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जगह-जगह जलभराव, फॉगिंग न दवा का छिड़काव
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कलेक्ट्रेट व विकास भवन के बीच एकत्र पानी पड़ा काला
- फोटो : SRAWASTI
श्रावस्ती। जिले में संक्रामक रोग अपना कहर बरपा रहे हैं। अस्पताल आने वाले ज्यादातर मरीज दूषित जल व मच्छर जनित रोग से पीड़ित हैं। इसके बावजूद जिम्मेदारों के ध्यान न देने से नगर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में जलभराव की समस्या उत्पन्न है। चोक नालियां, व्याप्त गंदगी इस समस्या को और बढ़ा रही है। जबकि जिले में संचारी रोग नियंत्रण माह मनाया जा रहा है।
बाढ़ व बरसात थमने के बाद जिले में संक्रामक रोग अपना कहर बरपा रहे हैं। एक तरफ जहां डेंगू से दो बच्चियों की मौत हो चुकी है। वहीं कई लोग इसकी चपेट में हें। इतना ही नहीं डेंगू, टाइफाइड, एईएस व स्क्रप टाइफस सहित उल्टी, दस्त व पेट दर्द आदि से कई लोग अब भी पीड़ित हैं। इन बीमारियों का कारण स्वास्थ्य विभाग दूषित जल, जल भराव व विभिन्न प्रजाति के मच्छरों को बता रहा है। इन संक्रामक बीमारियों से निपटने के लिए जिले में एक अक्टूबर से संचारी रोग नियंत्रण माह मनाया जा रहा है। जिसका आज सोमवार को समापन होगा।
इसके बावजूद मुख्यालय भिनगा सहित ग्रामीण क्षेत्रों में न तो नालियां की समुचित सफाई की गई और न ही जलभराव की समस्या का निराकरण ही किया गया। इससे कलेक्ट्रेट व विकास भवन भी अछूता नहीं है। विकास भवन व कलेक्ट्रेट के मध्य जमा पानी काला पड़ चुका है। इसके बावजूद पानी को निकालने का इंतजाम नहीं कराया गया। यही स्थिति भिनगा व इकौना नगर के कई मोहल्लों सहित गांवों की है। जहां नालियां की समुचित सफाई न होने से व आसपास पानी जमा होने से कई प्रकार की बीमारियां पांव पसार रही है।
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न हुई फॉगिंग न हुआ दवा का छिड़काव
बाढ़ व बरसात का प्रकोप थमने के साथ ही डीएम की ओर से अभियान चलाकर नगर सहित गांवों में सफाई कराने, दवा का छिड़काव कराने व फॉगिंग कराने का निर्देश दिया गया था। जो सिर्फ कागजों तक ही सीमित रहा। जिससे लोग संक्रामक रोगों की चपेट में आ रहे हैं। इतना ही नहीं जिले में चलाया गया संचारी रोग नियंत्रण अभियान भी सिर्फ कागजों में ही चला। जिसका खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ रहा है।
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बाढ़ व बरसात थमने के बाद जिले में संक्रामक रोग अपना कहर बरपा रहे हैं। एक तरफ जहां डेंगू से दो बच्चियों की मौत हो चुकी है। वहीं कई लोग इसकी चपेट में हें। इतना ही नहीं डेंगू, टाइफाइड, एईएस व स्क्रप टाइफस सहित उल्टी, दस्त व पेट दर्द आदि से कई लोग अब भी पीड़ित हैं। इन बीमारियों का कारण स्वास्थ्य विभाग दूषित जल, जल भराव व विभिन्न प्रजाति के मच्छरों को बता रहा है। इन संक्रामक बीमारियों से निपटने के लिए जिले में एक अक्टूबर से संचारी रोग नियंत्रण माह मनाया जा रहा है। जिसका आज सोमवार को समापन होगा।
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इसके बावजूद मुख्यालय भिनगा सहित ग्रामीण क्षेत्रों में न तो नालियां की समुचित सफाई की गई और न ही जलभराव की समस्या का निराकरण ही किया गया। इससे कलेक्ट्रेट व विकास भवन भी अछूता नहीं है। विकास भवन व कलेक्ट्रेट के मध्य जमा पानी काला पड़ चुका है। इसके बावजूद पानी को निकालने का इंतजाम नहीं कराया गया। यही स्थिति भिनगा व इकौना नगर के कई मोहल्लों सहित गांवों की है। जहां नालियां की समुचित सफाई न होने से व आसपास पानी जमा होने से कई प्रकार की बीमारियां पांव पसार रही है।
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न हुई फॉगिंग न हुआ दवा का छिड़काव
बाढ़ व बरसात का प्रकोप थमने के साथ ही डीएम की ओर से अभियान चलाकर नगर सहित गांवों में सफाई कराने, दवा का छिड़काव कराने व फॉगिंग कराने का निर्देश दिया गया था। जो सिर्फ कागजों तक ही सीमित रहा। जिससे लोग संक्रामक रोगों की चपेट में आ रहे हैं। इतना ही नहीं जिले में चलाया गया संचारी रोग नियंत्रण अभियान भी सिर्फ कागजों में ही चला। जिसका खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ रहा है।