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देरी पर गुस्साए लोग, फायर ब्रिगेड टीम को घेरा
Siddharth Nagar
Updated Wed, 06 Apr 2016 11:38 PM IST
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जूते की कम्पनी में लगी आग
- फोटो : self
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सिद्धार्थनगर में आग से फसल जल रही थी। बेहाल अन्नदाता फायर स्टेशन पर फोन लगा रहे थे, मगर दूसरी ओर से कोई रिस्पांस नहीं मिला। कु छ स्थानों पर फोन उठा भी तो कर्मचारी और संसाधन की कमी बताकर पल्ला झाड़ लिया गया।
कपिलवस्तु के सरदारनगर में करीब साढ़े 10 बजे आग लगी। तत्काल लोगों ने कंट्रोल रूम में फोन से सूचना दी। मौके पर कपिलवस्तु पुलिस भी पहुंची और तत्काल फायर ब्रिगेड भेजने को कहा। मगर फायर ब्रिगेड की टीम करीब डेढ़ बजे तक पहुंची, तब तक जलकर नष्ट हो चुकी थी। गुस्साए ग्रामीणों ने फायर ब्रिगेड कर्मचारियों घेर लिया। ग्रामीणों के तेवर देख कर्मचारी सहम गए।
हालांकि प्रबुद्ध लोगों ने बीचबचाव किसी तरह मामले को शांत किया। यही हाल मधुकरपुर में भी रहा। यहां भी सूचना देने के घंटों बाद फायर ब्रिगेड की टीम पहुंची। फोन पर जवाब दिया जाता रहा कि ड्राइवर नहीं है, ऐसे में गाड़ी कैसे पहुंचे। मुख्यालय से सटा होने के बावजूद फायर ब्रिगेड पहुंचने में देरी से भड़के लोगों ने कर्मचारियों को घेर लिया। काफी मान-मनौव्वल और परेशानी बताने के बाद लोग शांत हुए।
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डुमरियागंज के तिलगडिय़ा गांव के लोग भी 101 पर लगातार फोन कर रहे थे, लेकिन कोई भी जिम्मेदार फोन तक नहीं उठा रहा था। गांव निवासी एस. हसनैन बिल्डर, ग्राम प्रधान अख्तर अजीज, अफजाल आदि ने बताया कि फोन नहीं उठाए जाने पर लोगों ने घटना की जानकारी एसडीएम विनय कुमार को दी। इसके करीब एक घंटा बाद दमकल की गाड़ी आग बुझाने मौके पर पहुंची।
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कपिलवस्तु के सरदारनगर में करीब साढ़े 10 बजे आग लगी। तत्काल लोगों ने कंट्रोल रूम में फोन से सूचना दी। मौके पर कपिलवस्तु पुलिस भी पहुंची और तत्काल फायर ब्रिगेड भेजने को कहा। मगर फायर ब्रिगेड की टीम करीब डेढ़ बजे तक पहुंची, तब तक जलकर नष्ट हो चुकी थी। गुस्साए ग्रामीणों ने फायर ब्रिगेड कर्मचारियों घेर लिया। ग्रामीणों के तेवर देख कर्मचारी सहम गए।
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हालांकि प्रबुद्ध लोगों ने बीचबचाव किसी तरह मामले को शांत किया। यही हाल मधुकरपुर में भी रहा। यहां भी सूचना देने के घंटों बाद फायर ब्रिगेड की टीम पहुंची। फोन पर जवाब दिया जाता रहा कि ड्राइवर नहीं है, ऐसे में गाड़ी कैसे पहुंचे। मुख्यालय से सटा होने के बावजूद फायर ब्रिगेड पहुंचने में देरी से भड़के लोगों ने कर्मचारियों को घेर लिया। काफी मान-मनौव्वल और परेशानी बताने के बाद लोग शांत हुए।
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डुमरियागंज के तिलगडिय़ा गांव के लोग भी 101 पर लगातार फोन कर रहे थे, लेकिन कोई भी जिम्मेदार फोन तक नहीं उठा रहा था। गांव निवासी एस. हसनैन बिल्डर, ग्राम प्रधान अख्तर अजीज, अफजाल आदि ने बताया कि फोन नहीं उठाए जाने पर लोगों ने घटना की जानकारी एसडीएम विनय कुमार को दी। इसके करीब एक घंटा बाद दमकल की गाड़ी आग बुझाने मौके पर पहुंची।