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तमिलनाडु की मुख्यमंत्री का पुतला फूंका
Siddhartha nagar
Updated Sun, 23 Feb 2014 05:30 AM IST
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सिद्धार्थनगर। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शनिवार को कलेक्ट्रेट पर तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जयललिता का पुतला फूंककर वहां की सरकार को बर्खास्त करने की मांग की। इस संबंध में राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन डीएम को दिया।
कलेक्ट्रेट परिसर में जुटे कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कांग्रेस जिलाध्यक्ष ठाकुर प्रसाद तिवारी ने कहा कि राजीव गांधी के हत्यारों को छोड़ने का तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जयललिता का निर्णय बेहद निंदनीय है। अगर राजीव गांधी के हत्यारों की रिहाई हो जाती है तो न्याय के प्रति लोगों की आस्था खत्म हो जाती। ऐसी सरकार को तत्काल बर्खास्त कर देना चाहिए। तमिलनाडु में राष्ट्रपति शासन लागू कर देना चाहिए। जब देश के प्रधानमंत्री के हत्यारों को सजा नहीं मिलेगी, तो आम जनता को कैसे न्याय मिलेगा? लोकतंत्र में इस तरह के निर्णय अच्छे नहीं हैं। कैलाश पंक्षी ने कहा कि जब देश में हत्यारों की रिहाई हो जाएगी तो अन्य अपराधी बेखौफ हो जाएंगे। सुप्रीम कोर्ट ने इस फैसले पर रोक लगाकर अच्छा कार्य किया है। इस निर्णय की जितनी भी सराहना की जाए, कम है। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने जयललिता का पुतला जलाते हुए तमिलनाडु सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की। इस दौरान जितेंद्र धर द्विवेदी, डॉ. प्रमोद उपाध्याय, सचिदानंद पांडेय, जहीर सिद्दीकी, अखिलेश मिश्र और रानी सिंह आदि मौजूद रहे।
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कलेक्ट्रेट परिसर में जुटे कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कांग्रेस जिलाध्यक्ष ठाकुर प्रसाद तिवारी ने कहा कि राजीव गांधी के हत्यारों को छोड़ने का तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जयललिता का निर्णय बेहद निंदनीय है। अगर राजीव गांधी के हत्यारों की रिहाई हो जाती है तो न्याय के प्रति लोगों की आस्था खत्म हो जाती। ऐसी सरकार को तत्काल बर्खास्त कर देना चाहिए। तमिलनाडु में राष्ट्रपति शासन लागू कर देना चाहिए। जब देश के प्रधानमंत्री के हत्यारों को सजा नहीं मिलेगी, तो आम जनता को कैसे न्याय मिलेगा? लोकतंत्र में इस तरह के निर्णय अच्छे नहीं हैं। कैलाश पंक्षी ने कहा कि जब देश में हत्यारों की रिहाई हो जाएगी तो अन्य अपराधी बेखौफ हो जाएंगे। सुप्रीम कोर्ट ने इस फैसले पर रोक लगाकर अच्छा कार्य किया है। इस निर्णय की जितनी भी सराहना की जाए, कम है। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने जयललिता का पुतला जलाते हुए तमिलनाडु सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की। इस दौरान जितेंद्र धर द्विवेदी, डॉ. प्रमोद उपाध्याय, सचिदानंद पांडेय, जहीर सिद्दीकी, अखिलेश मिश्र और रानी सिंह आदि मौजूद रहे।
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