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बहादुर शाह जफर को उचित सम्मान देने की मांग
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बहादुर शाह जफर को उचित सम्मान देने की मांग
सिद्धार्थनगर। प्रधानमंत्री से 1857 के स्वतंत्रता सेनानी बहादुुर शाह जफर को उचित सम्मान दिए जाने की मांग की गई है। लोगों ने कलेक्ट्रेट में डीएम के माध्यम से प्रधानमंत्री को भेजे पत्र में बहादुर शाह जफर को याद करते हुए भारत रत्न से सम्मानित करने की मांग की।
स्वतंत्रता संग्राम सेनानी मौलाना अब्दुल कय्यूम रहमानी फाउंडेशन के अध्यक्ष बदरे आलम, अधिवक्ता नागेंद्र नाथ चतुर्वेदी, लोकतंत्र रक्षक सेनानी बेचई यादव, अधिवक्ता योगेंद्र नाथ दुबे, नजीर अहमद मलिक, अब्दुल हक सिद्दीकी आदि ने प्रधानमंत्री को पत्र भेजा है। उनका कहना था कि वर्ष 1857 की क्रांति में मुगल सल्तनत के अंतिम बादशाह बहादुर शाह जफर परिजनों के बलिदान और काला पानी की सजा के बाद भी झुके नहीं।
उनके दो पुत्र और पौत्र का सिर कलम कर दिया गया और बहादुर शाह को सजा काटने रंगून भेज दिया गया। लोगों ने बहादुर शाह जफर का तैल चित्र संसद के हाल में लगाने, लालकिला के सामने प्रतिमा स्थापित करने की भी मांग की। इस दौरान महबूब आलम, कमरूज्जमा, मतीउल्लाह, उमाशंकर पांडेय, चंद्रजीत यादव, रमजान अली, दुर्गा प्रसाद लोधी आदि मौजूद रहे।
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सिद्धार्थनगर। प्रधानमंत्री से 1857 के स्वतंत्रता सेनानी बहादुुर शाह जफर को उचित सम्मान दिए जाने की मांग की गई है। लोगों ने कलेक्ट्रेट में डीएम के माध्यम से प्रधानमंत्री को भेजे पत्र में बहादुर शाह जफर को याद करते हुए भारत रत्न से सम्मानित करने की मांग की।
स्वतंत्रता संग्राम सेनानी मौलाना अब्दुल कय्यूम रहमानी फाउंडेशन के अध्यक्ष बदरे आलम, अधिवक्ता नागेंद्र नाथ चतुर्वेदी, लोकतंत्र रक्षक सेनानी बेचई यादव, अधिवक्ता योगेंद्र नाथ दुबे, नजीर अहमद मलिक, अब्दुल हक सिद्दीकी आदि ने प्रधानमंत्री को पत्र भेजा है। उनका कहना था कि वर्ष 1857 की क्रांति में मुगल सल्तनत के अंतिम बादशाह बहादुर शाह जफर परिजनों के बलिदान और काला पानी की सजा के बाद भी झुके नहीं।
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उनके दो पुत्र और पौत्र का सिर कलम कर दिया गया और बहादुर शाह को सजा काटने रंगून भेज दिया गया। लोगों ने बहादुर शाह जफर का तैल चित्र संसद के हाल में लगाने, लालकिला के सामने प्रतिमा स्थापित करने की भी मांग की। इस दौरान महबूब आलम, कमरूज्जमा, मतीउल्लाह, उमाशंकर पांडेय, चंद्रजीत यादव, रमजान अली, दुर्गा प्रसाद लोधी आदि मौजूद रहे।
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