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छांगुर प्रकरण : पांच साल में पकड़े गए संदिग्धों पर नजर

Sun, 27 Jul 2025 12:22 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 27 Jul 2025 12:22 AM IST
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Chhangur case: Eye on suspects caught in last five years
संवाद न्यूज एजेंसी
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सिद्धार्थनगर। धर्म परिवर्तन और फंडिंग के मामले में पकड़े गए जमालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा और उसके गुर्गों की धरपकड़ और पूछताछ में नए-नए तथ्य सामने आ रहे हैं, जिसके आधार पर जांच एजेंसी तह तक जाने में जुटी है। नेपाल के गहरे कनेक्शन और नेपाल में बैठक फंडिंग के मामले में चर्चा में आए संदिग्धों की जांच एजेंसी कुंडली खंगाल रही है।
सूत्रों की मानें तो जांच एजेंसी को ऐसे इनपुट मिले हैं कि ट्रैवल एजेंसी, शैक्षिक गतिविधि और समाजसेवा करने का चोला ओढ़कर विदेश से फंडिंग कर रहे हैं। जिनके छांगुर बाबा से कनेक्शन हैं। बीते पांच साल में इन मामलों में नेपाल में चर्चा में आए 10 से अधिक संदिग्धों के बारे में जानकारी मिली है। जांच एजेंसी नेपाल की सुरक्षा एजेंसियों के संपर्क में हैं, और यह पुख्ता करने में जुटी है कि संदिग्धों से छांगुर से संबंध थे। अगर थे तो किस प्रकार से काम करते थे, इसके बारे में जानकारी लेकर आगे की कार्रवाई करेगी।
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सूत्र यह भी बता रहे हैं कि जिन संदिग्धों के बारे में जानकारी मिली है, उनकी बाॅर्डर एरिया में मूवमेंंट ठीकठाक रही है। इसमें कुछ गोपनीय तरीके से काम करने वाले हैं, तो कुछ सामाजिक गतिविधियों में आगे आकर काम करने वाले हैं। आशंका है कि इन्हीं के माध्यम से धर्मांतरण की क्लास और रुपये की हेराफेरी का काम चलता है। जांच एजेंसी जिस प्रकार से लगी है, नेपाल का गहरा कनेक्शन जल्द ही उजागर हो सकता है।
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बाॅर्डर इलाके में तेजी से बढ़े मदरसे और मस्जिद : नेपाल के सीमावर्ती इलाके के जानकारों का कहना है कि कई साल से मदरसा और मस्जिद का निर्माण किया जा रहा है। जो बन रहे हैं, वह बाॅर्डर से 10-20 किलोमीटर के दायरे में ही बन रहे हैं। इसके पीछे का उद्देश्य है कि दोनों देश के लोगों को आने में दिक्कत न हो। साथ ही मधेस इलाके के लोग भारतीय जैसे होते हैं। ऐसे में कोई उन पर शक नहीं करता है। तेजी से होने वाले निर्माण के पीछे अपनी पैठ मजबूत करने की साजिश है। पूछे जाने पर चंदे की बात करते हैं। लेकिन, चंदे के नाम पर यह फंडिंग का बड़ा खेल है। सेफ जोन के रूप में नेपाल का प्रयोग किया जा रहा है।
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