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लकड़ी के पोल और पेड़ में बांध घर तक पहुंचा रहे बिजली तार
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शहर के सटे गोबराहवा में जर्जर तार।
- फोटो : SIDDHARTHNAGAR
लकड़ी के पोल और पेड़ में बांध घर तक पहुंचा रहे बिजली तार
कपिलवस्तु नगर पंचायत बने बर्डपुर कस्बे में सुविधाओं की दरकार
जर्जर बिजली तार से कभी हो सकता बड़ा हादसा, कस्बावासी सांसत में
सिद्धार्थनगर। कहने को बर्डपुर कस्बा अब नगर पंचायत कपिलवस्तु बन गया है, लेकिन बिजली व्यवस्था और जर्जर तार कस्बे के लोगों के लिए मुसीबत बन गए हैं। लोगों के घर तक जाने वाले बिजली तार कहीं लकड़ी के पोल से तो कहीं पेड़ की डाल से बांधकर पहुंचाए गए हैं। कस्बे में गुजरने वाले जर्जर तार के टूटकर गिरने से कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
पहले ग्राम पंचायत रहा बर्डपुर कस्बा एवं आसपास के गांवों को डेढ़ वर्ष पहले नगर पंचायत कपिलवस्तु का दर्जा मिल गया, लेकिन मूलभूत सुविधाएं ग्रामीण क्षेत्र से भी बदतर हैं। कस्बे की संकरी गलियों से गुजरने वाले वाहन चालकों को बिजली तारों को डंडे से ऊपर उठाने के बाद निकलने का रास्ता मिल पाता है। कस्बे में बिजली पोल से घर तक जाने बिजली के तार कहीं पेड़ों तो कहीं डंडों के सहारे बांधे गए हैं।
कस्बे में बिजली के जर्जर तार अर्से से लोगों के लिए परेशानी का सबब बने हैं। अक्सर तार टूटकर सड़क पर गिरते हैं। इससे कई बार बड़ा हादसा होते-होते बचा है। कुछ लोग बिजली तार की चपेट में आकर झुलस चुके हैं। बर्डपुर कस्बे से पल्टा देवी रोड से गुजरते वक्त यात्रियों को हर पल मौत का खतरा बना रहता है। यात्री भी जर्जर तारों को देख डरे रहते है, इन्हीं जर्जर तारों से बिजली की आपूर्ति दो हजार से अधिक घरों में की जा रही है। नगर पंचायत में शामिल आसपास के मोहल्लों में जाने वाली सड़क पर कई जगह बिजली तारों को रस्सी से बांधकर पेड़ों में कस दिया गया है।
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आफत बनी बिजली की ट्रिपिंग
जर्जर तार टूटने से रोजाना घंटों बिजली कटौती होती है। दिनभर बिजली ट्रिपिंग की समस्या से उपभोक्ताओं को जूझना पड़ता है। रात में तार टूटने पर कर्मचारी जल्दी जोड़ने नहीं पहुंचता है। इससे घंटों बिना बिजली के लोग रहते हैं। आपूर्ति बहाल करने में घंटों लगते हैं। जर्जर तारों से सैकड़ों घरों में बिजली आपूर्ति होने के कारण ओवरलोड होने से भी दिक्कत होती है। कई जगहों पर जर्जर तार लोगों के घर की छतों को छूकर निकले हैं। दो वर्ष पहले बिहारीपुर का एक किसान खेत देखने के बाद घर जाते वक्त ढीले तारों की चपेट में आया था। इससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई थी।
लोग बोले- नहीं दूर हो रहीं समस्याएं
बसालतपुर निवासी अफजल अहमद ने बताया कि गांव में बिजली के तार ढीले हैं। सप्लाई भी खस्ताहाल है। शिकायत सुनने वाला कोई नहीं है। महदेइया निवासी गौतम प्रसाद ने कहा कि बिजली आपूर्ति सही ढंग से न होने से परेशानी होती है। जर्जर तारों से मोहल्ले के लोगों को खतरा बना रहता है। कई बार तार टूटकर गिर चुके हैं। मोहनजोत निवासी बिस्मिल्लाह ने बताया कि कई वर्ष पहले लगे बिजली तार बदले नहीं गए। कहने को तो हम लोग शहरवासी हो गए हैं, लेकिन बिजली की सुविधाएं गांव से भी बदतर है। महदेइया के रामावतार विश्वकर्मा ने बताया कि विद्युत निगम की लापरवाही से जर्जर तार कई बार टूट चुके हैं। तार टूटने के बाद कई दिनों तक जुड़ने का इंतजार करना पड़ता है।
‘टेंडर प्रक्रिया के बाद तार बदल जाएंगे’
बर्डपुर फीडर के जेई गणेश मिश्रा ने बताया कि जर्जर तारों को बदलने के लिए दो माह पूर्व निरीक्षण कर रिपोर्ट भेजी गई है। अब ऊपर से टेंडर प्रक्रिया होने के बाद बिजली के जर्जर तारों को बदला जाएगा।
