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नोमेंस लैंड पर की जमीन पर कब्जा कर रहे
Siddhartha nagar
Updated Mon, 10 Jun 2013 05:30 AM IST
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सिद्धार्थनगर। भारत-नेपाल सीमा पर स्थित अलीगढ़वा बॉर्डर के नोमेंस लैंड पर नेपाल के कुछ व्यक्ति कब्जा कर रहे हैं। यह लोग जबरन खेत को जोत लिए हैं। जिसकी जानकारी स्थानीय अधिकारियों समेत प्रशासन के उच्चाधिकारियों तक को नहीं है। सूत्राें की मानें तो इस खेल में प्रशासन की मिलीभगत से इतने बड़े काम को अंजाम दिया जा रहा है। जबकि सबसे अहम सवाल यह है कि भारत-नेपाल की इस सीमा पर एसएसबी तथा पुलिस 24 घंटों निगाह रखने की बात करते हैं। ऐसे में जमीन की जुताई भी कर ली गई, लेकिन स्थानीय प्रशासन के साथ साथ विभागीय अधिकारियों को कानों कान खबर तक नहीं हुई है।
अलीगढ़वा बॉर्डर पर स्थित नोमेंस लैंड के बीच स्थित सिसवां ताल की जमीन पर कुछ व्यक्ति जोतकर कब्जा कर लिए हैं। जिसकी जानकारी संबंधित विभाग के अधिकारियों को अभी तक नहीं है। यह जमीन पिलर संख्या 43 व 44 के बीचोबीच पड़ती है। जमीन से सटे नेपाल के बीजुआ ग्रामसभा के वार्ड नंबर छह के बरकुल गांव के आधा दर्जन व्यक्ति 50 बीघे से अधिक जमीन कब्जा करने की तैयारी में जुटे हैं। ये लोग इस जमीन को जोतवा कर अपना बताने के चक्कर में हैं। बताते चलें कि बिजुआ ग्रामसभा की 85 बीघा जमीन बरसात के दिनों में सिसवां ताल में डूबी रहती है। उसी जमीन के नाम पर यह खेल खेला जा रहा है। जबकि सबसे अहम सवाल यह है कि सीमा पर पुलिस के साथ साथ एसएसबी के जवान 24 घंटे मुस्तैद रहते हैं। उसके बावजूद इनकी नजर इस पर नहीं पड़ रही है। साथ ही हल्के के लेखपाल व प्रधान भी इस मामले में कोई दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। सूत्रों की मानें तो रुपये देकर जमीन कब्जा प्रशासन की मिलीभगत से किया जा रहा है। जो लोग जमीन कब्जा करने की जुगत में हैं वे लोग नेपाल में भूमाफिया के रूप में जाने जाते हैं।
इस संबंध में नौगढ़ एसडीएम भवानी सिंह का कहना है कि अभी तक ऐसी कोई जानकारी नहीं मिली है। अगर ऐसा है तो तहसीलदार को मौके पर भेजकर पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। किसी भी कीमत पर अवैध कब्जा नहीं होने दिया जाएगा। वहीं, डिप्टी कमांडेंट ललित कुमार का कहना है कि अभी तक अवैध कब्जे को लेकर कोई सूचना नहीं मिली है। वहां मौजूद अपने अधिकारियों से पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। अगर ऐसा है तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। साथ ही उन्होंने बताया कि नोमेंस लैंड की जमीन पर कोई भी खेती या अन्य कोई कार्य नहीं कर सकता है।
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अलीगढ़वा बॉर्डर पर स्थित नोमेंस लैंड के बीच स्थित सिसवां ताल की जमीन पर कुछ व्यक्ति जोतकर कब्जा कर लिए हैं। जिसकी जानकारी संबंधित विभाग के अधिकारियों को अभी तक नहीं है। यह जमीन पिलर संख्या 43 व 44 के बीचोबीच पड़ती है। जमीन से सटे नेपाल के बीजुआ ग्रामसभा के वार्ड नंबर छह के बरकुल गांव के आधा दर्जन व्यक्ति 50 बीघे से अधिक जमीन कब्जा करने की तैयारी में जुटे हैं। ये लोग इस जमीन को जोतवा कर अपना बताने के चक्कर में हैं। बताते चलें कि बिजुआ ग्रामसभा की 85 बीघा जमीन बरसात के दिनों में सिसवां ताल में डूबी रहती है। उसी जमीन के नाम पर यह खेल खेला जा रहा है। जबकि सबसे अहम सवाल यह है कि सीमा पर पुलिस के साथ साथ एसएसबी के जवान 24 घंटे मुस्तैद रहते हैं। उसके बावजूद इनकी नजर इस पर नहीं पड़ रही है। साथ ही हल्के के लेखपाल व प्रधान भी इस मामले में कोई दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। सूत्रों की मानें तो रुपये देकर जमीन कब्जा प्रशासन की मिलीभगत से किया जा रहा है। जो लोग जमीन कब्जा करने की जुगत में हैं वे लोग नेपाल में भूमाफिया के रूप में जाने जाते हैं।
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इस संबंध में नौगढ़ एसडीएम भवानी सिंह का कहना है कि अभी तक ऐसी कोई जानकारी नहीं मिली है। अगर ऐसा है तो तहसीलदार को मौके पर भेजकर पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। किसी भी कीमत पर अवैध कब्जा नहीं होने दिया जाएगा। वहीं, डिप्टी कमांडेंट ललित कुमार का कहना है कि अभी तक अवैध कब्जे को लेकर कोई सूचना नहीं मिली है। वहां मौजूद अपने अधिकारियों से पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। अगर ऐसा है तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। साथ ही उन्होंने बताया कि नोमेंस लैंड की जमीन पर कोई भी खेती या अन्य कोई कार्य नहीं कर सकता है।
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