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मानक पर फेल हुई पीएमजीएसवाई की 36 सड़कें
siddharthnagar
Updated Sat, 28 Apr 2018 12:09 AM IST
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टूटी सड़क।
- फोटो : अमर उजाला
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सिद्धार्थनगर।प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के तहत बनाई गई सड़कों की गुणवत्ता जिले में बेहद खराब पाई गई है। अधिकांश सड़कें अनुरक्षण अवधि (न्यूनतम पांच वर्ष) से पहले ही टूटने लगी हैं। कहीं गिट्टियां उखड़ गई हैं तो कहीं पटरी गायब है। डीएम के निर्देश पर हुई जांच में यह पर्दाफाश हुआ है। कुल 46 में से 36 सड़कों पर कार्य संतोषजनक नहीं मिला है। इस पर नाराजगी जताते हुए डीएम ने विभागीय अफसरों पर कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा है।
गांवों में बेहतर सड़कों के निर्माण के मकसद से कई महत्वपूर्ण सड़कों को प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना में शामिल कर काम कराया गया था। वित्तीय सत्र 2010-11 में चयनित सड़कों पर वर्ष 2012 में काम कराया गया। नियमानुसार पांच साल तक यह सड़कें अच्छी हालत में होनी चाहिए थी। किसी भी टूट-फूट को दुरुस्त करने की जिम्मेदारी कार्यदायी संस्था की है। इससे इतर अधिकांश निर्माण के दूसरे-तीसरे वर्ष में ही क्षतिग्रस्त हो गई। बार-बार शिकायतों के बाद भी कार्यदायी संस्था के लोग इसकी मरम्मत के प्रति बेफिक्र रहे।
समीक्षा बैठकों में प्रधानमंत्री सड़क योजना के तहत बनी सड़कों के बदहाली की शिकायतों के बाद डीएम ने जांच के निर्देश दिए थे। जिलास्तरीय अधिकारियों के नेतृत्व में ब्लॉक वार दो सदस्यीय कमेटी गठित कर जिले के 13 ब्लॉकों में निर्मित 46 सड़कों की भौतिक स्थिति का सत्यापन कराया था। समितियों की रिपोर्ट में 36 सड़कों की स्थिति संतोषजनक नहीं मिली है। डीएम ने बताया कि जांच रिपोर्ट में सड़कों में कई कमियां मिली हैं। इसका संज्ञान लेते हुए ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी को कार्रवाई के लिए पत्र लिखा जा रहा है।
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निरीक्षण में ऐसी पाई गईं सड़कें :::
* खरिकादूबे से खरिकौरा-नानकार मार्ग : इस सड़क की जांच डीसी मनरेगा उमेश चंद्र तिवारी व पीडब्ल्यूडी के सहायक अभियंता आरपी श्रीवास्तव ने की थी। अपनी रिपोर्ट में उन्होंने सड़क के सीलकोट को खराब ठहराया है। क्षतिग्रस्त सड़क पर कई जगह गड्ढों के कारण जी-3 का पत्थर दिख रहा है।
* पथरा रोड से निसहर मार्ग : डीसी मनरेगा की ही टीम ने इस सड़क की जांच में भी सीलकोट को खराब और लेपित सतह को क्षतिग्रस्त बताया है।
* शाहपुर-सिंगारजोत मार्ग : भनवापुर ब्लॉक अंतर्गत इस मार्ग की जांच जिला कार्यक्रम अधिकारी व राजीव सिंह व ड्रेनेज खंड के सहायक अभियंता घनश्याम चौधरी ने की थी। शून्य से 11 किमी तक सड़क पर मरम्मत का कोई कार्य नहीं हुआ है। मन्नीजोत-मरवटिया मुस्तकहम रोड से डुमरियागंज मार्ग तक 3-4 स्थानों पर सड़क क्षतिग्रस्त है।
* सेमरी से बिस्कोहर मार्ग : डीआईओएस डॉ. राजबहादुर व एक्सईएन जल निगम पवन यादव ने इटवा ब्लॉक की दशा को संतोषजनक न बताते हुए मरम्मत की जरूरत बताई है। इसी सड़क के आधे हिस्से पर पटरी पर झाड़ियां मिली हैं।
* धोबहा से सेमरा कला मार्ग : यह सड़क जोगिया ब्लॉक में है। जिला युवा कल्याण अधिकारी महेंद्र प्रताप अस्थाना व ड्रेनेज खंड के सहायक अभियंता संजय कुमार की रिपोर्ट में मरम्मत कार्य की गुणवत्ता बेहद खराब बताई गई है।
बोले एक्सईएन : ठेकेदारों को दिया गया नोटिस