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कपिलवस्तु नगर पंचायत बने बर्डपुर कस्बे में सुविधाओं की दरकार
जर्जर बिजली तार से कभी हो सकता बड़ा हादसा, कस्बावासी सांसत में
सिद्धार्थनगर। कहने को बर्डपुर कस्बा अब नगर पंचायत कपिलवस्तु बन गया है, लेकिन बिजली व्यवस्था और जर्जर तार कस्बे के लोगों के लिए मुसीबत बन गए हैं। लोगों के घर तक जाने वाले बिजली तार कहीं लकड़ी के पोल से तो कहीं पेड़ की डाल से बांधकर पहुंचाए गए हैं। कस्बे में गुजरने वाले जर्जर तार के टूटकर गिरने से कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
पहले ग्राम पंचायत रहा बर्डपुर कस्बा एवं आसपास के गांवों को डेढ़ वर्ष पहले नगर पंचायत कपिलवस्तु का दर्जा मिल गया, लेकिन मूलभूत सुविधाएं ग्रामीण क्षेत्र से भी बदतर हैं। कस्बे की संकरी गलियों से गुजरने वाले वाहन चालकों को बिजली तारों को डंडे से ऊपर उठाने के बाद निकलने का रास्ता मिल पाता है। कस्बे में बिजली पोल से घर तक जाने बिजली के तार कहीं पेड़ों तो कहीं डंडों के सहारे बांधे गए हैं।
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कस्बे में बिजली के जर्जर तार अर्से से लोगों के लिए परेशानी का सबब बने हैं। अक्सर तार टूटकर सड़क पर गिरते हैं। इससे कई बार बड़ा हादसा होते-होते बचा है। कुछ लोग बिजली तार की चपेट में आकर झुलस चुके हैं। बर्डपुर कस्बे से पल्टा देवी रोड से गुजरते वक्त यात्रियों को हर पल मौत का खतरा बना रहता है। यात्री भी जर्जर तारों को देख डरे रहते है, इन्हीं जर्जर तारों से बिजली की आपूर्ति दो हजार से अधिक घरों में की जा रही है। नगर पंचायत में शामिल आसपास के मोहल्लों में जाने वाली सड़क पर कई जगह बिजली तारों को रस्सी से बांधकर पेड़ों में कस दिया गया है।
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आफत बनी बिजली की ट्रिपिंग
जर्जर तार टूटने से रोजाना घंटों बिजली कटौती होती है। दिनभर बिजली ट्रिपिंग की समस्या से उपभोक्ताओं को जूझना पड़ता है। रात में तार टूटने पर कर्मचारी जल्दी जोड़ने नहीं पहुंचता है। इससे घंटों बिना बिजली के लोग रहते हैं। आपूर्ति बहाल करने में घंटों लगते हैं। जर्जर तारों से सैकड़ों घरों में बिजली आपूर्ति होने के कारण ओवरलोड होने से भी दिक्कत होती है। कई जगहों पर जर्जर तार लोगों के घर की छतों को छूकर निकले हैं। दो वर्ष पहले बिहारीपुर का एक किसान खेत देखने के बाद घर जाते वक्त ढीले तारों की चपेट में आया था। इससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई थी।
लोग बोले- नहीं दूर हो रहीं समस्याएं
बसालतपुर निवासी अफजल अहमद ने बताया कि गांव में बिजली के तार ढीले हैं। सप्लाई भी खस्ताहाल है। शिकायत सुनने वाला कोई नहीं है। महदेइया निवासी गौतम प्रसाद ने कहा कि बिजली आपूर्ति सही ढंग से न होने से परेशानी होती है। जर्जर तारों से मोहल्ले के लोगों को खतरा बना रहता है। कई बार तार टूटकर गिर चुके हैं। मोहनजोत निवासी बिस्मिल्लाह ने बताया कि कई वर्ष पहले लगे बिजली तार बदले नहीं गए। कहने को तो हम लोग शहरवासी हो गए हैं, लेकिन बिजली की सुविधाएं गांव से भी बदतर है। महदेइया के रामावतार विश्वकर्मा ने बताया कि विद्युत निगम की लापरवाही से जर्जर तार कई बार टूट चुके हैं। तार टूटने के बाद कई दिनों तक जुड़ने का इंतजार करना पड़ता है।
‘टेंडर प्रक्रिया के बाद तार बदल जाएंगे’
बर्डपुर फीडर के जेई गणेश मिश्रा ने बताया कि जर्जर तारों को बदलने के लिए दो माह पूर्व निरीक्षण कर रिपोर्ट भेजी गई है। अब ऊपर से टेंडर प्रक्रिया होने के बाद बिजली के जर्जर तारों को बदला जाएगा।