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स्टेडियम में तैराकी पर कोरोना का ब्रेक
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स्टेडियम में तैराकी पर कोरोना का ब्रेक
सिद्धार्थनगर। कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर की आशंका के मद्देनजर खेल स्टेडियम में तैराकी का प्रशिक्षण नहीं होगा। दूसरी लहर के बाद खेल स्टेडियम का गेेट खुल गया है, लेकिन स्वीमिंग पूल में पानी भरने के लिए हरी झंडी नहीं मिली है। इस कारण खेल स्टेडियम खुलने के बाद भी तैराकों को प्रशिक्षण से वंचित होना पड़ रहा है।
जिला स्टेडियम में स्टेंडर साइज का स्वीमिंग पूल बनाया है। खेल विभाग की ओर से तैराकी के लिए लाइव सेवर सत्य प्रकाश त्रिपाठी को तैनात किया गया है। खेल स्टेडियम खुला तो उम्मीद जगी थी कि तैराकी का प्लेटफार्म भी तैयार होगा, लेकिन यह सुविधा फिलहाल नहीं मिलने वाली है। जिला स्टेडियम के तरणताल में गर्मी के दिनों में युवाओं, खासकर बच्चों की संख्या अधिक रहती थी। पर दो वर्ष से तरणताल बंद पड़ा हुआ है। लिहाजा तैैराकी का सपना संजोए लोगों की दुश्वारियां कम होने वाली नहीं है।
इस बारे में क्रीड़ा अधिकारी सर्वदेव सिंह यादव ने कहा कि कोविड-19 के प्रोटोकाल का पालन करते हुए स्टेडियम को खोल दिया गया है। जबकि कोरोना संक्रमण की अगली लहर की आशंका को देखते हुए तरणताल को अभी भी बंद रखने का निर्देश मिला है। स्टेडियम में आने वाले खिलाड़ियों को मास्क का इस्तेमाल, शारीरिक दूरी का पालन करना अनिवार्य है।
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संक्रमण का खतरा अधिक
जिला चिकित्सालय के चेस्ट फिजीशियन डॉ. सीबी चौधरी बताते हैं कि तरणताल में तैैैराकी के दौरान संक्रमण का खतरा अधिक होता है। संभावित तीसरी लहर में बच्चों के संक्रमित होने की आशंका अधिक है। तरणताल में युवाओं, खासकर बच्चों की सहभागिता से तैराकी केे दौरान मुंह के लार और आंख तथा मुंह में पानी जाने से, पसीना छूटने से संक्रमण की आशंका रहती है। लिहाजा तरणताल का बंद करना ही बेहतर है।
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सिद्धार्थनगर। कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर की आशंका के मद्देनजर खेल स्टेडियम में तैराकी का प्रशिक्षण नहीं होगा। दूसरी लहर के बाद खेल स्टेडियम का गेेट खुल गया है, लेकिन स्वीमिंग पूल में पानी भरने के लिए हरी झंडी नहीं मिली है। इस कारण खेल स्टेडियम खुलने के बाद भी तैराकों को प्रशिक्षण से वंचित होना पड़ रहा है।
जिला स्टेडियम में स्टेंडर साइज का स्वीमिंग पूल बनाया है। खेल विभाग की ओर से तैराकी के लिए लाइव सेवर सत्य प्रकाश त्रिपाठी को तैनात किया गया है। खेल स्टेडियम खुला तो उम्मीद जगी थी कि तैराकी का प्लेटफार्म भी तैयार होगा, लेकिन यह सुविधा फिलहाल नहीं मिलने वाली है। जिला स्टेडियम के तरणताल में गर्मी के दिनों में युवाओं, खासकर बच्चों की संख्या अधिक रहती थी। पर दो वर्ष से तरणताल बंद पड़ा हुआ है। लिहाजा तैैराकी का सपना संजोए लोगों की दुश्वारियां कम होने वाली नहीं है।
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इस बारे में क्रीड़ा अधिकारी सर्वदेव सिंह यादव ने कहा कि कोविड-19 के प्रोटोकाल का पालन करते हुए स्टेडियम को खोल दिया गया है। जबकि कोरोना संक्रमण की अगली लहर की आशंका को देखते हुए तरणताल को अभी भी बंद रखने का निर्देश मिला है। स्टेडियम में आने वाले खिलाड़ियों को मास्क का इस्तेमाल, शारीरिक दूरी का पालन करना अनिवार्य है।
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संक्रमण का खतरा अधिक
जिला चिकित्सालय के चेस्ट फिजीशियन डॉ. सीबी चौधरी बताते हैं कि तरणताल में तैैैराकी के दौरान संक्रमण का खतरा अधिक होता है। संभावित तीसरी लहर में बच्चों के संक्रमित होने की आशंका अधिक है। तरणताल में युवाओं, खासकर बच्चों की सहभागिता से तैराकी केे दौरान मुंह के लार और आंख तथा मुंह में पानी जाने से, पसीना छूटने से संक्रमण की आशंका रहती है। लिहाजा तरणताल का बंद करना ही बेहतर है।