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तेज बारिश से शहर लबालब, पानी से घिरे स्कूल
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उप निदेशक कृषि कार्यालय के सामने व्याप्त जलभराव
- फोटो : SRAWASTI
श्रावस्ती। जिले में मेघ दूसरे दिन भी मेहरबान रहे। तेज बारिश से जहां खेत-खलिहान सहित नगर तथा गांव की गलियां पानी-पानी हो गईं। वहीं जगह-जगह जलभराव के कारण लोगों की दुश्वारी भी बढ़ी है। लगातार बरसात को देखते हुए डीएम के आदेश पर विद्यालयों में अवकाश घोषित कर दिया गया। इस बरसात को फिलहाल फसलों के लिए फायदेमंद माना जा रहा है। वहीं पहाड़ों पर होने वाली बरसात के कारण राप्ती नदी का जलस्तर बढ़ गया। जो राप्ती बैराज पर खतरे के निशान से 15 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गई।
जिले में बुधवार रात से हो रही बरसात शुक्रवार को भी जारी रही। विगत दो दिनों में जिले में 93.5 मिमी. बारिश रिकॉर्ड की गई। तेज बारिश के कारण ताल-तलैया, खेत-खलिहान व नगर सहित गांव की गलियां पानी से लबालब हो गईं। यह बरसात जहां धान व गन्ना की फसलों के लिए संजीवनी मानी जा रही है। वहीं खेतों में लगी फूल पर आ चुके उर्द, मूंग व तिल की फसल के लिए नुकसानदायक साबित हो सकती है। इतना ही नहीं खेतों में लगी सब्जियों की जो फसलें पानी में डूब गई हैं। उनको नुकसान पहुंच सकता है। इससे बचने के लिए उद्यान विभाग किसानों को खेत से पानी निकालने की सलाह दे रहा है। वहीं जिले सहित नेपाल के पहाड़ों पर होने वाली बरसात के कारण राप्ती नदी का जलस्तर भी बढ़ गया है।
जलनिकासी न होने से घरों में प्रवेश कर रहा पानी
नगर पालिका परिषद भिनगा के सिविल लाइन (बगुरईयां), कृष्णा नगर सहित नव सृजित अधिकांश वार्डों में जलनिकासी के लिए नाली का निर्माण नहीं कराया गया है। जिससे तेज बारिश के बाद लोगों के घरों में पानी प्रवेश कर गया है। वहीं भिनगा व इकौना नगर सहित जिले के सभी प्रमुख कस्बों व बाजारों तथा गांवों में सफाई न होने के कारण नालियां चोक होने से जलनिकासी की समस्या उत्पन्न हो गई है। जिससे लोगों को आवागमन में असुविधा हो रही है। यही नहीं तमाम विद्यालयों में जलभराव की समस्या उत्पन्न हो जाने के कारण डीएम के निर्देश पर स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया गया है। यह विद्यालय अब सोमवार को खुलेंगे।
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यात्रियों को हो रही परेशानी
जिले के प्रमुख मार्गों पर चलने वाली निजी बसों का संचालन चिह्नित स्थानों से हो रहा है। जहां सिर छिपाने की कोई व्यवस्था नहीं है। यही स्थिति बलरामपुर-बहराइच मार्ग स्थित इकौना, गिलौला व कटरा सहित भिनगा बहराइच, जमुनहा बहराइच, भिनगा जमुनहा, भिनगा लक्ष्मनपुर, मथुरा बाजार, तालबघौड़ा व सिरसिया मार्ग का भी है। जहां यात्री शेड न होने के कारण मुसाफिरों को मार्ग पर खड़े होकर बसों का इंतजार करना पड़ता है। ऐसे में विगत दो दिनों से हो रही बरसात के कारण दैनिक यात्रियों को परेशानी हो रही है।
खतरे के निशान से 15 सेंटीमीटर ऊपर पहुंची राप्ती
