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अभी दर्द झेलिए, बरसात बाद भरे जाएंगे हाईवे के जख्म
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जर्जर और गढ्डे में तब्दील शहर से चिल्हिया जाने वाला एलएच ।
- फोटो : SIDDHARTHNAGAR
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अभी दर्द झेलिए, बरसात बाद भरे जाएंगे हाईवे के जख्म
सड़क निर्माण की टेंडर प्रक्रिया हुई शुरू, एक वर्ष में पूर्ण होगा काम
सिद्धार्थनगर। पिछले तीन वर्षों से शहर से शोहरतगढ़ और गोरखपुर तक जाने वाले एनएच के गड्ढों का दर्द झेल रहे राहगीरों को बरसात बाद राहत मिल सकेगी। दो सौ करोड़ रुपये की लागत से 30 किमी तक एनएच के निर्माण कार्य की टेंडर प्रक्रिया शुरू हो गई है। बरसात बाद शुरू होने वाले निर्माण कार्य के एक वर्ष में पूर्ण होने की उम्मीद जताई जा रही है।
महराजगंज सीमा से शहर होते हुए चिल्हिया तक एनएच क्षतिग्रस्त है। हर पांच मीटर पर गड्ढे बन गए हैं। इस सड़क से गुजरना वाहन चालकों के लिए पीड़ादाई साबित हो रहा है। गड्ढों के हिचकोले से बचने के लिए वाहनों की रफ्तार भी धीमी करनी पड़ती है। गंतव्य तक पहुंचने में समय ज्यादा लग रहा है।
शहर से उसका बाजार होते हुए महराजगंज सीमा और दूसरी तरफ चिल्हिया तक 30 किमी लंबी सड़क के गड्ढों में फंसकर कई बाइक सवार चोटिल हो चुके हैं। यहां तक कि वाहन चालक इन सड़कों से गुजरने से ही परहेज करते है और वैकल्पिक रास्तों से गंतव्य तक यात्रा करते है। दो माह पहले केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्रालय ने इस एनएच के निर्माण की स्वीकृति दी थी, तभी से लोगों को इसका निर्माण कार्य शुरू होने का इंतजार है।
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एक माह में शुरू हो जाएगा निर्माण कार्य: सांसद
सांसद जगदंबिका पाल ने बताया कि दो सौ करोड़ रुपये की लागत से 30 किमी एनएच का निर्माण कार्य बरसात बाद शुरू हो जाएगा। चिल्हिया से जिले के अंतिम छोर पर स्थित उसका क्षेत्र के करमा गांव के आगे तक सड़क का पुनर्निर्माण होगा। सड़क के निर्माण से स्थानीय निवासियों समेत बाहर से आने वाले राहगीरों को भी राहत मिलेगी। जिले में परिवहन सुविधा में सुधार होने से आवागमन के साथ ही व्यापार को भी बढ़ावा मिलेगा।
इन स्थानों से गुजरती है सड़क
शहर से उसका होते हुए गोरखपुर तक जाने वाले एनएच से लोग फरेंदा, पीपीगंज, महराजगंज, कैंपियरगंज समेत विभिन्न स्थानों पर जाते हैं। इसके अलावा शहर से चिलिहया होते हुए लोग इस सड़क से शोहरतगढ़, बढ़नी, बलरामपुर व गोंडा होते हुए लोग लखनऊ तक की यात्रा करते हैं। इस सड़क के आसपास के गांवों की एक लाख से अधिक आबादी भी प्रतिदिन जिले के विभिन्न स्थानों पर आवागमन करती है।
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सड़क निर्माण की टेंडर प्रक्रिया हुई शुरू, एक वर्ष में पूर्ण होगा काम
सिद्धार्थनगर। पिछले तीन वर्षों से शहर से शोहरतगढ़ और गोरखपुर तक जाने वाले एनएच के गड्ढों का दर्द झेल रहे राहगीरों को बरसात बाद राहत मिल सकेगी। दो सौ करोड़ रुपये की लागत से 30 किमी तक एनएच के निर्माण कार्य की टेंडर प्रक्रिया शुरू हो गई है। बरसात बाद शुरू होने वाले निर्माण कार्य के एक वर्ष में पूर्ण होने की उम्मीद जताई जा रही है।
महराजगंज सीमा से शहर होते हुए चिल्हिया तक एनएच क्षतिग्रस्त है। हर पांच मीटर पर गड्ढे बन गए हैं। इस सड़क से गुजरना वाहन चालकों के लिए पीड़ादाई साबित हो रहा है। गड्ढों के हिचकोले से बचने के लिए वाहनों की रफ्तार भी धीमी करनी पड़ती है। गंतव्य तक पहुंचने में समय ज्यादा लग रहा है।
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शहर से उसका बाजार होते हुए महराजगंज सीमा और दूसरी तरफ चिल्हिया तक 30 किमी लंबी सड़क के गड्ढों में फंसकर कई बाइक सवार चोटिल हो चुके हैं। यहां तक कि वाहन चालक इन सड़कों से गुजरने से ही परहेज करते है और वैकल्पिक रास्तों से गंतव्य तक यात्रा करते है। दो माह पहले केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्रालय ने इस एनएच के निर्माण की स्वीकृति दी थी, तभी से लोगों को इसका निर्माण कार्य शुरू होने का इंतजार है।
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एक माह में शुरू हो जाएगा निर्माण कार्य: सांसद
सांसद जगदंबिका पाल ने बताया कि दो सौ करोड़ रुपये की लागत से 30 किमी एनएच का निर्माण कार्य बरसात बाद शुरू हो जाएगा। चिल्हिया से जिले के अंतिम छोर पर स्थित उसका क्षेत्र के करमा गांव के आगे तक सड़क का पुनर्निर्माण होगा। सड़क के निर्माण से स्थानीय निवासियों समेत बाहर से आने वाले राहगीरों को भी राहत मिलेगी। जिले में परिवहन सुविधा में सुधार होने से आवागमन के साथ ही व्यापार को भी बढ़ावा मिलेगा।
इन स्थानों से गुजरती है सड़क
शहर से उसका होते हुए गोरखपुर तक जाने वाले एनएच से लोग फरेंदा, पीपीगंज, महराजगंज, कैंपियरगंज समेत विभिन्न स्थानों पर जाते हैं। इसके अलावा शहर से चिलिहया होते हुए लोग इस सड़क से शोहरतगढ़, बढ़नी, बलरामपुर व गोंडा होते हुए लोग लखनऊ तक की यात्रा करते हैं। इस सड़क के आसपास के गांवों की एक लाख से अधिक आबादी भी प्रतिदिन जिले के विभिन्न स्थानों पर आवागमन करती है।