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चेतावनी के बाद भी 12 मदरसों ने नहीं दी जानकारी
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चेतावनी के बाद भी 12 मदरसों ने नहीं दी जानकारी
सिद्धार्थनगर। शासन की ओर से कई बार कहने के बाद भी जिले के कुछ मदरसों के बारे में जानकारी नहीं मुहैया कराई गई। ऐसे में चेतावनी दी गई कि पोर्टल पर जल्द जानकारी नहीं देने पर मान्यता खतरे में पड़ जाएगी। इस संबंध में जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी की ओर से भी पत्र जारी करके जल्द पोर्टल पर डाटा अपलोड करने के लिए कहा गया है।
कागजों में चलाकर गलत तरीके से अनुदान और छात्रवृत्ति हासिल करने वाले मदरसों पर कार्रवाई के लिए प्रदेश सरकार ने डिजिटल व्यवस्था लागू की है। बोर्ड की ओर जारी किए गए पोर्टल पर छात्र संख्या सहित अन्य जानकारी अपलोड करने के लिए शासन ने निर्देश दिए थे। करीब तीन माह से अपडेट मांगा जा रहा है, लेकिन अब तक जनपद में कई मदरसे डाटा देने मेें आनाकानी कर रहे हैं। मामले को देखते हुए जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी ने एक बार फिर मदरसों को पत्र जारी करते हुए चेतावनी दी है।
कहा कि जल्द सूचना नहीं दी गई तो मान्यता पर ग्रहण लग सकता है। विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, जनपद में 452 मान्यता प्राप्त मदरसे संचालित हो रहे हैं। जिले में अभी 12 ऐसे हैं, जो जानकारी देने से कतरा रहे हैं। जबकि, मिश्रौलिया थाना क्षेत्र में संचालित होने वाले एक मदरसे में गड़बड़ी पाए जाने पर डायरेक्टर की ओर से उसकी मान्यता को निरस्त किया गया है। इस संबंध में जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी तन्मय पांडेय ने बताया कि मदरसों को पत्र जारी किया गया है। अगर जल्द डाटा अपलोड नहीं किया गया तो कार्रवाई की जाएगी।
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सिद्धार्थनगर। शासन की ओर से कई बार कहने के बाद भी जिले के कुछ मदरसों के बारे में जानकारी नहीं मुहैया कराई गई। ऐसे में चेतावनी दी गई कि पोर्टल पर जल्द जानकारी नहीं देने पर मान्यता खतरे में पड़ जाएगी। इस संबंध में जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी की ओर से भी पत्र जारी करके जल्द पोर्टल पर डाटा अपलोड करने के लिए कहा गया है।
कागजों में चलाकर गलत तरीके से अनुदान और छात्रवृत्ति हासिल करने वाले मदरसों पर कार्रवाई के लिए प्रदेश सरकार ने डिजिटल व्यवस्था लागू की है। बोर्ड की ओर जारी किए गए पोर्टल पर छात्र संख्या सहित अन्य जानकारी अपलोड करने के लिए शासन ने निर्देश दिए थे। करीब तीन माह से अपडेट मांगा जा रहा है, लेकिन अब तक जनपद में कई मदरसे डाटा देने मेें आनाकानी कर रहे हैं। मामले को देखते हुए जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी ने एक बार फिर मदरसों को पत्र जारी करते हुए चेतावनी दी है।
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कहा कि जल्द सूचना नहीं दी गई तो मान्यता पर ग्रहण लग सकता है। विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, जनपद में 452 मान्यता प्राप्त मदरसे संचालित हो रहे हैं। जिले में अभी 12 ऐसे हैं, जो जानकारी देने से कतरा रहे हैं। जबकि, मिश्रौलिया थाना क्षेत्र में संचालित होने वाले एक मदरसे में गड़बड़ी पाए जाने पर डायरेक्टर की ओर से उसकी मान्यता को निरस्त किया गया है। इस संबंध में जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी तन्मय पांडेय ने बताया कि मदरसों को पत्र जारी किया गया है। अगर जल्द डाटा अपलोड नहीं किया गया तो कार्रवाई की जाएगी।
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