जिले सहित नेपाल व पहाड़ों पर हो रही बरसात के कारण जहां सिरसिया क्षेत्र के पहाड़ी नाले उफान पर हैं। वहीं भिनगा जंगल के मध्य बहने वाले केन नाले का जलस्तर भी बढ़ रहा है। इतना ही नहीं जमुनहा के राप्ती बैराज पर नदी का जलस्तर खतरे का निशान 127.70 सेंटीमीटर को पार कर 127.85 सेंटीमीटर पहुंच गया। जो खतरे के निशान से 15 सेंटीमीटर अधिक है। ऐसे में राप्ती नदी के कछार में बसे गांव के लोगों की धड़कने भी बढ़ गई है। लोगों को अपने खेतों में जहां कटान का खतरा सताने लगा है। वहीं लोग बाढ़ की संभावना को लेकर दहशत में आ गए हैं। हालांकि नदी के बढ़े जलस्तर को देखते हुए उसका पानी राप्ती योजक नहर में डिस्चार्ज किया जा रहा है। ताकि बाढ़ की संभावना को कम किया जा सके।
94 एमएम और हो बरसात तो पूरा हो औसत का मानक
जिले में सितंबर माह में 220 एमएम औसत बरसात का मानक है। अब तक जिले में कुल 126 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई है। जिले में लगातार हो रही बरसात के कारण यदि 94 एमएम और बरसात हुई तो औसत का मानक पूरा हो जाएगा। ऐसे में सूखे की मार झेल चुके जिले के किसान सूखा अनुदान राहत से वंचित हो सकते हैं।
कई गांव अंधेरे में डूबे
जिले में हो रही बरसात के कारण गुरुवार रात बगुरईयां उपकेंद्र के मछरिहिवा फीडर की आपूर्ति देर रात बाधित हो गई। इसके चलते फीडर पर पड़ने वाले गांव अंधेरे में डूब गए। यही स्थिति विद्युत उपकेंद्र घोलिया व उल्लहवा की भी रही। जिनके कई फीडर की आपूर्ति बरसात के कारण बाधित होने से क्षेत्र केे करीब 65 गांव व साढ़े तीन हजार उपभोक्ता पूरी रात अंधेरे में रहने को विवश रहे। शुक्रवार को हो रही बरसात के कारण अभी अधिकांश क्षेत्रों की विद्युत आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी है। इससे उपभोक्ताओं में निगम के प्रति नाराजगी देखी जा रही है।
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जिले में बुधवार रात से हो रही बरसात शुक्रवार को भी जारी रही। विगत दो दिनों में जिले में 93.5 मिमी. बारिश रिकॉर्ड की गई। तेज बारिश के कारण ताल-तलैया, खेत-खलिहान व नगर सहित गांव की गलियां पानी से लबालब हो गईं। यह बरसात जहां धान व गन्ना की फसलों के लिए संजीवनी मानी जा रही है। वहीं खेतों में लगी फूल पर आ चुके उर्द, मूंग व तिल की फसल के लिए नुकसानदायक साबित हो सकती है। इतना ही नहीं खेतों में लगी सब्जियों की जो फसलें पानी में डूब गई हैं। उनको नुकसान पहुंच सकता है। इससे बचने के लिए उद्यान विभाग किसानों को खेत से पानी निकालने की सलाह दे रहा है। वहीं जिले सहित नेपाल के पहाड़ों पर होने वाली बरसात के कारण राप्ती नदी का जलस्तर भी बढ़ गया है।
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जलनिकासी न होने से घरों में प्रवेश कर रहा पानी
