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Siddharthnagar News: 20 हजार बच्चों की सुविधाओं पर सर्वर का ग्रहण

Thu, 22 Aug 2024 02:16 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर Updated Thu, 22 Aug 2024 02:16 AM IST
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Eclipse of server at facilities of 20 thousand children

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विद्यालय में आधार अनिवार्य, जन्म प्रमाणपत्र न होने के कारण पिस रहे अभिभावक और बच्चे
बीआरसी से लेकर बैंक व डाकघर तक लगा रहे चक्कर, सर्वर स्लो तो कभी पोर्टल बंद होने से मुसीबत

जन्म प्रमाणपत्र होने के बाद ही बन रहा है आधार कार्ड, पोर्टल अपडेट होने के कारण वहां भी मुसीबत

संवाद न्यूज एजेंसी

सिद्धार्थनगर। परिषदीय स्कूलों में दाखिला लेने के लिए बच्चों का जन्म प्रमाणपत्र और आधार कार्ड जरूरी है, लेकिन सर्वर के दगा देने के कारण कई दिनों से ये प्रमाणपत्र नहीं बन पा रहे हैं। इससे दाखिले में दिक्कत हो रही है और अभिभावक परेशान हैं। हालांकि बीएसए ने नामांकन के लिए इन प्रमाणपत्रों के लिए छूट देने की बात कही है, लेकिन दाखिले के बाद मिलने वाली सुविधाओं से वंचित रहना पड़ेगा। एक अनुमान के मुताबिक जिले में करीब 20 हजार ऐसे बच्चे हैं जो इन प्रमाणपत्रों को बनवाने के परेशान हैं।
बुधवार को जब आधार कार्ड बनाने वाले केंद्रों की पड़ताल की गई तो चौका देने वाला मामला सामने आया। नगर के साइबर कैफे पर जन्म प्रमाणपत्र बनवाने के लिए लाइन लोग परेशान दिखे। वहीं, पीएनबी शाखा और कलक्ट्रेट पर भी भीड़ लगी रही। लेकिन सर्वर न चलने के कारण काम नहीं हो पा रहा था।
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गड़बड़ झाला रोकने और व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए नित नए बदलाव किए जा रहे हैं, लेकिन यह बदलाव कहीं-कहीं लोगों के लिए मुसीबत बन जा रही है। विद्यालयों में होने वाले फर्जी नामांकन और उससे किए जाने वाली गड़बड़ी को रोकने के लिए हर बच्चे के नामांकन में आधार कार्ड अनिवार्य कर दिया है। अब यह अनिवार्यता अभिभावकों के लिए मुसीबत बन गई है। क्योंकि आधार कार्ड बनवाने के लिए जन्म प्रमाणपत्र मांगा जा रहा है, जो अधिकांश बच्चों के पास है ही नहीं। जब आधार कार्ड बनवाने पहुंच रहे हैं तो पता चल रहा है कि पहले जन्म प्रमाण पत्र बनवाइए। ऐसे में अभिभावक केंद्रों का चक्कर काटकर परेशान हैं। कभी पोर्टल बंद हो जा रहा है तो कभी सर्वर ही काम नहीं कर रहा है। अभिभावक और बच्चे आधार कार्ड बनाने के लिए नामित बैंक, बीआरसी और डाक विभाग की चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उनकी समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है।
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जन्म प्रमाण पत्र से बनता है आधार कार्ड
विद्यालयों में नामांकन के लिए आधार कार्ड मांगा जाने लगा तो केंद्र पर भीड़ लग गई, लेकिन यहां जाने के बाद पता चला कि इसके लिए जन्म प्रमाणपत्र चाहिए। जब जन्म प्रमाणपत्र बनवाने के लिए पहुंचे तो पता चला कि ऑनलाइन आवेदन करना है। ऑनलाइन करने में भी परेशानी हो रही है। कारण केंद्र सरकार की ओर से जन्म प्रमाण पत्र जारी किए जाने वाले पोर्टल में कुछ बदलाव कर दिया है। जिसकी वजह से नए पोर्टल पर काम सही नहीं हो रहा है। जबतक जन्म प्रमाण पत्र मिल नहीं रहा है आधार कार्ड भी नहीं बन पा रहा है। ऐसे में अभिभावकों की परेशान और बढ़ गई है।
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100 बच्चों के नामांकन पर ग्रहण

नौगढ़ ब्लॉक के ग्राम पंचायत कोड़रा ग्रांट गांव के टोला इस्लामनगर में बंजारा समुदाय के लोग रहते हैं, जो जनजाति की श्रेणी में आते हैं। गांव में प्राथमिक विद्यालय बना तो शिक्ष की अलख जगने की उम्मीद बढ़ी तो शिक्षक की तैनाती न होना समस्या खड़ी कर दी। संघर्ष के बाद शिक्षक की तैनाती हुई तो जब बच्चों के नामांकन की बारी आई तब आधार कार्ड मांगा जाने लगा। गांव के पूर्व प्रधान के पुत्र ने इस संबंध में जिलाधिकारी को पत्र देकर नामांकन कराने में सहयोग की मांग की। गांव के अकबर अली, सद्दाम और अब्दुल हई ने कहा कि बिना जन्म प्रमाणपत्र के आधार कार्ड बन नहीं रहा है। बड़ी मुसीबत है कि बच्चों का जन्म घर पर हुआ है। ऐसे में जन्म के बारे में पता नहीं है तो जन्म प्रमाण पत्र कैसे बने। प्रशासन ने यदि कोई विकल्प नहीं निकाला तो 100 से अधिक बच्चों का भविष्य खतरे में पड़ जाएगा।
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यह हैं अधिकृत केंद्र
आधार कार्ड बनाने में होने वाली गड़बड़ी को देखते हुए केंद्र सरकार ने नियम बदल दिया। बनाने के लिए बैंक, डाक और बीआरसी को नामित कर दिया है। जिले के 14 बीआरसी, कुछ चुनिंदा बैंक, और डाक विभाग को अधिकृत किया गया है। लेकिन कमोबेश पोर्टल का रोडा हर जगह है। उसके काम न करने से लोगों की परेशानी बढ़ गई है।
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बोले लोग

कलक्ट्रेट पर आधार कार्ड बनवाने के लिए पहुंचे धेंसा निवासी राजेश ने कहा कि नाम गलत हो गया है। उसे सही कराने के लिए पिछले छह माह से आ रहा हूं। कभी सर्वर काम नहीं करता तो कभी पोर्टल बंद आता है। हर दिन लौटकर चले जाते हैं, काम नहीं हो पाता है। शोहरतगढ़ क्षेत्र के बैदाैला गांव निवासी उमेश ने कहा कि जन्मतिथि बदलवानी है जो सरकारी केंद्र पर ही होगा। उसे सही कराने के लिए कई बार आ चुके हैं, लेकिन बार-बार साइड नहीं चलने से लौट जाते हैं। इसी प्रकार छोटे बच्चों का आधार कार्ड बनवाने के लिए बैठे लोगों ने भी व्यथा सुनाई।

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बोले जिम्मेदार
आधार कार्ड और जन्म प्रमाण पत्र हर बच्चे का अनिवार्य है। विद्यालय में दाखिला तो कर लिया जाएगा। आधार और जन्म प्रमाणपत्र बनवाने में सहयोग किया जाएगा। लेकिन डीबीटी के तहत रुपये भेजने में दिक्कत होगी। अगर नहीं बना तो वंचित रह जाएंगे।
-देवेंद्र कुमार पांडेय, बीएसए
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