डॉक्टर आएंगे... पर, समय तय नहीं

siddharthnagar Updated Thu, 24 Jan 2019 10:38 PM IST
विज्ञापन
डेमो
डेमो - फोटो : डेमो

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹249 + Free Coupon worth ₹200

ख़बर सुनें
सिद्धार्थनगर। जिले के लोग मेडिकल कॉलेज मिलने के बाद बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की आस में कुछ पल के खुश हो सकते हैं। मगर, हकीकत यह है कि जिला अपने सृजन के समय से ही बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं से संतृप्त नहीं हो सका है। इंसेफेलाइटिस का दंश झेल रहे जनपद में सृजित 169 पदों के सापेक्ष 91 चिकित्सकों की तैनाती है। जिला अस्पताल में फिजिशियन भी नहीं है। यह आंकडे़ बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के दावे की हकीकत को बताने के लिए काफी हैं। पदों के सृजन से यह तो तय है कि चिकित्सकों की तैनाती अवश्य ही होगी पर कब यह समय तय नहीं है।स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों की मानें तो स्थापना काल से ही संसाधनों की कमी से जूझ रहा जिला अस्पताल आज भी दुश्वारियों से जूझ रहा है। विशेषज्ञों सहित 42 डॉक्टरों का पद सृजित है, जिसमें से महज 24 डॉक्टर ही तैनात हैं। इसमें से एक भी फिजिशियन नहीं है। लंबे अर्से से जिला अस्पताल से लेकर सीएचसी, पीएचसी व बनी न्यू पीएचसी पर डॉक्टरों का टोटा बना हुआ है।
विज्ञापन


पद स्वीकृत   संख्या   तैनाती
चिकित्सक     169       91
फार्मेसिस्ट       100      100
महिला एएनएम   289     231
स्टाफ नर्स            31        9
स्वास्थ्य कार्यकर्ता पुरुष 96    25
हेल्थ सुपरवाइजर  52          15
सहायक शोध अधिकारी 13      5
लैब टेक्निशियन           25    22


महिला चिकित्सकों का भी टोटा
13 सीएचसी-पीएचसी और जिला अस्पताल में कुल 25 महिला डॉक्टरों की तैनाती होनी चाहिए। लेकिन मौजूदा समय में जिले भर में सिर्फ आठ महिला डॉक्टरों की तैनाती है। नियमानुसार सीएचसी पर एक महिला सर्जन की तैनाती अनिवार्य है। जिला अस्पताल में छोड़कर दिया जाए तो किसी भी सीएचसी पर महिला सर्जन तैनात नहीं हैं। वो भी सीएमएस का दायित्व संभाल रहीं हैं। 2011 की जनगणना के अनुसार जिले की कुल आबादी 27 लाख 59 हजार 297 है। इसमें से 13.5 लाख महिलाएं हैं। महिला डॉक्टरों की कमी की वजह से इलाज के लिए महिलाओं को प्राइवेट या फिर बाहर के जिलों की राह देखनी पड़ती है।

पांच वर्ष से फिजीशियन की कमी
सपा के शासन काल में तैनात रहे फिजीशियन डाँ. महेश प्रसाद व तत्कालीन विधायक विजय पासवान के बीच हुए विवाद के बाद चिकित्सक का तबादला हो गया। इसके बाद से किसी की तैनाती नहीं हुई। वर्तमान में चेस्ट फिजीशियन से काम चलाया जा रहा है।

चिकित्सकों की कमी के संबंध में समय-समय पर उच्चाधिकारियों की बैठक में इस संबंध में लिखित रूप से अवगत कराया जाता है। दिसंबर माह में भी इस संबंध में पत्र लिखा गया है। उपलब्ध संसाधनाें में बेहतर इलाज दिलाने के लिए प्रयास किया जा रहा है।
- डॉ. आरके मिश्र, सीएमओ


 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Election
  • Downloads

Follow Us