नगर पालिका परिषद भिनगा के सिविल लाइन (बगुरईयां), कृष्णा नगर सहित नव सृजित अधिकांश वार्डों में जलनिकासी के लिए नाली का निर्माण नहीं कराया गया है। जिससे तेज बारिश के बाद लोगों के घरों में पानी प्रवेश कर गया है। वहीं भिनगा व इकौना नगर सहित जिले के सभी प्रमुख कस्बों व बाजारों तथा गांवों में सफाई न होने के कारण नालियां चोक होने से जलनिकासी की समस्या उत्पन्न हो गई है। जिससे लोगों को आवागमन में असुविधा हो रही है। यही नहीं तमाम विद्यालयों में जलभराव की समस्या उत्पन्न हो जाने के कारण डीएम के निर्देश पर स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया गया है। यह विद्यालय अब सोमवार को खुलेंगे।
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यात्रियों को हो रही परेशानी
जिले के प्रमुख मार्गों पर चलने वाली निजी बसों का संचालन चिह्नित स्थानों से हो रहा है। जहां सिर छिपाने की कोई व्यवस्था नहीं है। यही स्थिति बलरामपुर-बहराइच मार्ग स्थित इकौना, गिलौला व कटरा सहित भिनगा बहराइच, जमुनहा बहराइच, भिनगा जमुनहा, भिनगा लक्ष्मनपुर, मथुरा बाजार, तालबघौड़ा व सिरसिया मार्ग का भी है। जहां यात्री शेड न होने के कारण मुसाफिरों को मार्ग पर खड़े होकर बसों का इंतजार करना पड़ता है। ऐसे में विगत दो दिनों से हो रही बरसात के कारण दैनिक यात्रियों को परेशानी हो रही है।
खतरे के निशान से 15 सेंटीमीटर ऊपर पहुंची राप्ती
जिले सहित नेपाल व पहाड़ों पर हो रही बरसात के कारण जहां सिरसिया क्षेत्र के पहाड़ी नाले उफान पर हैं। वहीं भिनगा जंगल के मध्य बहने वाले केन नाले का जलस्तर भी बढ़ रहा है। इतना ही नहीं जमुनहा के राप्ती बैराज पर नदी का जलस्तर खतरे का निशान 127.70 सेंटीमीटर को पार कर 127.85 सेंटीमीटर पहुंच गया। जो खतरे के निशान से 15 सेंटीमीटर अधिक है। ऐसे में राप्ती नदी के कछार में बसे गांव के लोगों की धड़कने भी बढ़ गई है। लोगों को अपने खेतों में जहां कटान का खतरा सताने लगा है। वहीं लोग बाढ़ की संभावना को लेकर दहशत में आ गए हैं। हालांकि नदी के बढ़े जलस्तर को देखते हुए उसका पानी राप्ती योजक नहर में डिस्चार्ज किया जा रहा है। ताकि बाढ़ की संभावना को कम किया जा सके।
94 एमएम और हो बरसात तो पूरा हो औसत का मानक
जिले में सितंबर माह में 220 एमएम औसत बरसात का मानक है। अब तक जिले में कुल 126 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई है। जिले में लगातार हो रही बरसात के कारण यदि 94 एमएम और बरसात हुई तो औसत का मानक पूरा हो जाएगा। ऐसे में सूखे की मार झेल चुके जिले के किसान सूखा अनुदान राहत से वंचित हो सकते हैं।
कई गांव अंधेरे में डूबे
जिले में हो रही बरसात के कारण गुरुवार रात बगुरईयां उपकेंद्र के मछरिहिवा फीडर की आपूर्ति देर रात बाधित हो गई। इसके चलते फीडर पर पड़ने वाले गांव अंधेरे में डूब गए। यही स्थिति विद्युत उपकेंद्र घोलिया व उल्लहवा की भी रही। जिनके कई फीडर की आपूर्ति बरसात के कारण बाधित होने से क्षेत्र केे करीब 65 गांव व साढ़े तीन हजार उपभोक्ता पूरी रात अंधेरे में रहने को विवश रहे। शुक्रवार को हो रही बरसात के कारण अभी अधिकांश क्षेत्रों की विद्युत आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी है। इससे उपभोक्ताओं में निगम के प्रति नाराजगी देखी जा रही है।