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लाइन हाजिर के मंचन में दिखा राजनीतिक दबदबा
Updated Sun, 09 Dec 2018 11:32 PM IST
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कपिलवस्तु महोत्सव के पांचवें दिन नवोन्मेष संस्था द्वारा दी गई प्रस्तुति
अमर उजाला ब्यूरो
सिद्धार्थनगर। कपिलवस्तु महोत्सव के पांचवें दिन रविवार को नवोन्मेष संस्था ने ‘लाइन हाजिर’ नाटक के माध्यम से एक ओर वारदातों में राजनीतिक दखल को बड़े ही भावपूर्ण ढंग से मंचन किया। दूसरी ओर साइको किलिंग की घटनाओं पर कलाकारों ने जोरदार प्रहार किया। इसमें दर्शाया गया है कि पहले एकतरफा प्रेम और फिर लड़की के घरवालों द्वारा शादी से इन्कार करने पर लड़की उसके भाई और पिता का कत्ल कर दिया गया।
नाट्योत्सव में कलाकारों ने ‘लाइन हाजिर द्वितीय’ नाटक में ट्रिपल मर्डर केस के माध्यम से दिखाया कि विधायक ने एक रिश्तेदार के घर के तीन लोगों का कत्ल होने और इसमें थानाध्यक्ष व हेड कांस्टेबल की संदिग्ध होने पर उसे लाइन हाजिर करवा दिया। नाटक में ऋचा, उसके भाई और पिता तीनों की निर्मम हत्या हो जाती है। कातिल ने लड़की, उसके भाई और बाप को सिर्फ इसलिए मौत के घाट उतारा क्योंकि उन्होंने उस लड़के से शादी करने से इन्कार कर दिया था। रोचक बात यह रही कि कातिल दिन भर थाने में बैठा था और थाने के लोग जान ही नहीं सके कि जिस कातिल को वह पागलों की तरह ढूंढ रहे हैं। वह उनके थाने में ही बैठा है। पुलिस फिर उसे ढूंढती है और उसे गिरफ्तार कर लेती है। कलाकार अंशुपान त्रिपाठी, मुुनीश ज्ञानी, राजेन्द्र प्रसाद, राम पांडेय, अनिल, शिवांश जायसवाल, भक्तराज ज्ञानी, महेश कुमार, अरुण, नक्षत्र, पीयूष वर्मा व राजीव शर्मा ने इसके माध्यम से पहले एकतरफा प्रेम और फिर इन्कार करने पर इसका परिणाम लड़की उसके भाई और पिता का कत्ल।
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अमर उजाला ब्यूरो
सिद्धार्थनगर। कपिलवस्तु महोत्सव के पांचवें दिन रविवार को नवोन्मेष संस्था ने ‘लाइन हाजिर’ नाटक के माध्यम से एक ओर वारदातों में राजनीतिक दखल को बड़े ही भावपूर्ण ढंग से मंचन किया। दूसरी ओर साइको किलिंग की घटनाओं पर कलाकारों ने जोरदार प्रहार किया। इसमें दर्शाया गया है कि पहले एकतरफा प्रेम और फिर लड़की के घरवालों द्वारा शादी से इन्कार करने पर लड़की उसके भाई और पिता का कत्ल कर दिया गया।
नाट्योत्सव में कलाकारों ने ‘लाइन हाजिर द्वितीय’ नाटक में ट्रिपल मर्डर केस के माध्यम से दिखाया कि विधायक ने एक रिश्तेदार के घर के तीन लोगों का कत्ल होने और इसमें थानाध्यक्ष व हेड कांस्टेबल की संदिग्ध होने पर उसे लाइन हाजिर करवा दिया। नाटक में ऋचा, उसके भाई और पिता तीनों की निर्मम हत्या हो जाती है। कातिल ने लड़की, उसके भाई और बाप को सिर्फ इसलिए मौत के घाट उतारा क्योंकि उन्होंने उस लड़के से शादी करने से इन्कार कर दिया था। रोचक बात यह रही कि कातिल दिन भर थाने में बैठा था और थाने के लोग जान ही नहीं सके कि जिस कातिल को वह पागलों की तरह ढूंढ रहे हैं। वह उनके थाने में ही बैठा है। पुलिस फिर उसे ढूंढती है और उसे गिरफ्तार कर लेती है। कलाकार अंशुपान त्रिपाठी, मुुनीश ज्ञानी, राजेन्द्र प्रसाद, राम पांडेय, अनिल, शिवांश जायसवाल, भक्तराज ज्ञानी, महेश कुमार, अरुण, नक्षत्र, पीयूष वर्मा व राजीव शर्मा ने इसके माध्यम से पहले एकतरफा प्रेम और फिर इन्कार करने पर इसका परिणाम लड़की उसके भाई और पिता का कत्ल।
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