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चेहल्लुम की आठवीं पर निकाला मातमी जुलूस
ब्यूरो/ अमर उजाला, सिद्धार्थनग
Updated Sat, 19 Nov 2016 10:20 PM IST
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हल्लौर में चेहल्लुम के आठवीं पर जुलूस निकालते लोग।
- फोटो : अमर उजाला
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डुमरियागंज। हल्लौर में शनिवार को चेहल्लुम की आठवीं का जुलूस कस्बे की दोनों कदीमी अंजुमन ने अपने अलम व मातमी दस्ते के साथ निकाला। दोपहर बाद डुमरियागंज-बस्ती मुख्य मार्ग पर मातम किया। देर शाम जुलूस हजरत अब्बास की दरगाह में पहुंचा, जहां मखसूस मजलिस के बाद समापन हुआ।
कस्बे के प्रत्येक घरों व दरगाह हजरत अब्बास में अलम सजाया गया। सुबह करीब 9 बजे जाकिरे अहलेबैत हबीबुल हसन ने मजलिस को खिताब कर हजरत इमाम हुसैन के जांबाज भाई हजरत अब्बास के फजायल व मसायब बयां किए। अंजुमन फरोग मातम और उसके बाद अंजुमन गुलदस्ता मातम का मातमी दस्ता हजरत अब्बास के अलम के साथ नौहा पढ़ते और मातम करते हुए अपराह्न तीन बजे डुमरियगांज-बस्ती मुख्य मार्ग पर पहुंचा।
दोनों अंजुमनों के मातम करने वालों ने सीनाजनी की। मातमी जुलूस में बड़ों के साथ मासूम बच्चे भी पूरे जोश-खरोश से शामिल रहे। अंजुमन फरोग मातम की जानिब से खुशनूद, रजा, संजू, एहतेशाम, शकील गुड्डू व अंजुमन गुलदस्ता मातम की जानिब से अब्बास मंजर, आरजू मेंहदी, अब्बास नजर, हसन जमाल, सज्जाद, नफीस सैयद ने नौहा पढ़ा।
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नौहा पढ़ते और मातम करते लोग देर शाम हजरत अब्बास की दरगाह पहुंचे, जहां जाकिरे अहलेबैत शजर हैदर रिजवी ने विशेष अंदाज में जबानी मीर अनीस का मर्सिया पढ़ा। मातमदारों के लिए दरगाह के बाहर प्रागंण में चाय व सबील की व्यवस्था थी। शांति-व्यवस्था के मद्देनजर डुमरियागंज एसडीएम विनय कुमार, सीओ जटाशंकर, थानाध्यक्ष रमाकांत सिंह यादव मुस्तैद रहे।
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कस्बे के प्रत्येक घरों व दरगाह हजरत अब्बास में अलम सजाया गया। सुबह करीब 9 बजे जाकिरे अहलेबैत हबीबुल हसन ने मजलिस को खिताब कर हजरत इमाम हुसैन के जांबाज भाई हजरत अब्बास के फजायल व मसायब बयां किए। अंजुमन फरोग मातम और उसके बाद अंजुमन गुलदस्ता मातम का मातमी दस्ता हजरत अब्बास के अलम के साथ नौहा पढ़ते और मातम करते हुए अपराह्न तीन बजे डुमरियगांज-बस्ती मुख्य मार्ग पर पहुंचा।
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दोनों अंजुमनों के मातम करने वालों ने सीनाजनी की। मातमी जुलूस में बड़ों के साथ मासूम बच्चे भी पूरे जोश-खरोश से शामिल रहे। अंजुमन फरोग मातम की जानिब से खुशनूद, रजा, संजू, एहतेशाम, शकील गुड्डू व अंजुमन गुलदस्ता मातम की जानिब से अब्बास मंजर, आरजू मेंहदी, अब्बास नजर, हसन जमाल, सज्जाद, नफीस सैयद ने नौहा पढ़ा।
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नौहा पढ़ते और मातम करते लोग देर शाम हजरत अब्बास की दरगाह पहुंचे, जहां जाकिरे अहलेबैत शजर हैदर रिजवी ने विशेष अंदाज में जबानी मीर अनीस का मर्सिया पढ़ा। मातमदारों के लिए दरगाह के बाहर प्रागंण में चाय व सबील की व्यवस्था थी। शांति-व्यवस्था के मद्देनजर डुमरियागंज एसडीएम विनय कुमार, सीओ जटाशंकर, थानाध्यक्ष रमाकांत सिंह यादव मुस्तैद रहे।