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नारी उत्पीड़न के मामलों की सुनवाई की
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
Updated Sun, 17 Apr 2016 10:49 PM IST
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नई किरण में महिला उत्पीड़न मामले की सुनवाई करते एएसपी व सीओ सदर।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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महिला उत्पीड़न संबंधित मामलों की सुनवाई रविवार को पुलिस लाइन सभागार में नई किरण टीम ने किया। कुल 40 मामले प्रस्तुत किए गए। 3 मामलों में टीम ने सुलह कराया। 2 मामले निरस्त किए गए। 15-15 मामलों में एक व दोनों पक्ष मौजूद रहे। 10 फाइलों में कोई पक्ष उपस्थित नहीं रहा।
नई किरण सुनवाई में पहली बार एएसपी मंशाराम गौतम व सीओ सदर अकमल खान ने पारिवारिक मामलों को सुलझाया। अपर पुलिस अधीक्षक महिलाओं के संग अभिभावक के रूप में खड़े दिखे। बांसी कोतवाली के ग्राम धवर निवासी लक्ष्मी देवी ने पति राजू पर आरोप लगाया कि नशे की स्थिति में आने के बाद मारपीट करते हैं।
10 वर्ष पूर्व हुए विवाह के वक्त पति बेरोजगार रहे। घर के बर्तनों को भी बेच दिया। इस दौरान पुत्र व पुत्री भी पैदा हो गई। कुछ समय बाद सास व ससुर ने आशा कार्यकर्ता के रूप में नौकरी लगवा दिया। लेकिन पति की आदतों में कोई सुधार नहीं आया।
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ऐसे में बच्चों के भविष्य को देखते हुए साथ में रहना मुमकिन नहीं है। इतना सुनने के बाद अधिकारियों ने पत्नी लक्ष्मी देवी को समझाया और कहा कि पति ने पूर्व में हुई गलतियों को मान लिया है। सुधरने की बात कह रहा है। एक बार इसकी बात पर गौर करो और साथ में जाओ। एएसपी ने सीयूजी नंबर देते हुए कि पिता तुल्य समझो। अगर कभी और कहीं भी कोई परेशानी सामने आए तो फोन करे। टीम ने जिला महराजगंज के थाना बृजमनगंज निवासी कुसुम पत्नी राजकुमार के आपसी मनमुटाव को मिटाते हुए दोनों को एक किया।
इसके अलावा सदर थाना के ग्राम कुशुमवना के टोला लक्ष्मीनगर निवासी पुनीता पत्नी प्रदीप व थाना गौल्हौरा के ग्राम तेलियाडीह निवासी अनसुईया पत्नी बासदेव को एक किया। सुनवाई की अध्यक्षता एएसपी मंशाराम गौतम व संचालन सीओ सदर अकमल खान ने किया। इस दौरान प्रभारी महिला थाना अजीर्जुरहमान, काउंसलर डॉ. विनयकांत मिश्रा, महिला आरक्षी शांति यादव, मासूम आरा आदि मौजूद रहे।
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नई किरण सुनवाई में पहली बार एएसपी मंशाराम गौतम व सीओ सदर अकमल खान ने पारिवारिक मामलों को सुलझाया। अपर पुलिस अधीक्षक महिलाओं के संग अभिभावक के रूप में खड़े दिखे। बांसी कोतवाली के ग्राम धवर निवासी लक्ष्मी देवी ने पति राजू पर आरोप लगाया कि नशे की स्थिति में आने के बाद मारपीट करते हैं।
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10 वर्ष पूर्व हुए विवाह के वक्त पति बेरोजगार रहे। घर के बर्तनों को भी बेच दिया। इस दौरान पुत्र व पुत्री भी पैदा हो गई। कुछ समय बाद सास व ससुर ने आशा कार्यकर्ता के रूप में नौकरी लगवा दिया। लेकिन पति की आदतों में कोई सुधार नहीं आया।
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ऐसे में बच्चों के भविष्य को देखते हुए साथ में रहना मुमकिन नहीं है। इतना सुनने के बाद अधिकारियों ने पत्नी लक्ष्मी देवी को समझाया और कहा कि पति ने पूर्व में हुई गलतियों को मान लिया है। सुधरने की बात कह रहा है। एक बार इसकी बात पर गौर करो और साथ में जाओ। एएसपी ने सीयूजी नंबर देते हुए कि पिता तुल्य समझो। अगर कभी और कहीं भी कोई परेशानी सामने आए तो फोन करे। टीम ने जिला महराजगंज के थाना बृजमनगंज निवासी कुसुम पत्नी राजकुमार के आपसी मनमुटाव को मिटाते हुए दोनों को एक किया।
इसके अलावा सदर थाना के ग्राम कुशुमवना के टोला लक्ष्मीनगर निवासी पुनीता पत्नी प्रदीप व थाना गौल्हौरा के ग्राम तेलियाडीह निवासी अनसुईया पत्नी बासदेव को एक किया। सुनवाई की अध्यक्षता एएसपी मंशाराम गौतम व संचालन सीओ सदर अकमल खान ने किया। इस दौरान प्रभारी महिला थाना अजीर्जुरहमान, काउंसलर डॉ. विनयकांत मिश्रा, महिला आरक्षी शांति यादव, मासूम आरा आदि मौजूद रहे।