फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Siddharthnagar News ›   Fatty liver patients are increasing, youth are more victims

Siddharthnagar News: बढ़ रहे फैटी लिवर के मरीज, युवा अधिक शिकार

Mon, 22 Apr 2024 04:25 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर Updated Mon, 22 Apr 2024 04:25 AM IST
विज्ञापन
Fatty liver patients are increasing, youth are more victims
मेडीकल कॉलेज के ओपीडी में प्रतिदिन पहुंच रहे 50 से 60 मरीज
विज्ञापन

संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। लोगों में 50 की उम्र में होने वाली फैटी लिवर की समस्या अब 20 की उम्र में ही हो रही है। मेडिकल कॉलेज के ओपीडी में प्रतिदिन इस तरह के 50 से 60 मरीज पहुंच रहे हैं। डॉक्टरों की माने तो वर्क फार्म होम, जंक फूड व शराब से सबसे अधिक फैटी लिवर की समस्या आ रही है। इनमें से 60 प्रतिशत युवा हैं और पांच से 10 प्रतिशत बच्चे हैं, जिनकी उम्र 11 से 19 साल है।
माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज के डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया कि युवाओं की शराब पीने की लत उन्हें कम उम्र में ही लिवर की बीमारी दे रही है। पांच साल पहले लीवर से ग्रसित 50 या उससे ज्यादा उम्र के मरीज ही आते थे। अब 30 से 35 साल के मरीज आ रहे हैं। इसका कारण कम उम्र में और अधिक मात्रा में शराब का सेवन करना है। कुछ लोगों ने तो 18 साल से ही शराब का सेवन शुरू कर दिया और 30 की उम्र आते-आते उनका लिवर खराब हो गया। पिछले तीन से चार साल में विशेषकर कोविड के बाद युवा फैटी लीवर की समस्या से ग्रसित से आ रहे हैं। बताया कि हेपेटाइटिस बी, शराब की लत, फास्ट फूड, तले भोजन करने से युवा भी लीवर रोगी हैं।
विज्ञापन


हेपेटाइटिस बी से लिवर में फैल रहा संक्रमण
मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. गौरव दुबे ने बताया कि हेपेटाइटिस बी से लिवर में संक्रमण फैल रहा है। ये गंभीर बीमारी है। इसमें संक्रमित रक्त चढ़ने, सुई के इस्तेमाल से यह बीमारी पनप रही है। इससे लिवर की कार्यक्षमता कमजोर हो जाती है। मेडिकल कॉलेज में महीने में 50 से 60 मरीज इसके मिल रहे हैं। इसकी जांच समेत पूरा इलाज निशुल्क मिल रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


क्या है फैटी लिवर
वसारहित लिवर ही स्वस्थ लिवर माना जाता है। लीवर में वसा जमने लगे और ये लिवर के कुल वजन से 5-10 फीसदी अधिक हो जाए तो ये फैटी कहा जाता है। मधुमेह रोगी, शराब के लती, अधिक भोजन करने, चिकनाई और फास्ट फूड खाने वालों में इसका पांच गुना तक खतरा रहता है।


ये लक्षण दिखे तो करा लें जांच
-आंखें पीली होना, गहरे रंग का पेशाब आना।
-पेट पर सूजन, खून की उल्टी होना, वजन कम होना।
-काला मल आना, त्वचा में खुजली होना।
-थकान महसूस करना, पेट के ऊपरी दाहिने हिस्से में दर्द रहना।

ऐसे करें बचाव
-घर में बना पौष्टिक भोजन करें।
-फास्ट फूड, तला भोजन से बचें।
-शराब पीने से बचें, वजन नियंत्रित रखें, लक्षण होने पर डॉक्टर को दिखाएं।
-अधिक भोजन न करें, भोजन के बाद नियमित टहलने की आदत डालें।

बार-बार चाय, नमकीन खाना भी बिगाड़ रहा लिवर
सोडियम और चाय एक साथ लीवर के लिए नुकसानदेह है, डिब्बाबंद चीजों में सोडियम अधिक मात्रा में होता है। नमकीन, चिप्स और बिस्कुट चाय लेते हैं तो ट्रांसफैट के साथ चाय मिल जाती है। इससे फैटी लिवर रोग और मोटापा हो सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed