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घर-घर जन्मे कन्हाई, गूंजी बधाई
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
Updated Thu, 25 Aug 2016 10:55 PM IST
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janmashtmi
- फोटो : ब्यूरो/ अमर उजाला, मथुरा
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सिद्धार्थनगर। लीला पुरुषोत्तम भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के उल्लास में बुद्धभूमि झूम उठी। श्रद्धालुओं ने धूमधाम से श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का पर्व मनाया। घरों, मंदिरों व सार्वजनिक स्थलों पर नयनाभिराम झांकियां सजाई। भजन-कीर्तन के साथ बांके बिहारी की आराधना कर जन्म की खुशियां मनाई। इस दौरान नंदलाला के जयघोष से हर कोना गुंजायमान रहा।
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को लेकर सुबह से ही तैयारियां जारी रहा। सबसे ज्यादा उत्साह युवाओं-बच्चों और महिलाओं में था। भव्य पंडाल सजाया और उसके अंदर श्रीकृष्ण के बाल लीलाओं की नयनाभिराम झांकियां सजाई। एक तरफ श्रीकृष्ण के जेल के अंदर जन्म के दृश्य को दर्शाया गया था तो दूसरी तरफ उफनाती यमुना को पार कर श्रीकृष्ण को गोकुल पहुंचाने के दृश्य को भी जीवंत बनाया गया था। जन्म से लेकर पूतना वध, वकासुर वध, गोपियों संग रास रचाने, कंस वध सहित अन्य लीलाओं को अलग-अलग स्थानों पर झांकियों में दर्शाया गया था।
शाम होते ही भजन-कीर्तन का सिलसिला शुरू हो गया। रात को जैसे ही घड़ी की सुइयों ने 12 बजे हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की...के उद्घोष से वातावरण गूंज उठा। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधि-विधान श्रीकृष्ण के जन्म की परंपरा व पूजन कराई गए।
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सदर थाना में भजन संध्या का आयोजन किया गया था। भक्ति गीतों पर श्रद्धालु झूमते नजर आए। पुलिस लाइन में सजी झांकियां लोगों के आकर्षण का केंद्र रहीं। झांकियां देखने के लिए देर रात तक लोग सड़कों पर चहलकदमी करते नजर आए। नगर के सिंहेश्वरी मंदिर, हनुमानगढ़ी सहित वन विभाग कॉलोनी, सुभाषनगर, थरौली, पुराना नौगढ़, तेतरी बाजार अन्य स्थानों पर भी आकर्षक झांकियां सजाई गई थी। लोटन, उसका, जोगिया, मोहाना, कपिलवस्तु थानों में भी जन्माष्टमी धूमधाम से मनाया गया। बांसी, डुमरियागंज, शोहरतगढ़, इटवा तहसील क्षेत्रों में भी श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की धूम रही।
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श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को लेकर सुबह से ही तैयारियां जारी रहा। सबसे ज्यादा उत्साह युवाओं-बच्चों और महिलाओं में था। भव्य पंडाल सजाया और उसके अंदर श्रीकृष्ण के बाल लीलाओं की नयनाभिराम झांकियां सजाई। एक तरफ श्रीकृष्ण के जेल के अंदर जन्म के दृश्य को दर्शाया गया था तो दूसरी तरफ उफनाती यमुना को पार कर श्रीकृष्ण को गोकुल पहुंचाने के दृश्य को भी जीवंत बनाया गया था। जन्म से लेकर पूतना वध, वकासुर वध, गोपियों संग रास रचाने, कंस वध सहित अन्य लीलाओं को अलग-अलग स्थानों पर झांकियों में दर्शाया गया था।
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शाम होते ही भजन-कीर्तन का सिलसिला शुरू हो गया। रात को जैसे ही घड़ी की सुइयों ने 12 बजे हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की...के उद्घोष से वातावरण गूंज उठा। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधि-विधान श्रीकृष्ण के जन्म की परंपरा व पूजन कराई गए।
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सदर थाना में भजन संध्या का आयोजन किया गया था। भक्ति गीतों पर श्रद्धालु झूमते नजर आए। पुलिस लाइन में सजी झांकियां लोगों के आकर्षण का केंद्र रहीं। झांकियां देखने के लिए देर रात तक लोग सड़कों पर चहलकदमी करते नजर आए। नगर के सिंहेश्वरी मंदिर, हनुमानगढ़ी सहित वन विभाग कॉलोनी, सुभाषनगर, थरौली, पुराना नौगढ़, तेतरी बाजार अन्य स्थानों पर भी आकर्षक झांकियां सजाई गई थी। लोटन, उसका, जोगिया, मोहाना, कपिलवस्तु थानों में भी जन्माष्टमी धूमधाम से मनाया गया। बांसी, डुमरियागंज, शोहरतगढ़, इटवा तहसील क्षेत्रों में भी श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की धूम रही।