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रक्तदान कर छह लोग बने महादानी
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रक्तदान कर छह लोग बने महादानी
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। अमर उजाला फाउंडेशन और संयुक्त जिला अस्पताल के संयुक्त तत्वावधान में शुक्रवार को अस्पताल के ब्लड बैंक में रक्तदान शिविर आयोजित हुआ। शिविर में रक्तदान कर छह लोग महादानी बने। कुछ अन्य लोगों ने हीमोग्लोबिन की जांच कराकर जरूरत पड़ने पर रक्तदान का संकल्प लिया। रक्तदान करने वालों को प्रमाणपत्र देकर सम्मानित भी किया गया।
शिविर में मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. नीना वर्मा ने बताया कि यह रक्त गंभीर मरीजों और गर्भवती महिलाओं को आवश्यकता पड़ने पर दिया जाता है। रक्तदान महादान है। रक्तदान करने वाले लोगों के शरीर में कोई नुकसान नहीं होता है और इस दान से आप दूसरों को नई जिंदगी देते हैं। रक्तदान करने वालों में परवेज अहमद, सलीम वसीम, मुकेश कुमार, मो. असलम, परवेज अहमद, अरविंद कर पाठक शामिल रहे। परवेज अहमद का कहना था कि रक्तदान करने से खुशी मिलती है। मुकेश कुमार ने बताया कि रक्तदान करने से डर लगता था, लेकिन मुझे जानकारी मिली कि शिविर लग रहा है। मैं डर को खत्म कर पुण्य कमाने चला आया। रक्तदान के बाद मुझे खुशी मिली। अरविंद कर पाठक ने कहा कि रक्तदान से पहले जितना डर लगता है, उतना ही रक्तदान के बाद सुकून मिला। मो. असलम ने कहा कि हमारे रक्त से किसी की जिंदगी बचे तो इससे बेहतर क्या हो सकता है? ‘अमर उजाला फाउंडेशन’ द्वारा शिविर का आयोजन किया जाना सराहनीय कदम है। रक्तदाताओं ने अन्य लोगों को भी इसके लिए जागरूक करने का भी संकल्प लिया।
इस मौके पर ब्लड बैंक के प्रभारी डॉ. मनोज त्रिपाठी, महिला चिकित्सक डॉ. संगीता पांडेय, एलटी विजय लक्ष्मी चौधरी, काउंसलर अनीता राज ने रक्तदाताओं का उत्साहवर्धन किया।
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संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। अमर उजाला फाउंडेशन और संयुक्त जिला अस्पताल के संयुक्त तत्वावधान में शुक्रवार को अस्पताल के ब्लड बैंक में रक्तदान शिविर आयोजित हुआ। शिविर में रक्तदान कर छह लोग महादानी बने। कुछ अन्य लोगों ने हीमोग्लोबिन की जांच कराकर जरूरत पड़ने पर रक्तदान का संकल्प लिया। रक्तदान करने वालों को प्रमाणपत्र देकर सम्मानित भी किया गया।
शिविर में मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. नीना वर्मा ने बताया कि यह रक्त गंभीर मरीजों और गर्भवती महिलाओं को आवश्यकता पड़ने पर दिया जाता है। रक्तदान महादान है। रक्तदान करने वाले लोगों के शरीर में कोई नुकसान नहीं होता है और इस दान से आप दूसरों को नई जिंदगी देते हैं। रक्तदान करने वालों में परवेज अहमद, सलीम वसीम, मुकेश कुमार, मो. असलम, परवेज अहमद, अरविंद कर पाठक शामिल रहे। परवेज अहमद का कहना था कि रक्तदान करने से खुशी मिलती है। मुकेश कुमार ने बताया कि रक्तदान करने से डर लगता था, लेकिन मुझे जानकारी मिली कि शिविर लग रहा है। मैं डर को खत्म कर पुण्य कमाने चला आया। रक्तदान के बाद मुझे खुशी मिली। अरविंद कर पाठक ने कहा कि रक्तदान से पहले जितना डर लगता है, उतना ही रक्तदान के बाद सुकून मिला। मो. असलम ने कहा कि हमारे रक्त से किसी की जिंदगी बचे तो इससे बेहतर क्या हो सकता है? ‘अमर उजाला फाउंडेशन’ द्वारा शिविर का आयोजन किया जाना सराहनीय कदम है। रक्तदाताओं ने अन्य लोगों को भी इसके लिए जागरूक करने का भी संकल्प लिया।
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इस मौके पर ब्लड बैंक के प्रभारी डॉ. मनोज त्रिपाठी, महिला चिकित्सक डॉ. संगीता पांडेय, एलटी विजय लक्ष्मी चौधरी, काउंसलर अनीता राज ने रक्तदाताओं का उत्साहवर्धन किया।
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