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की कार्यदायी संस्था ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के एक्सईएन एसएन उपाध्याय ने बताया कि जिन सड़कों की जांच हुई, उनमें अधिकांश की अनुरक्षण अवधि पूरी होने का है या वह चौथे वर्ष के अंतिम माह में हैं। सभी ठेकेदारों की सिक्योरिटी राशि विभाग में जमा है। सड़कें जब चयनित हुईं तो आवागमन कम था, छह वर्षों में यातायात बढ़ा है। यह परिस्थितियां भी इसकी जिम्मेदार हैं। बावजूद संबंधित ठेकेदारों को नोटिस देकर गुणवत्ता पूर्ण मरम्मत कार्य कराने को कहा गया है। इसके अलावा बेहद लापरवाही बरतने वाले छह ठेकेदारों को ब्लैक लिस्टेड भी कराया गया है।
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गांवों में बेहतर सड़कों के निर्माण के मकसद से कई महत्वपूर्ण सड़कों को प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना में शामिल कर काम कराया गया था। वित्तीय सत्र 2010-11 में चयनित सड़कों पर वर्ष 2012 में काम कराया गया। नियमानुसार पांच साल तक यह सड़कें अच्छी हालत में होनी चाहिए थी। किसी भी टूट-फूट को दुरुस्त करने की जिम्मेदारी कार्यदायी संस्था की है। इससे इतर अधिकांश निर्माण के दूसरे-तीसरे वर्ष में ही क्षतिग्रस्त हो गई। बार-बार शिकायतों के बाद भी कार्यदायी संस्था के लोग इसकी मरम्मत के प्रति बेफिक्र रहे।
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समीक्षा बैठकों में प्रधानमंत्री सड़क योजना के तहत बनी सड़कों के बदहाली की शिकायतों के बाद डीएम ने जांच के निर्देश दिए थे। जिलास्तरीय अधिकारियों के नेतृत्व में ब्लॉक वार दो सदस्यीय कमेटी गठित कर जिले के 13 ब्लॉकों में निर्मित 46 सड़कों की भौतिक स्थिति का सत्यापन कराया था। समितियों की रिपोर्ट में 36 सड़कों की स्थिति संतोषजनक नहीं मिली है। डीएम ने बताया कि जांच रिपोर्ट में सड़कों में कई कमियां मिली हैं। इसका संज्ञान लेते हुए ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी को कार्रवाई के लिए पत्र लिखा जा रहा है।
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निरीक्षण में ऐसी पाई गईं सड़कें :::
* खरिकादूबे से खरिकौरा-नानकार मार्ग : इस सड़क की जांच डीसी मनरेगा उमेश चंद्र तिवारी व पीडब्ल्यूडी के सहायक अभियंता आरपी श्रीवास्तव ने की थी। अपनी रिपोर्ट में उन्होंने सड़क के सीलकोट को खराब ठहराया है। क्षतिग्रस्त सड़क पर कई जगह गड्ढों के कारण जी-3 का पत्थर दिख रहा है।
* पथरा रोड से निसहर मार्ग : डीसी मनरेगा की ही टीम ने इस सड़क की जांच में भी सीलकोट को खराब और लेपित सतह को क्षतिग्रस्त बताया है।
* शाहपुर-सिंगारजोत मार्ग : भनवापुर ब्लॉक अंतर्गत इस मार्ग की जांच जिला कार्यक्रम अधिकारी व राजीव सिंह व ड्रेनेज खंड के सहायक अभियंता घनश्याम चौधरी ने की थी। शून्य से 11 किमी तक सड़क पर मरम्मत का कोई कार्य नहीं हुआ है। मन्नीजोत-मरवटिया मुस्तकहम रोड से डुमरियागंज मार्ग तक 3-4 स्थानों पर सड़क क्षतिग्रस्त है।
* सेमरी से बिस्कोहर मार्ग : डीआईओएस डॉ. राजबहादुर व एक्सईएन जल निगम पवन यादव ने इटवा ब्लॉक की दशा को संतोषजनक न बताते हुए मरम्मत की जरूरत बताई है। इसी सड़क के आधे हिस्से पर पटरी पर झाड़ियां मिली हैं।
* धोबहा से सेमरा कला मार्ग : यह सड़क जोगिया ब्लॉक में है। जिला युवा कल्याण अधिकारी महेंद्र प्रताप अस्थाना व ड्रेनेज खंड के सहायक अभियंता संजय कुमार की रिपोर्ट में मरम्मत कार्य की गुणवत्ता बेहद खराब बताई गई है।
बोले एक्सईएन : ठेकेदारों को दिया गया नोटिस
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की कार्यदायी संस्था ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के एक्सईएन एसएन उपाध्याय ने बताया कि जिन सड़कों की जांच हुई, उनमें अधिकांश की अनुरक्षण अवधि पूरी होने का है या वह चौथे वर्ष के अंतिम माह में हैं। सभी ठेकेदारों की सिक्योरिटी राशि विभाग में जमा है। सड़कें जब चयनित हुईं तो आवागमन कम था, छह वर्षों में यातायात बढ़ा है। यह परिस्थितियां भी इसकी जिम्मेदार हैं। बावजूद संबंधित ठेकेदारों को नोटिस देकर गुणवत्ता पूर्ण मरम्मत कार्य कराने को कहा गया है। इसके अलावा बेहद लापरवाही बरतने वाले छह ठेकेदारों को ब्लैक लिस्टेड भी कराया गया है।