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Siddharthnagar News: नाबालिग से दुष्कर्म मामले में 20 साल का कारावास
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संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट वीरेंद्र कुमार ने एक विवादित किशोर (किशोर की उम्र को लेकर विवाद था) को नाबालिग से दुष्कर्म के जुर्म में 20 साल कठोर कारावास की सजा सुनाई है।
उस पर 1.15 लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। जिसे अदा न करने की दशा में उसे एक वर्ष के अतिरिक्त कठोर कारावास की सजा भुगतनी पड़ेगी। घटना 23 फरवरी 2022 की है जो चिल्हिया थाना क्षेत्र में घटित हुई थी।
पीड़िता अवयस्क लड़की के पिता ने 24 फरवरी 2022 को तहरीर दी, जिसमें आरोप लगाया कि 23 फरवरी 2022 को सात बजे उसकी अवयस्क लड़की को विवादित किशोर चिल्हिया थाना क्षेत्र निवासी बहला-फुसलाकर भगा ले गया। पुलिस ने केस दर्ज कर विवेचना के बाद पॉस्को एक्ट, दुष्कर्म, अवयस्क लड़की के अपहरण के अपराध में आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया।
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न्यायालय ने मामले का संज्ञान लेकर विचारण किया। न्यायालय ने विचारण की समाप्ति पर दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की बहस सुनकर पत्रावली का विधिवत अवलोकन किया। इसके बाद गवाहों की गवाही, जिरह, मेडिकल रिपोर्ट, घटना के तथ्यों एवं परिस्थितियों व अन्य सुसंगत दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर विवादित किशोर को दोषी ठहराते हुए सजा के बिंदु पर सुनवाई करके उसे सजा सुनाई।
राज्य सरकार की तरफ से पीड़ित पक्ष की पैरवी विशेष लोक अभियोजक अधिवक्ता ने किया था। न्यायालय ने अर्थदंड के 90 फीसदी धनराशि को पीड़िता को देने का आदेश देते हुए राज्य से अधिकतम क्षतिपूर्ति पाने के लिए आदेश की प्रति डीएलएसए भेजा।
न्यायालय ने जेल अधीक्षक को विवादित किशोर को 21 वर्ष की आयु पूरी करने तक उसे सुरक्षित स्थान पर रखते हुए शैक्षिक सेवाएं, कौशल विकास, अनुकल्पिक चिकित्सा परामर्श, व्यवहार परिवर्तन चिकित्सा और मनोचिकित्सकीय सहायता सहित सुधारात्मक सेवाएं प्रदान करने के लिए आदेशित किया।ग
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सिद्धार्थनगर। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट वीरेंद्र कुमार ने एक विवादित किशोर (किशोर की उम्र को लेकर विवाद था) को नाबालिग से दुष्कर्म के जुर्म में 20 साल कठोर कारावास की सजा सुनाई है।
उस पर 1.15 लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। जिसे अदा न करने की दशा में उसे एक वर्ष के अतिरिक्त कठोर कारावास की सजा भुगतनी पड़ेगी। घटना 23 फरवरी 2022 की है जो चिल्हिया थाना क्षेत्र में घटित हुई थी।
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पीड़िता अवयस्क लड़की के पिता ने 24 फरवरी 2022 को तहरीर दी, जिसमें आरोप लगाया कि 23 फरवरी 2022 को सात बजे उसकी अवयस्क लड़की को विवादित किशोर चिल्हिया थाना क्षेत्र निवासी बहला-फुसलाकर भगा ले गया। पुलिस ने केस दर्ज कर विवेचना के बाद पॉस्को एक्ट, दुष्कर्म, अवयस्क लड़की के अपहरण के अपराध में आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया।
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न्यायालय ने मामले का संज्ञान लेकर विचारण किया। न्यायालय ने विचारण की समाप्ति पर दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की बहस सुनकर पत्रावली का विधिवत अवलोकन किया। इसके बाद गवाहों की गवाही, जिरह, मेडिकल रिपोर्ट, घटना के तथ्यों एवं परिस्थितियों व अन्य सुसंगत दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर विवादित किशोर को दोषी ठहराते हुए सजा के बिंदु पर सुनवाई करके उसे सजा सुनाई।
राज्य सरकार की तरफ से पीड़ित पक्ष की पैरवी विशेष लोक अभियोजक अधिवक्ता ने किया था। न्यायालय ने अर्थदंड के 90 फीसदी धनराशि को पीड़िता को देने का आदेश देते हुए राज्य से अधिकतम क्षतिपूर्ति पाने के लिए आदेश की प्रति डीएलएसए भेजा।
न्यायालय ने जेल अधीक्षक को विवादित किशोर को 21 वर्ष की आयु पूरी करने तक उसे सुरक्षित स्थान पर रखते हुए शैक्षिक सेवाएं, कौशल विकास, अनुकल्पिक चिकित्सा परामर्श, व्यवहार परिवर्तन चिकित्सा और मनोचिकित्सकीय सहायता सहित सुधारात्मक सेवाएं प्रदान करने के लिए आदेशित किया।ग