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डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ ने कलेक्ट्रेट में दिया धरना
अमर उजाला ब्यूरो/सिद्धार्थनगर
Updated Mon, 22 Feb 2016 11:23 PM IST
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उत्तर प्रदेश डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ के बैनर तले डिप्लोमा इंजीनियर्स ने सोमवार को कार्य बहिष्कार कर कलेक्ट्रेट परिसर में धरना दिया। धरने में मांगों के समर्थन में जमकर नारेबाजी की।
शासन की उपेक्षाओं के खिलाफ 25 को पूर्ण हड़ताल को सफल बनाने की रुपरेखा बनाई।धरने में जिलाध्यक्ष एसएन पांडेय ने कहा कि डिप्लोमा इंजीनियर्स किसी भी स्तर तक जाने को तत्पर हैं।
मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो जिले से लेकर प्रदेश स्तर तक का सारा विकास कार्य ठप करा दिया जाएगा। डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ आंदोलन का पक्षधर नहीं है, लेकिन शासन-सरकार की अनदेखी से आंदोलन को विवश होना पड़ा है।
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संगठन ने शासन-सरकार को सोचने समझने और निदान के लिए संघर्ष कार्यक्रमों के माध्यम से समय दिया गया था, बावजूद सरकार नहीं चेत रही। कार्य बहिष्कार से भी शासन नहीं चेता तो 25 से पूर्ण हड़ताल को बाध्य होंगे।
धरने में इं.मुक्तेश्वर राय, एबी पटेल, घनश्याम चौधरी, बीएन सिंह, ठाकुरदी, जीपी गुप्ता, एसके मिश्र, आरके सिंह, महेंद्र कुमार, यशवंत गौतम, वीरेन्द्र कुमार, आरके प्रजापति, सीपीएन सिंह, दिनेश चंद्रा, अनिरुद्ध राय, विनय कुमार, धीरज यादव, सुनील भारती आदि शामिल रहे। संचालन उमेश चंद्र राम ने किया।
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शासन की उपेक्षाओं के खिलाफ 25 को पूर्ण हड़ताल को सफल बनाने की रुपरेखा बनाई।धरने में जिलाध्यक्ष एसएन पांडेय ने कहा कि डिप्लोमा इंजीनियर्स किसी भी स्तर तक जाने को तत्पर हैं।
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मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो जिले से लेकर प्रदेश स्तर तक का सारा विकास कार्य ठप करा दिया जाएगा। डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ आंदोलन का पक्षधर नहीं है, लेकिन शासन-सरकार की अनदेखी से आंदोलन को विवश होना पड़ा है।
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संगठन ने शासन-सरकार को सोचने समझने और निदान के लिए संघर्ष कार्यक्रमों के माध्यम से समय दिया गया था, बावजूद सरकार नहीं चेत रही। कार्य बहिष्कार से भी शासन नहीं चेता तो 25 से पूर्ण हड़ताल को बाध्य होंगे।
धरने में इं.मुक्तेश्वर राय, एबी पटेल, घनश्याम चौधरी, बीएन सिंह, ठाकुरदी, जीपी गुप्ता, एसके मिश्र, आरके सिंह, महेंद्र कुमार, यशवंत गौतम, वीरेन्द्र कुमार, आरके प्रजापति, सीपीएन सिंह, दिनेश चंद्रा, अनिरुद्ध राय, विनय कुमार, धीरज यादव, सुनील भारती आदि शामिल रहे। संचालन उमेश चंद्र राम ने किया।