{"_id":"5814df834f1c1b900dbc24bb","slug":"biscohr-mounds-of-garbage-in-the-streets","type":"story","status":"publish","title_hn":"बिस्कोहर की गलियों में कूड़े का ढेर ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बिस्कोहर की गलियों में कूड़े का ढेर
ब्यूरो/अमर उजाला ,सिद्धार्थनगर
Updated Sat, 29 Oct 2016 11:12 PM IST
विज्ञापन
कूड़े का ढेर
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एक तरह देश को स्वच्छ बनाने के लिए तरह के तहर के अभियान चलाकर लोगों को जागरूक करने का काम किया जा रहा है। तो वहीं दूसरी ओर गंदगी से डेंगू की बीमारी को फैलने का दावत दिया जा रहा है। मामला इटवा तहसील क्षेत्र का बिस्कोहर बाजार का है। आज बाजार अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है । कीचड़ और कूड़े से पटी गलियां इसकी पहचान बन गई हैं। हालत यह है कि दीपावली में भी कार्यरत सफाईकर्मी गलियों को साफ करने की जहमत नहीं उठा रहे हैं ।
कभी तहसील क्षेत्र के पश्चिम में स्थित बिस्कोहर बाजार काफी प्रसिद्ध स्थल हुआ करता था । लेकिन आज बिस्कोहर बाजार के अंदर की गलियों में कूड़े का ढेर लगा हुआ है । नालियों का गंदा पानी रास्तों पर फैल रहा है। बावजूद इसके जिम्मेदारों कानों पर जूं नहीं रेंग रही है । दो - दो सफाई कर्मियों की तैनाती के बाद भी रास्तों को कूड़े करकट से मुक्ति नहीं मिल पा रही है। दीपावली त्योहार इसमें सफाई का विशेष महत्व रहता है। लेकिन इन सफाई कर्मियों को इस त्योहार पर भी सफाई का ध्यान नहीं रहा। गांव निवासी सुरेंद्र गुप्ता कहते हैं कि कभी कोई सफाई कर्मी गांव के सफाई करने नहीं आता है। गांव के ही रामजी, श्यामजी, मिंटू का भी यही कहना है । समाजसेवी सुधीर तिवारी कहते हैं पहले गांव के लोग सामूहिक रूप से साफ सफाई में भाग लेते थे। लेकिन यह बातें अब बीते दिनों की बात हो गई है। लेकिन आज सरकार ने गांवों के साफ सफाई के लिए सफाई कर्मियों की नियुक्ति कर रखी है। इस संबंध में सहायक विकास अधिकारी पंचायत गुलाब सिंह कहते हैं कि बिस्कोहर बहुत बड़ी आबादी का गांव है। दो सफाई कर्मियों की तैनाती है। ऐसे में हर गली की सफाई कर पाना संभव नहीं है।
विज्ञापन
कभी तहसील क्षेत्र के पश्चिम में स्थित बिस्कोहर बाजार काफी प्रसिद्ध स्थल हुआ करता था । लेकिन आज बिस्कोहर बाजार के अंदर की गलियों में कूड़े का ढेर लगा हुआ है । नालियों का गंदा पानी रास्तों पर फैल रहा है। बावजूद इसके जिम्मेदारों कानों पर जूं नहीं रेंग रही है । दो - दो सफाई कर्मियों की तैनाती के बाद भी रास्तों को कूड़े करकट से मुक्ति नहीं मिल पा रही है। दीपावली त्योहार इसमें सफाई का विशेष महत्व रहता है। लेकिन इन सफाई कर्मियों को इस त्योहार पर भी सफाई का ध्यान नहीं रहा। गांव निवासी सुरेंद्र गुप्ता कहते हैं कि कभी कोई सफाई कर्मी गांव के सफाई करने नहीं आता है। गांव के ही रामजी, श्यामजी, मिंटू का भी यही कहना है । समाजसेवी सुधीर तिवारी कहते हैं पहले गांव के लोग सामूहिक रूप से साफ सफाई में भाग लेते थे। लेकिन यह बातें अब बीते दिनों की बात हो गई है। लेकिन आज सरकार ने गांवों के साफ सफाई के लिए सफाई कर्मियों की नियुक्ति कर रखी है। इस संबंध में सहायक विकास अधिकारी पंचायत गुलाब सिंह कहते हैं कि बिस्कोहर बहुत बड़ी आबादी का गांव है। दो सफाई कर्मियों की तैनाती है। ऐसे में हर गली की सफाई कर पाना संभव नहीं है।
विज्ञापन