{"_id":"71-65674","slug":"Siddhartha-nagar-65674-71","type":"story","status":"publish","title_hn":"डेथ जोन बना शोहरतगढ-बढ़नी बौद्ध मार्ग ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डेथ जोन बना शोहरतगढ-बढ़नी बौद्ध मार्ग
Siddhartha nagar
Updated Mon, 03 Jun 2013 05:30 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सिद्धार्थनगर। शोहरतगढ-बढ़नी बौद्ध मार्ग पर स्थित ढेबरुआ के बीच 10 किलोमीटर की दूरी राहगीरों के लिए डेथ जोन बन गई है। इस 10 किलोमीटर के बीच दो से तीन साल के बीच में तीन दर्जन से अधिक लोग दुर्घटना में मारे जा चुके हैं। 50 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल भी हो चुके हैं।
इस मार्ग पर एक जून की सुबह पिकौरा गांव के पास दो टेंप को एक अनियंत्रित ट्रक ने टक्कर मार दी। इस दुर्घटना में टेंपो चालक धनीराम की मौके पर ही मौत हो गई। और दोनों टेंपो में सवार 10 यात्री जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं। इसके कुछ ही दिन पूर्व मई माह में गोल्हौरा गांव के समीप टेंपो की चपेट में आने से एक सात वर्षीय मासूम की जान चली गई। इससे पहले सात फरवरी को पिकौरा गांव की निवासी पूनम की मौत चार पहिया वाहन की चपेट में आने से हो चुकी है। जनवरी माह में एक टूरिस्ट बस की चपेट में आने के बाद जुगडिहवा निवासी वीरेंद्र चौधरी उसके मित्र की मौत मौके पर ही हो गई थी। नौ दिसंबर को झरूआ मोड़ पर ट्रैक्टर व बाइक की भिड़ंत में मोहाना थाना क्षेत्र का श्रवण कुमार (24) भी अपनी जान गंवा चुका है। 22 जुलाई को औदही कला निवासी मो. अली की मौत भी इसी मार्ग पर स्थित तुलसियापुर चौराहे चारपहिया वाहन की चपेट में आने से हो चुकी है। 13 मई को एक चार पहिया वाहन की चपेट मे आने से एक अधेड़ काल के गाल में समा चुका है। 11 मई 2012 को परसा में चार पहिया व कार की आमने सामने की भिडंत में अहिरौला निवासी मुनेश्वर पासवान की मौत तथा नौ लोग गंभीर रुप से घायल हो चुके है। इसी के एक दिन पूर्व ही 10 मई 2012 को डीसीएम की चपेट में आने के बाद मोहनकोली निवासी नजीबुन्निशा (60) एवं उसक ा पुत्र मक्की हसन (28) अपने प्राणों को गंवा चुके हैं। 28 अप्रैल को खैरहनिया के पास लग्जरी वाहन की चपेट में आने से औदही कलॉ निवासी हसामुद्दीन (18) की मौत हो चुकी है। 27 फरवरी 2012 को खैरहनिया गॉव के पास कार की चपेट में आने से तुलसियापुर गांव के किसान की मौत भी चुकी है। इसी मार्ग पर दुधवनिया निवासी मैकेनिक जाहिद अली, खैरहनिया गॉव निवासी रमेश शुक्ल की पुत्री पिंकी (9), खैरहनिया के ही जोखन प्रसाद की मौत सड़क दुुर्घटना में हो चुकी है। रोड पर स्थित कुबा पब्लिक स्कूल के सामने मनिकौरा निवासी सबरून्निशा एवं उसकी दुधमुही बच्ची वाहन की चपेट से अपनी जान गंवा चुके हैं।
मार्ग दुर्घटनाओं में हुई मौत पर क्षेत्र नंदकिशोर चौधरी, वेदप्रकाश शुक्ल, अक्षय वरुण, सदरे आलम, विनय शुक्ल, शैलेंद्र पांडेय, जर्रार महतो आदि का कहना है कि तेज गति के कारण ये दुर्घटनाएं हो रही हैं। ऐसे में तुलसियापुर चौराहे के पास व पिकौरा गांव के दोनों तरफ स्पीड ब्रेकर प्रशासन को बनवाना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन
इस मार्ग पर एक जून की सुबह पिकौरा गांव के पास दो टेंप को एक अनियंत्रित ट्रक ने टक्कर मार दी। इस दुर्घटना में टेंपो चालक धनीराम की मौके पर ही मौत हो गई। और दोनों टेंपो में सवार 10 यात्री जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं। इसके कुछ ही दिन पूर्व मई माह में गोल्हौरा गांव के समीप टेंपो की चपेट में आने से एक सात वर्षीय मासूम की जान चली गई। इससे पहले सात फरवरी को पिकौरा गांव की निवासी पूनम की मौत चार पहिया वाहन की चपेट में आने से हो चुकी है। जनवरी माह में एक टूरिस्ट बस की चपेट में आने के बाद जुगडिहवा निवासी वीरेंद्र चौधरी उसके मित्र की मौत मौके पर ही हो गई थी। नौ दिसंबर को झरूआ मोड़ पर ट्रैक्टर व बाइक की भिड़ंत में मोहाना थाना क्षेत्र का श्रवण कुमार (24) भी अपनी जान गंवा चुका है। 22 जुलाई को औदही कला निवासी मो. अली की मौत भी इसी मार्ग पर स्थित तुलसियापुर चौराहे चारपहिया वाहन की चपेट में आने से हो चुकी है। 13 मई को एक चार पहिया वाहन की चपेट मे आने से एक अधेड़ काल के गाल में समा चुका है। 11 मई 2012 को परसा में चार पहिया व कार की आमने सामने की भिडंत में अहिरौला निवासी मुनेश्वर पासवान की मौत तथा नौ लोग गंभीर रुप से घायल हो चुके है। इसी के एक दिन पूर्व ही 10 मई 2012 को डीसीएम की चपेट में आने के बाद मोहनकोली निवासी नजीबुन्निशा (60) एवं उसक ा पुत्र मक्की हसन (28) अपने प्राणों को गंवा चुके हैं। 28 अप्रैल को खैरहनिया के पास लग्जरी वाहन की चपेट में आने से औदही कलॉ निवासी हसामुद्दीन (18) की मौत हो चुकी है। 27 फरवरी 2012 को खैरहनिया गॉव के पास कार की चपेट में आने से तुलसियापुर गांव के किसान की मौत भी चुकी है। इसी मार्ग पर दुधवनिया निवासी मैकेनिक जाहिद अली, खैरहनिया गॉव निवासी रमेश शुक्ल की पुत्री पिंकी (9), खैरहनिया के ही जोखन प्रसाद की मौत सड़क दुुर्घटना में हो चुकी है। रोड पर स्थित कुबा पब्लिक स्कूल के सामने मनिकौरा निवासी सबरून्निशा एवं उसकी दुधमुही बच्ची वाहन की चपेट से अपनी जान गंवा चुके हैं।
विज्ञापन
मार्ग दुर्घटनाओं में हुई मौत पर क्षेत्र नंदकिशोर चौधरी, वेदप्रकाश शुक्ल, अक्षय वरुण, सदरे आलम, विनय शुक्ल, शैलेंद्र पांडेय, जर्रार महतो आदि का कहना है कि तेज गति के कारण ये दुर्घटनाएं हो रही हैं। ऐसे में तुलसियापुर चौराहे के पास व पिकौरा गांव के दोनों तरफ स्पीड ब्रेकर प्रशासन को बनवाना चाहिए।
विज्ञापन