फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Siddharthnagar News ›   Becoming a mini house on rural labor budget

मनरेगा में श्रम बजट पर गरमाया मिनी सदन

Sat, 20 Aug 2016 10:28 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर Updated Sat, 20 Aug 2016 10:28 PM IST
विज्ञापन
Becoming a mini house on rural labor budget
बोर्ड की बैठक को संबोधित करते सांसद और जिला पंचायत अध्यक्ष। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
सिद्धार्थनगर। जिला पंचायत सभागार में शनिवार को हुई जिला पंचायत कार्यसमिति की बैठक हंगामेदार रही। मनरेगा में श्रम बजट से कार्य न कराए जाने पर सदस्यों ने अपर मुख्य अधिकारी को आड़े हाथों लिया तो लगातार दो बैठकों में अनुपस्थिति पर कड़ी नाराजगी जताते हुए जिला पूर्ति अधिकारी के निलंबन का प्रस्ताव पारित कर शासन को प्रेषित करने की मांग की। बैठक में जिले के विभिन्न क्षेत्रों में स्थापित जिला पंचायत की दुकानों के किराए में 25 फीसदी बढ़ोतरी को भी मिनी सदन ने सर्वसम्मति से मंजूरी दी।
विज्ञापन

दोपहर साढ़े 11 बजे से शुरू हुई बैठक में सफाई, पशुपालन, शिक्षा, मनरेगा और पेयजल के मुद्दों पर मिनी सदन में जोरदार बहस हुई। पिछले बैठक के अनुमोदन के दौरान सदस्यों ने जलनिगम की ओर से सर्वे कराने के बावजूद हैंडपंपों पर मरम्मत कार्य न होने पर आपत्ति जताई। सदस्यों की संस्तुति से हैंडपंप लगाने की प्रक्रिया पर भी जवाब मांगा। सीडीओ अखिलेश तिवारी ने बताया कि 14वां वित्त का पैसा अब सीधे ग्राम पंचायतों के खाते में जा रहा है।
विज्ञापन

पंचायतों के माध्यम से खराब हैंडपंपों की मरम्मत कराया जा सकता है। होटल-रेस्टूरेंट पर लगे कम गहराई के हैंडपंपों से दूषित पेयजल के कारण बीमारी फैलने की शिकायत पर सीडीओ ने जलनिगम को निर्देशित किया कि ऐसे हैंडपंपों को चिह्नित कर लाल निशान लगाया जाए। व्यवसाय करने वाले इंडिया-टू हैंडपंप लगवाना सुनिश्चित करें। पूरे जिले में खुले में मांस की बिक्री किए जाने पर ब्लाक प्रमुख संघ के अध्यक्ष तौलेश्वर निषाद ने आपत्ति जताई तो सीडीओ ने जिला पंचायत और नगर पंचायतों को अपने अधिकार क्षेत्र में ऐसी दुकानों को चिह्नित कर कार्रवाई को निर्देशित किया।
विज्ञापन
विज्ञापन

बैठक में मनरेगा के तहत श्रम बजट पर चर्चा शुरू हुई तो कई सदस्य एएमए के रवैए पर बिफर पड़े। सदस्य अब्दुल सलाम चौधरी का कहना था कि जिला पंचायत से सिर्फ श्रम बजट पास होगा या उस पर काम भी होगा। उन्होंने एएमए पर शासनादेश की अवहेलना का आरोप लगाते हुए सदस्यों के प्रस्ताव को जानबूझकर लंबित करने का मामला उठाया।
कमाल अहमद सहित कई सदस्यों ने इस पर आवाज बुलंद की। उन्होंने एएमए पर कार्रवाई की भी मांग की। जवाब में एएमए रमेश कुमार सिंह का कहना था कि सदस्यों के प्रस्ताव नियमानुसार ही भेजा गया है। मंजूरी मिलते ही काम आरंभ हो जाएगा।
मामला गर्माता देख सीडीओ ने बीच-बचाव कर प्रस्ताव का अवलोकन कर शीघ्र मंजूरी दिलाने का आश्वासन दिया। करीब दो घंटे तक चली बैठक में ईंट भट्ठे के लाइसेंस दरों में संशोधन, पशु बाजार के लाइसेंस की उपविधि की पुष्टि की गई। शासनादेश के अनुसार प्रत्येक तीन वर्ष पर जिला पंचायत के दुकानों के किराए में 25 प्रतिशत की वृद्धि पर सदस्यों ने सहमति प्रदान की। ढेबरुआ पशु निरोधालय में स्थित जिला पंचायत की भूमि पर दुकान निर्माण कराने और वर्ष 2016-17 में राज्य वित्त आयोग की संस्तुतियों के आधार पर शासन से आवंटित धनराशि के उपभोग पर चर्चा हुई।

बैठक में सांसद जगदंबिका पाल, राज्य सभा सांसद प्रतिनिधि अफसर रिजवी, रामकुमार यादव चिनकू, वीरेंद्र तिवारी, अजय सिंह, कमाल अहमद, गंगा मिश्रा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। अध्यक्षता जिला पंचायत अध्यक्ष गरीबदास गौतम व संचालन अर्जुन सिंह ने किया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed