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किसानों ने सीखे उन्नत व आधुनिक खेती के गुर

Fri, 24 Jun 2016 11:38 PM IST
ब्यूरो अमर उजाला/ सिद्धार्थनगर
ब्यूरो अमर उजाला/ सिद्धार्थनगर Updated Fri, 24 Jun 2016 11:38 PM IST
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farmer learnt the technique of modern farming
किसानों को मिलेगी राहत - फोटो : Getty
सिद्धार्थनगर। लोहिया कला भवन में शुक्रवार को हुई जिला स्तरीय खरीफ उत्पादकता गोष्ठी में किसानों ने उन्नत खेती के गुर सीखे। कृषि विशेषज्ञों ने आधुनिक खेती का तौर-तरीका बताया।
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मृदा परीक्षण कराकर खाद-बीज, नई तकनीक, प्रजाति के इस्तेमाल और यंत्रों के जरिए खेती पर जोर दिया गया। कृषि, पशुपालन, एग्रो, नेडा सहित विभिन्न विभागों ने स्टॉल लगाकर विभागीय योजनाओं की जानकारी दी।
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गोष्ठी में जिलाधिकारी नरेंद्र शंकर पांडेय ने कहा कि देश की 80 फीसदी आबादी कृषि पर आधारित है, मगर अब यह आबादी घटकर 65 प्रतिशत रह गई है। सभी किसान अपनी खेती का उपज बढ़ाने के लिए उन्नतशील बीजों का प्रयोग करें।
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आवश्यकतानुसार ही रासायनिक उर्वरक डालें। उन्होंने बताया कि जिले में अब तक बड़ी लाइन न होने से खाद के लिए बस्ती और संतकबीरनगर के रेलवे रैकपर आश्रित रहा है। अब यह जिला भी रेलवे की बड़ी लाइन से जुड़ गया है।

लिहाजा यहां यूरिया, डाई व अन्य उर्वरकों की अलग रैक के लिए मंडलायुक्त से आग्रह किया गया है। उम्मीद है कि इसमें सफलता अवश्य मिलेगी। जिलाधिकारी ने बताया कि खाद्यान्न में आत्म निर्भरता प्राप्त करने में कृषि विकास की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

किसान जागरूक बनें। नई तकनीक अपनाएं और उत्पादन बढ़ाकर खेती को लाभपरक बनाएं। सीडीओ अखिलेश तिवारी ने बताया कि उन्नतशील प्रजाति के बीजों के अलावा संतुलित उर्वरकों के प्रयोग पर बल दिया जाए। इसके लिए आवश्यक है कि अधिक से अधिक मृदा नमूने प्राप्त कर परीक्षण रिपोर्ट में दी गई। रिपोर्ट के आधार पर उर्वरकों का प्रयोग किया जाए।


 सीडीओ ने बताया कि कृषि कार्यों में निरंतर बदलाव होता आ रहा है। किसान कृषि कार्य के साथ उद्यान, मत्स्य व पशुपालन की योजना का लाभ भी प्राप्त कर सकते हैं। कृषि उत्पादन में बस्ती मंडल में सिद्धार्थनगर नंबर एक पर है।

जनपद में किसानों को अपना बीज सुरक्षित रखने के लिए कोई स्टोर नहीं है, इसके लिए भी जनपद स्तर पर प्रयास किया जा रहा है। उप निदेशक कृषि डॉ. राजीव कुमार ने बताया कि जिले में धान के उन्नतशील बीज, खाद पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है।

किसान प्रमाणित बीज, हरी खाद, गोबर की खाद, कंपोस्ट खाद का प्रयोग करें। कृषि विज्ञान केंद्र के समन्वयक डॉ. एसके तोमर व एसके मिश्र ने किसानों को वैज्ञानिक विधि से धान की फसल में अधिक उत्पादन प्राप्त करने की जानकारी दी।



कार्यक्रम का संचालन फैजाबाद के अपर जिला कृषि अधिकारी वीपी पाठक ने किया। इस मौके पर जिला कृषि अधिकारी एसएन चौधरी, भूमि संरक्षण अधिकारी डॉ. सुरेश चंद्र, लीड बैंक अधिकारी आरके सिंह, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी आशुतोष पांडेय, जिला समाज कल्याण अधिकारी विपिन कुमार यादव, परियोजना अधिकारी नेडा राजीव मिश्र आदि मौजूद रहे।
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