाईपास कर आगे बढ़ जाता है और टिकट बुक हो जाता है।
रेडबुल सॉफ्टवेयर बनाने वाले लगातार प्लेटफॉर्म बदलते रहते हैं। कुछ स्थानीय लोग इन वेबसाइट से काफी मात्रा में आईडी और पासवर्ड खरीदकर अवैध टिकट का कारोबार करने वालों को बेचते हैं। वेबसाइट डेवलपर्स तक पहुंचने का भी प्रयास किया जा रहा है।
- रवि कुमार, इंस्पेक्टर आरपीएफ
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ऑनलाइन बिक रहा रेडबुल सॉफ्टवेयर
ऐहतेशाम उद्दीन अहमद
सिद्धार्थनगर। महज चार सेकेंड मेें छह से 36 तत्काल टिकट बुक करने वाला अवैध सॉफ्टवेयर रेडबुल ऑनलाइन बाजार में महज 1600 रुपये में उपलब्ध है। सॉफ्टवेयर उपलब्ध कराने वाली वेबसाइट के संचालक बिक्री के बाद लगातार अपडेट और सपोर्ट उपलब्ध करा रहे हैं।
रेलवे सुरक्षा बल आरपीएफ ने अवैध रूप से तत्काल टिकट बनाने वालों को पकड़ने के लिए 25 जनवरी को इटवा और गोल्हौरा थानाक्षेत्र में छापा डाला था। आरपीएफ ने 32 तत्काल आरक्षित टिकट सहित कुछ नकदी बरामद की थी। आरपीएफ ने रामसहज नाम के व्यक्ति को भी दबोचा था। पूछताछ में रामसहज ने बताया था कि तत्काल टिकट बुक करने के लिए वह लोग रेडबुल नामक सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करते हैं। रेडबुल सॉफ्टवेयर सॉफ्टवेयर आईआरसीटीसी की वेबसाइट के एक्सटेंशन (विस्तार) के रूप में काम करता है। आरपीएफ गोरखपुर के इंस्पेक्टर रवि कुमार बताते हैं कि रेडबुल सॉफ्टवेयर अवैध है, इसका इस्तेमाल करना अपराध है। अवैध होने के बावजूद यह सॉफ्टवेयर ऑनलाइन बाजार में महज 1600 रुपये में उपलब्ध है। इंटरनेट के सर्च इंजन पर रेडबुल तत्काल सॉफ्टवेयर लिखकर सर्च करने पर कम से कम दस वेबसाइटें आती हैं जो इस अवैध सॉफ्टवेयर को ऑनलाइन बेच रही हैं। एक वेबसाइट पर तत्काल सॉफ्टवेयर ऑल तत्काल एक्सटेंशन नाम से पेज खुलता है। यहां सॉफ्टवेयर बेचा जा रहा है। सॉफ्टवेयर कैसे ऑपरेट होगा। एक समय में एक टिकट बुक कराना है या एक से अधिक, इसके लिए क्या सेटिंग की जाएंगी, यह सब जानकारी भी बाकायदा वेबसाइट पर उपलब्ध है। वेबसाइट पर दावा किया गया है कि इस सॉफ्टवेयर से प्रतिदिन छह मल्टी पीएनआर तत्काल टिकट बुक कर सकते हैं।
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अपडेट कर दिया जाता है रेडबुल
तत्काल टिकट बुकिंग प्रक्रिया हैंकरों से बचाने के लिए आईआरसीटीसी अपनी वेबसाइट अपडेट करता रहता है। आईआरसीटीसी की ओर से किए गए सुरक्षा उपायों की काट भी इस सॉफ्टवेयर में दिया जाता है। रेडबुल बेचने वाली वेबसाइट ने इस सॉफ्टवेयर को 18 जनवरी 2021 को ही अपडेट किया है। वर्तमान में रेडबुल 6.3 वर्जन जो सबसे नया है बाजार में उपलब्ध है। यही कारण है कि सुरक्षा फीचरों को बाईपास करते हुए पलक झपकते ही टिकट बुक करा देता है।
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चंद सेकेंड में बुक होते हैं टिकट
आरपीएफ गोरखपुर के इंस्पेक्टर रवि कुमार ने बताया कि रेडबुल सॉफ्टवेयर दो तरह से काम करता है। आईआरसीटीसी की वेबसाइट जब तत्काल आरक्षण के लिए खुलती है तो आवेदक को कैपचा डालना पड़ता है। यह सॉफ्टवेयर कैपचा की प्रक्रिया को बाईपास कर देता है। इसके बाद आवेदक को यात्री का नाम, उम्र, कहां से कहां तक का सफर करना है, किस ट्रेन में आरक्षण कराना है आदि सूचनाएं दर्ज करनी पड़ती हैं। इसमें आवेदक को एक से दो मिनट तक लगते हैं। रेडबुल सॉफ्टवेयर पर यह सूचनाएं तत्काल बुकिंग खुलने से पहले ही भरकर रख ली जाती हैं। बुकिंग खुलते ही सारी जानकारी एक से दो सेकेंड में भर जाती है। दूसरा यह कि आवेदन करते ही आईआरसीटीसी की ओर से ओटीपी भेजा जाता है। आवेदक को ओटीपी पढ़कर दर्ज करनी पड़ती है जबकि यह सॉफ्टवेयर इस प्रक्रिया को बाईपास कर आगे बढ़ जाता है और टिकट बुक हो जाता है।
रेडबुल सॉफ्टवेयर बनाने वाले लगातार प्लेटफॉर्म बदलते रहते हैं। कुछ स्थानीय लोग इन वेबसाइट से काफी मात्रा में आईडी और पासवर्ड खरीदकर अवैध टिकट का कारोबार करने वालों को बेचते हैं। वेबसाइट डेवलपर्स तक पहुंचने का भी प्रयास किया जा रहा है।
- रवि कुमार, इंस्पेक्टर आरपीएफ