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फसल बीमा के बावजूद नहीं मिला मुआवजा
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फसल बीमा के बावजूद नहीं मिला मुआवजा
सिद्धार्थनगर/टड़िया बाजार। खरीफ सीजन में धान की फसल का बीमा कराने वाले किसानों को अब तक क्षति मुआवजा नहीं मिला है। किसानों की शिकायतों के बावजूद, राहत नहीं मिली।
बेमौसम बारिश से गेहूं की फसल के नुकसान के बाद किसानों में फसल सुरक्षा बीमा का मुआवजा नहीं मिलने का दर्द बढ़ गया है। जोगिया के कछार क्षेत्र के पटखौली, हरनी, टड़िया, बैरवां व रीवांनानकार आदि गांवों के किसानों ने प्रत्येक वर्ष बाढ़ से हो रहे नुकसान की भरपाई के लिए फसल बीमा कराया था। बाढ़ में धान की फसल को हुई क्षति का मुआवजा पाने के लिए किसान परेशान हैं। धान की फसल का बीमा कराने वाली किसान कलावती सिंह का कहना है कि बाढ़ में बहुत नुकसान हुआ था।
उनके पास आय का और स्रोत नहीं है। बाढ़ में फसल पूरी तरह नष्ट हो गई। किसान रत्नेश सिंह ने कहा कि बाढ़ से फसल नुकसान होने से किसानों के सामने संकट बढ़ गया है। किसान नीलम और सुनैना का कहना है कि धान की फसल मिलने वाली आय से गेहूं की खेती की जाती है। धान की फसल नष्ट होने और उसका मुआवजा न मिलने से गेहूं की खेती करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बीमा कंपनी के जिला समन्वयक अजय विश्वकर्मा ने बताया कि किसान क्रेडिट कार्ड के लाभार्थी किसान को बीमा की धनराशि दी गई है। जो किसान प्राइवेट कंपनी से बीमा करवाए हैं, उन्हें भी जल्द ही बीमित फसल की मुआवजा की राशि दी जाएगी।
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सिद्धार्थनगर/टड़िया बाजार। खरीफ सीजन में धान की फसल का बीमा कराने वाले किसानों को अब तक क्षति मुआवजा नहीं मिला है। किसानों की शिकायतों के बावजूद, राहत नहीं मिली।
बेमौसम बारिश से गेहूं की फसल के नुकसान के बाद किसानों में फसल सुरक्षा बीमा का मुआवजा नहीं मिलने का दर्द बढ़ गया है। जोगिया के कछार क्षेत्र के पटखौली, हरनी, टड़िया, बैरवां व रीवांनानकार आदि गांवों के किसानों ने प्रत्येक वर्ष बाढ़ से हो रहे नुकसान की भरपाई के लिए फसल बीमा कराया था। बाढ़ में धान की फसल को हुई क्षति का मुआवजा पाने के लिए किसान परेशान हैं। धान की फसल का बीमा कराने वाली किसान कलावती सिंह का कहना है कि बाढ़ में बहुत नुकसान हुआ था।
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उनके पास आय का और स्रोत नहीं है। बाढ़ में फसल पूरी तरह नष्ट हो गई। किसान रत्नेश सिंह ने कहा कि बाढ़ से फसल नुकसान होने से किसानों के सामने संकट बढ़ गया है। किसान नीलम और सुनैना का कहना है कि धान की फसल मिलने वाली आय से गेहूं की खेती की जाती है। धान की फसल नष्ट होने और उसका मुआवजा न मिलने से गेहूं की खेती करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बीमा कंपनी के जिला समन्वयक अजय विश्वकर्मा ने बताया कि किसान क्रेडिट कार्ड के लाभार्थी किसान को बीमा की धनराशि दी गई है। जो किसान प्राइवेट कंपनी से बीमा करवाए हैं, उन्हें भी जल्द ही बीमित फसल की मुआवजा की राशि दी जाएगी।
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