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पूर्व सांसद के निष्कासन से बढ़ रही मुश्किलें
अमर उजाला ब्यूरो/सिद्धार्थनगर
Updated Wed, 24 Feb 2016 11:35 PM IST
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पूर्व सांसद मो.मुकीम के निष्कासन के बाद इटवा विधानसभा क्षेत्र में बसपा की मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं। वर्षों तक बसपा से जुड़े दर्जनों कार्यकर्ताओं-पदाधिकारियों ने पार्टी को अलविदा कह दिया है।
लगातार दूसरे दिन भी इस्तीफे के दौर से जहां पार्टी अंदरखाने में हलचल बढ़ गई है, वहीं विरोधी खेमा भी चौकन्ना हो गया है।डुमरियागंज संसदीय क्षेत्र से सांसद रहे मो.मुकीम की पहचान जिले के कद्दावर नेताओं में रही है।
लोकसभा चुनाव के बाद पार्टी ने इन्हें प्रभारी भी नियुक्त किया था। इसी हैसियत से वह क्षेत्र में सक्रिय रहे। इस बीच अचानक से प्रभारी बदले जाने के बाद पार्टी में कलह का दौर शुरू है।
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अनुशासनहीनता का हवाला देकर नेतृत्व ने पहले मो.मुकीम को पार्टी से बाहर किया तो अब तमाम कार्यकर्ताओं के स्वेच्छा से पद छोडने का क्रम शुरू हो गया है।
बुधवार को दो मौजूदा और पूर्व जिला पंचायत सदस्यों के साथ करीब तीन दर्जन पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं ने इस्तीफा दिया था। बुधवार को कई अन्य ने भी पार्टी की सदस्यता त्याग दी। पार्टी छोडने के पीछे उन्होंने कई तर्क भी दिए हैं। पाट्री नेतृत्व भले ही इससे बेपरवाही दिखा रही हो, मगर अंदरखाने में हलचल जारी है।
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लगातार दूसरे दिन भी इस्तीफे के दौर से जहां पार्टी अंदरखाने में हलचल बढ़ गई है, वहीं विरोधी खेमा भी चौकन्ना हो गया है।डुमरियागंज संसदीय क्षेत्र से सांसद रहे मो.मुकीम की पहचान जिले के कद्दावर नेताओं में रही है।
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लोकसभा चुनाव के बाद पार्टी ने इन्हें प्रभारी भी नियुक्त किया था। इसी हैसियत से वह क्षेत्र में सक्रिय रहे। इस बीच अचानक से प्रभारी बदले जाने के बाद पार्टी में कलह का दौर शुरू है।
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अनुशासनहीनता का हवाला देकर नेतृत्व ने पहले मो.मुकीम को पार्टी से बाहर किया तो अब तमाम कार्यकर्ताओं के स्वेच्छा से पद छोडने का क्रम शुरू हो गया है।
बुधवार को दो मौजूदा और पूर्व जिला पंचायत सदस्यों के साथ करीब तीन दर्जन पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं ने इस्तीफा दिया था। बुधवार को कई अन्य ने भी पार्टी की सदस्यता त्याग दी। पार्टी छोडने के पीछे उन्होंने कई तर्क भी दिए हैं। पाट्री नेतृत्व भले ही इससे बेपरवाही दिखा रही हो, मगर अंदरखाने में हलचल जारी है।