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डीआरडीए कर्मचारियों का प्रदर्शन जारी
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
Updated Thu, 05 May 2016 10:50 PM IST
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डीआरडीए कार्यालय पर प्रदर्शन करते कर्मचारी।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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उत्तर प्रदेश डीआरडीए इंप्लाइज यूनियन डीआरडीए कर्मियों को राजकीय कर्मचारी घोषित करते हुए ग्राम्य विकास विभाग में संविलयन न किए जाने के विरोध में चौथे दिन भी डीआरडीए कर्मियों ने काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन किया। अध्यक्ष ईश्वर चंद्र वर्मा ने कहा कि कहा कि डीआरडीए कर्मी अपने कार्य को राज्य कर्मचारियों की ही तरह ही करते हैं।
बावजूद इसके प्रदेश सरकार उनकी मांग का तवज्जो नहीं दे रही है। केंद्र सरकार के दिशा निर्देश पर कई राज्यों में डीआरडीए कर्मियों को राज्य कर्मचारी का दर्जा देकर लाइन विभाग में समायोजित कर राज्य कर्मचारियों की भांति सुविधाएं मिल रही हैं।
राज्य कर्मचारी घोषित किए जाने पर वित्तीय भार बढ़ने की दलील दी जा रही है। उत्तर प्रदेश ग्राम्य विकास विभाग में इस समय तमाम पद रिक्त चल रहे हैं, जिसके चलते कर्मचारियों के ऊपर काम का काफी बोझ है। ऐसी दशा में डीआरडीए कर्मियों का विकास विभाग में समायोजन करने से कोई वित्तीय भार नहीं आएगा।
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महामंत्री ओम प्रकाश पाठक ने कहा कि डीआरडीए कर्मी वेतन, भत्ते व अन्य सुविधाओं को लेकर अंधकार में जी रहे हैं। काली पट्टी बांध कर विरोध छह मई तक जारी रहेगा। उसके बाद सात मई को गेट मीटिंग व कार्य वहिष्कार किया जाएगा।
10 मई को सारे कर्मी सामूहिक अवकाश लेकर लखनऊ पहुंचेगे और वहां जवाहर भवन से मुख्यमंत्री आवास तक रैली निकालेंगे। इससे पूर्व डीआरडीए कर्मचारियों ने जवाहर भवन में तैनात हरिश्चंद्र यादव की आत्महत्या पर दुख जताया और दो मिनट मौन रखर मृत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थन की। इस दौरान आलोक पांडेय, विजय कुमार, मो. इमरान, शकील अहमद, राधाकृष्ण प्रसाद, प्रवीन कुमार श्रीवास्तव, शिवपूजन, शफीक अहमद, बरखू प्रसाद, शिवकुमार, वजीहुद्दीन, शंभूशरण यादव, गोपाल पांडेय, परमात्मा प्रसाद आदि मौजूद रहे।
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बावजूद इसके प्रदेश सरकार उनकी मांग का तवज्जो नहीं दे रही है। केंद्र सरकार के दिशा निर्देश पर कई राज्यों में डीआरडीए कर्मियों को राज्य कर्मचारी का दर्जा देकर लाइन विभाग में समायोजित कर राज्य कर्मचारियों की भांति सुविधाएं मिल रही हैं।
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राज्य कर्मचारी घोषित किए जाने पर वित्तीय भार बढ़ने की दलील दी जा रही है। उत्तर प्रदेश ग्राम्य विकास विभाग में इस समय तमाम पद रिक्त चल रहे हैं, जिसके चलते कर्मचारियों के ऊपर काम का काफी बोझ है। ऐसी दशा में डीआरडीए कर्मियों का विकास विभाग में समायोजन करने से कोई वित्तीय भार नहीं आएगा।
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महामंत्री ओम प्रकाश पाठक ने कहा कि डीआरडीए कर्मी वेतन, भत्ते व अन्य सुविधाओं को लेकर अंधकार में जी रहे हैं। काली पट्टी बांध कर विरोध छह मई तक जारी रहेगा। उसके बाद सात मई को गेट मीटिंग व कार्य वहिष्कार किया जाएगा।
10 मई को सारे कर्मी सामूहिक अवकाश लेकर लखनऊ पहुंचेगे और वहां जवाहर भवन से मुख्यमंत्री आवास तक रैली निकालेंगे। इससे पूर्व डीआरडीए कर्मचारियों ने जवाहर भवन में तैनात हरिश्चंद्र यादव की आत्महत्या पर दुख जताया और दो मिनट मौन रखर मृत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थन की। इस दौरान आलोक पांडेय, विजय कुमार, मो. इमरान, शकील अहमद, राधाकृष्ण प्रसाद, प्रवीन कुमार श्रीवास्तव, शिवपूजन, शफीक अहमद, बरखू प्रसाद, शिवकुमार, वजीहुद्दीन, शंभूशरण यादव, गोपाल पांडेय, परमात्मा प्रसाद आदि मौजूद रहे।