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अतिक्रमण हटाने में भेदभाव, व्यापारी भड़के
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
Updated Sat, 18 Jun 2016 10:31 PM IST
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नगर पालिका सभागार में हुई बैठक में मौजूद व्यापारी।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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सिद्धार्थनगर। सड़क की पटरियों से अतिक्रमण हटवाने के नाम पर व्यापारियों ने पुलिस पर उत्पीड़न व अभद्रता का आरोप लगाया है। व्यापार मंडल के नेतृत्व में शनिवार को पीड़ित व्यापारियों ने नगर पालिका अध्यक्ष से मिलकर गुहार लगाई। बैठक के बाद चेयरमैन ने पुलिस-प्रशासन के रुख पर कड़ी नाराजगी जताते हुए दो दिनों की मोहलत दी है। चेतावनी दी कि अगर प्रशासन अतिक्रमण को लेकर अपना रुख स्पष्ट नहीं करता है तो व्यापारी लामबंद होकर सड़क पर उतरने को बाध्य होंगे।
नगर पालिका कार्यालय के सभागार में हुई बैठक में व्यापारियों ने कहा कि अतिक्रमण हटाने के नाम पर पुलिस-प्रशासन भेदभाव कर रही है। सक्षम लोगों के अवैध कब्जे नहीं हटाए गए, जबकि गरीब व साधनहीन लोगों की गुमटी, रेहड़ी, टिनशेड सहित वैध कब्जे भी उखड़वा दिए गए।
व्यापार मंडल ने सदर एसओ व थाने के अन्य पुलिस कर्मियों के खिलाफ दबंगई व दुर्व्यवहार की शिकायत की। बताया कि नाली को दहलीज बताया गया था, जबकि नाली के अंदर के निर्माण को भी ध्वस्त करा दिया गया है। पुलिस-प्रशासन ने पूरी तरह मनमानी की है। विरोध करने वाले दुकानदारों से अभद्रता की गई। इससे व्यापारी भयभीत हैं।
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नगर पालिका अध्यक्ष मो. जमील सिद्दीकी ने भी कार्रवाई को आपत्तिजनक माना। कहा कि कार्रवाई से पहले नगर पालिका को सूचित न करना गलत है। नगर क्षेत्र में नाली को ही दहलीज माना जाता है, मगर इसे दरकिनार कर तोड़-फोड़ करना अन्याय है। उन्होंने व्यापारियों से दुर्व्यवहार व अभद्रता पर भी कड़ा ऐतराज जताया। कहा कि व्यापारियों, नगरवासियों के मान-सम्मान से कोई समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
पुलिस-प्रशासन पहले स्पष्ट कर दे कि उनके मानक क्या है। मनमाने ढंग से उत्पीड़न के खिलाफ संघर्ष किया जाएगा। उन्होंने प्रशासन को दो दिनों की मोहलत दी है। बैठक में उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के अध्यक्ष संजय कसौधन, विजय कसौधन, नगर महामंत्री संजीत मद्धेशिया, सरदार हरवीर सिंह, विक्रमादित्य, वैजनाथ प्रसाद, रवि शर्मा, जिला उपाध्यक्ष मनोज गुप्ता, अजय कसौधन, हजारी लाल मोदनवाल, संदीप कुमार, विक्की सिंह, शनि चौरसिया, श्रीकृष्ण, विंध्याचल, राजन कुमार, राजीव अग्रहरि, ध्रुवचंद, मो. वसीम आदि शामिल रहे।
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नगर पालिका कार्यालय के सभागार में हुई बैठक में व्यापारियों ने कहा कि अतिक्रमण हटाने के नाम पर पुलिस-प्रशासन भेदभाव कर रही है। सक्षम लोगों के अवैध कब्जे नहीं हटाए गए, जबकि गरीब व साधनहीन लोगों की गुमटी, रेहड़ी, टिनशेड सहित वैध कब्जे भी उखड़वा दिए गए।
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व्यापार मंडल ने सदर एसओ व थाने के अन्य पुलिस कर्मियों के खिलाफ दबंगई व दुर्व्यवहार की शिकायत की। बताया कि नाली को दहलीज बताया गया था, जबकि नाली के अंदर के निर्माण को भी ध्वस्त करा दिया गया है। पुलिस-प्रशासन ने पूरी तरह मनमानी की है। विरोध करने वाले दुकानदारों से अभद्रता की गई। इससे व्यापारी भयभीत हैं।
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नगर पालिका अध्यक्ष मो. जमील सिद्दीकी ने भी कार्रवाई को आपत्तिजनक माना। कहा कि कार्रवाई से पहले नगर पालिका को सूचित न करना गलत है। नगर क्षेत्र में नाली को ही दहलीज माना जाता है, मगर इसे दरकिनार कर तोड़-फोड़ करना अन्याय है। उन्होंने व्यापारियों से दुर्व्यवहार व अभद्रता पर भी कड़ा ऐतराज जताया। कहा कि व्यापारियों, नगरवासियों के मान-सम्मान से कोई समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
पुलिस-प्रशासन पहले स्पष्ट कर दे कि उनके मानक क्या है। मनमाने ढंग से उत्पीड़न के खिलाफ संघर्ष किया जाएगा। उन्होंने प्रशासन को दो दिनों की मोहलत दी है। बैठक में उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के अध्यक्ष संजय कसौधन, विजय कसौधन, नगर महामंत्री संजीत मद्धेशिया, सरदार हरवीर सिंह, विक्रमादित्य, वैजनाथ प्रसाद, रवि शर्मा, जिला उपाध्यक्ष मनोज गुप्ता, अजय कसौधन, हजारी लाल मोदनवाल, संदीप कुमार, विक्की सिंह, शनि चौरसिया, श्रीकृष्ण, विंध्याचल, राजन कुमार, राजीव अग्रहरि, ध्रुवचंद, मो. वसीम आदि शामिल रहे।