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Siddharthnagar News: जर्जर वाॅटर टैंक ध्वस्तीकरण न होने से मंडरा रहा खतरा
Mon, 04 May 2026 01:41 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Mon, 04 May 2026 01:41 AM IST
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शाहपुर। नगर के शाहपुर स्थित आंबेडकर पार्क के समीप बना एक पुराना वाटर टैंक जर्जर हो चुका है, जिससे हादसे का खतरा बढ़ गया है। दो दशक पहले निर्मित इस टैंक का उपयोग वर्षों से बंद है, लेकिन अब तक इसका ध्वस्तीकरण नहीं कराया गया है, जिससे आसपास के लोगों में डर बना हुआ है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, उक्त वाटर टैंक का निर्माण करीब 20 वर्ष पूर्व शुद्ध पेयजल आपूर्ति के उद्देश्य से किया गया था, लेकिन रख-रखाव के अभाव में यह कुछ ही वर्षों में अनुपयोगी हो गया। बाद में वर्ष 2017 में पुनर्गठन पेयजल योजना के तहत उसी स्थान के पास नया वाटर टैंक बना दिया गया और पुराने टैंक को जर्जर घोषित कर उपयोग से बाहर कर दिया गया। इसके बावजूद जिम्मेदार विभाग ने पुराने ढांचे को हटाने की जरूरत नहीं समझी।
चिंता की बात यह है कि जर्जर टैंक के आसपास एक कंपोजिट विद्यालय, कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय और आंबेडकर पार्क स्थित है। इन स्थानों पर प्रतिदिन सैकड़ों बच्चों की आवाजाही रहती है। पार्क में भी बच्चे नियमित रूप से खेलने आते हैं, जिससे किसी बड़े हादसे की आशंका बनी रहती है।
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स्थानीय निवासी रामकुमार गौतम, अभय कुमार आजाद, श्रीराम और रमेश समेत अन्य लोगों ने प्रशासन से जल्द से जल्द जर्जर टैंक के ध्वस्तीकरण की मांग की है। उनका कहना है कि सिद्धार्थनगर के कांशीराम कॉलोनी में हुई हालिया घटना को देखते हुए प्रशासन को इस मामले में गंभीरता दिखानी चाहिए, ताकि किसी अनहोनी से पहले ही खतरे को टाला जा सके।
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स्थानीय लोगों के अनुसार, उक्त वाटर टैंक का निर्माण करीब 20 वर्ष पूर्व शुद्ध पेयजल आपूर्ति के उद्देश्य से किया गया था, लेकिन रख-रखाव के अभाव में यह कुछ ही वर्षों में अनुपयोगी हो गया। बाद में वर्ष 2017 में पुनर्गठन पेयजल योजना के तहत उसी स्थान के पास नया वाटर टैंक बना दिया गया और पुराने टैंक को जर्जर घोषित कर उपयोग से बाहर कर दिया गया। इसके बावजूद जिम्मेदार विभाग ने पुराने ढांचे को हटाने की जरूरत नहीं समझी।
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चिंता की बात यह है कि जर्जर टैंक के आसपास एक कंपोजिट विद्यालय, कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय और आंबेडकर पार्क स्थित है। इन स्थानों पर प्रतिदिन सैकड़ों बच्चों की आवाजाही रहती है। पार्क में भी बच्चे नियमित रूप से खेलने आते हैं, जिससे किसी बड़े हादसे की आशंका बनी रहती है।
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स्थानीय निवासी रामकुमार गौतम, अभय कुमार आजाद, श्रीराम और रमेश समेत अन्य लोगों ने प्रशासन से जल्द से जल्द जर्जर टैंक के ध्वस्तीकरण की मांग की है। उनका कहना है कि सिद्धार्थनगर के कांशीराम कॉलोनी में हुई हालिया घटना को देखते हुए प्रशासन को इस मामले में गंभीरता दिखानी चाहिए, ताकि किसी अनहोनी से पहले ही खतरे को टाला जा सके।