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फिर मां की आंचल के छांव से दूर हुआ नवजात
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फिर दूसरी मां की आंचल से दूर हुआ बच्चा
एक मां ने जन्म देकर ठुकराया, दूसरे ने सीने से लगाया था
बिथरिया गांव के नहर के पास मिला था नवजात
बालक बालगृह गोंडा भेजा जाएगा नवजात
श्याम सुंदर तिवारी
सिद्धार्थनगर। न जाने कौन सा गुनाह किया था कि एक मां ने जन्म देने के बाद अपनाने के बजाय ठुकरा दिया और मरने के लिए सुनसान स्थान पर छोड़कर चली गई। वहीं दूसरी मां ने गोद में उठाया और सीने से लगाते हुए अपना लिया। अब बच्चे को नौ दिन बाद दूसरी मां से चाइल्ड लाइन वालों ने ले लिया और एसएनसीयू वार्ड में भर्ती करा दिया। बच्चे की कोरोना जांच हुई और फिर बालक बालगृह गोंडा भेजने की तैयारी चल रही है। मामला भवानीगंज थानाक्षेत्र के बिथरिया गांव है।
नौ नवंबर को बिथरिया गांव की रहने वाली 75 वर्षीय चिनक देवी गांव के बाहर नहर पर भैंस चरा रही थीं। इसी बीच बच्चे के रोने की आवाज सुनीं, तो नहर के पुल के पास एक कपड़े में लिपटा बच्चा दिखा। उन्होंने बच्चे को गोद में उठाकर सीने से लगा लिया। देखने से लग रहा था कि बच्चे का जन्म रात दो से तीन बजे के बीच में हुआ होगा। चिनका देवी ने बच्चे को पालन की बात की तो गांव के लोग भी सहमत हो गए। उसका कहना था कि उसकी बेटी के पास कोई संतान नहीं हैं। बेटी इस बच्चे का पालन पोषण करेगी। मगर मामले की जानकारी जब चाइल्ड लाइन को हुई तो लिखा-पढ़ी करके अपनी सुपुर्दगी में ले लिया। बच्चे को जिला अस्पताल के एसनएनसीयू वार्ड में भर्ती कराया। अपर जिलाधिकारी ने बच्चे को स्वास्थ्य टीम के साथ बालक बालगृह गोंडा भेजने का निर्देश दिया है। बच्चे की देखरेख स्टॉफ नर्स श्रीष श्रीवास्तव कर रहे हैं। वहीं बच्चे के बिछड़ने से वृद्ध महिला परेशान है।
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एक मां ने जन्म देकर ठुकराया, दूसरे ने सीने से लगाया था
बिथरिया गांव के नहर के पास मिला था नवजात
बालक बालगृह गोंडा भेजा जाएगा नवजात
श्याम सुंदर तिवारी
सिद्धार्थनगर। न जाने कौन सा गुनाह किया था कि एक मां ने जन्म देने के बाद अपनाने के बजाय ठुकरा दिया और मरने के लिए सुनसान स्थान पर छोड़कर चली गई। वहीं दूसरी मां ने गोद में उठाया और सीने से लगाते हुए अपना लिया। अब बच्चे को नौ दिन बाद दूसरी मां से चाइल्ड लाइन वालों ने ले लिया और एसएनसीयू वार्ड में भर्ती करा दिया। बच्चे की कोरोना जांच हुई और फिर बालक बालगृह गोंडा भेजने की तैयारी चल रही है। मामला भवानीगंज थानाक्षेत्र के बिथरिया गांव है।
नौ नवंबर को बिथरिया गांव की रहने वाली 75 वर्षीय चिनक देवी गांव के बाहर नहर पर भैंस चरा रही थीं। इसी बीच बच्चे के रोने की आवाज सुनीं, तो नहर के पुल के पास एक कपड़े में लिपटा बच्चा दिखा। उन्होंने बच्चे को गोद में उठाकर सीने से लगा लिया। देखने से लग रहा था कि बच्चे का जन्म रात दो से तीन बजे के बीच में हुआ होगा। चिनका देवी ने बच्चे को पालन की बात की तो गांव के लोग भी सहमत हो गए। उसका कहना था कि उसकी बेटी के पास कोई संतान नहीं हैं। बेटी इस बच्चे का पालन पोषण करेगी। मगर मामले की जानकारी जब चाइल्ड लाइन को हुई तो लिखा-पढ़ी करके अपनी सुपुर्दगी में ले लिया। बच्चे को जिला अस्पताल के एसनएनसीयू वार्ड में भर्ती कराया। अपर जिलाधिकारी ने बच्चे को स्वास्थ्य टीम के साथ बालक बालगृह गोंडा भेजने का निर्देश दिया है। बच्चे की देखरेख स्टॉफ नर्स श्रीष श्रीवास्तव कर रहे हैं। वहीं बच्चे के बिछड़ने से वृद्ध महिला परेशान है।
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