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बारिश थमने के बाद खुले स्कूल, लौटी रौनक
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शहर के एक स्कूल से बाहर निकलतीं छात्राएं। संवाद
- फोटो : SIDDHARTHNAGAR
बारिश थमने के बाद खुले स्कूल, लौटी रौनक
सिद्धार्थनगर। बारिश और बाढ़ के चलते बंद स्कूल बुधवार से खुल गए। मौसम साफ होने और बारिश थम जाने से स्कूल-कॉलेजों में रौनक लौट आई है। हालांकि अभी परिषदीय विद्यालयों में पठन-पाठन बहाल करने में कुछ वक्त लगेगा।
जिले में बुधवार से शिक्षण संस्थाओं को खोल दिया गया है। बारिश तो थम गई है लेकिन नदियों में उफान के चलते बाढ़ की स्थिति अब भी बनी हुई है। लंबी छुट्टी के बाद शहरों-कस्बों में मौजूद ज्यादातर प्राइवेट स्कूल तो खुल गए लेकिन, बाढ़ वाले क्षेत्रों में अब भी स्कूल बंद हैं। दूर-दराज के ग्रामीण और निचले इलाकों के करीब दो सौ विद्यालयों में अब भी बाढ़ का पानी भरा है। इन विद्यालयों में पठन-पाठन व्यवस्थित होने मेें अभी कुछ समय लगेगा।
हालांकि स्कूलों में बच्चे आ रहे हैं। जहां बाढ़ की स्थिति नहीं है लेकिन बाढ़ का पानी भरा है, वहां बच्चों की सुरक्षा का ख्याल किया जा रहा है। संपर्क मार्गों पर भी जलभराव से बच्चों का स्कूल तक पहुंचना मुश्किल है। संपर्क मार्गों पर पानी होने से बच्चों के आने-जाने में हादसे की आशंका रहती है। विद्यालय भवन और उसके आसपास जलभराव से संक्रामक बीमारियों के अलावा जहरीले जलीय जीवों का डर है।
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परिषदीय विद्यालयों के संचालन में होगी देरी
सिद्धार्थनगर। शिक्षण संस्थाओं को खोलने का आदेश भले ही जारी हो गया हो लेकिन, जिले में अब भी बाढ़ के हालात बने हुए हैं। निचले स्थानों पर स्थित परिषदीय विद्यालयों का संचालन शुरू करने के लिए पानी कम होने का इंतजार करना होगा। विद्यालय भवन और परिसर की सफाई जरूरी होगी। बाढ़ का पानी खिसकने के बाद संक्रामक रोगों के फैलने का खतरा बढ़ जाता है, ऐसे में बाढ़ का पानी हटने के बाद बिना साफ-सफाई के बाद ही सभी परिषदीय विद्यालयों का संचालन संभव हो पाएगा।
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सिद्धार्थनगर। बारिश और बाढ़ के चलते बंद स्कूल बुधवार से खुल गए। मौसम साफ होने और बारिश थम जाने से स्कूल-कॉलेजों में रौनक लौट आई है। हालांकि अभी परिषदीय विद्यालयों में पठन-पाठन बहाल करने में कुछ वक्त लगेगा।
जिले में बुधवार से शिक्षण संस्थाओं को खोल दिया गया है। बारिश तो थम गई है लेकिन नदियों में उफान के चलते बाढ़ की स्थिति अब भी बनी हुई है। लंबी छुट्टी के बाद शहरों-कस्बों में मौजूद ज्यादातर प्राइवेट स्कूल तो खुल गए लेकिन, बाढ़ वाले क्षेत्रों में अब भी स्कूल बंद हैं। दूर-दराज के ग्रामीण और निचले इलाकों के करीब दो सौ विद्यालयों में अब भी बाढ़ का पानी भरा है। इन विद्यालयों में पठन-पाठन व्यवस्थित होने मेें अभी कुछ समय लगेगा।
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हालांकि स्कूलों में बच्चे आ रहे हैं। जहां बाढ़ की स्थिति नहीं है लेकिन बाढ़ का पानी भरा है, वहां बच्चों की सुरक्षा का ख्याल किया जा रहा है। संपर्क मार्गों पर भी जलभराव से बच्चों का स्कूल तक पहुंचना मुश्किल है। संपर्क मार्गों पर पानी होने से बच्चों के आने-जाने में हादसे की आशंका रहती है। विद्यालय भवन और उसके आसपास जलभराव से संक्रामक बीमारियों के अलावा जहरीले जलीय जीवों का डर है।
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परिषदीय विद्यालयों के संचालन में होगी देरी
सिद्धार्थनगर। शिक्षण संस्थाओं को खोलने का आदेश भले ही जारी हो गया हो लेकिन, जिले में अब भी बाढ़ के हालात बने हुए हैं। निचले स्थानों पर स्थित परिषदीय विद्यालयों का संचालन शुरू करने के लिए पानी कम होने का इंतजार करना होगा। विद्यालय भवन और परिसर की सफाई जरूरी होगी। बाढ़ का पानी खिसकने के बाद संक्रामक रोगों के फैलने का खतरा बढ़ जाता है, ऐसे में बाढ़ का पानी हटने के बाद बिना साफ-सफाई के बाद ही सभी परिषदीय विद्यालयों का संचालन संभव हो पाएगा।