{"_id":"5d110e3a8ebc3e56812ab85c","slug":"traffic-bard-due-to-water-logging-srawasti-news-lko467078788","type":"story","status":"publish","title_hn":"मूसलाधार बरसात में अलग थलग पड़ी तराई, जिले से टूटा संपर्क","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मूसलाधार बरसात में अलग थलग पड़ी तराई, जिले से टूटा संपर्क
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श्रावस्ती। तराई में हुई मूसलधार बारिश के बाद जिले भर में जगह-जगह भारी जलभराव हो गया है। रविवार शाम बारिश थमने के बाद भी जिलेवासियों की मुश्किलें नहीं थमीं। पहाड़ों पर हुई तेज बारिश के बाद पहाड़ी नाले अब भी उफान पर हैं। इससे सिरसिया क्षेत्र जिले से अलग-थलग पड़ गया है।
मार्गों पर पानी के तेज बहाव के कारण आवागमन ठप है। वहीं राप्ती का जलस्तर बढ़ने से कछारवासियों की धड़कनें बढ़ गई हैं। कई सरकारी कार्यालय परिसर में सोमवार दूसरे दिन भी पानी भरा होने के कारण लोग परेशान रहे। वहीं खेतीबारी के काम में तेजी आ गई है।
मानसून की पहली बारिश ने तराई को तरबतर कर दिया। मूसलधार बारिश के बाद तालाब व खेत ही नहीं कई स्थानों पर सड़क भी डूब गई। हर तरफ जल ही जल दिखाई पड़ रहा है। बारिश थमने के दूसरे दिन भी लोगों की मुश्किलें नहीं थमीं।
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पहाड़ों पर हुई बारिश के बाद सिरसिया क्षेत्र के पहाड़ी नालों में उफान आ गया। इससे भिनगा जंगल सहित आसपास के क्षेत्र पूरी तरह जलमग्न हो चुके हैं। नालों का पानी मार्ग पर आ जाने से भिनगा-सिरसिया, भिनगा-तालबघौड़ा व भिनगा-लक्ष्मनपुर मार्ग पर आवागमन पूरी तरह बंद हो गया।
पानी के तेज बहाव के कारण भिनगा-लक्ष्मनपुर मार्ग पर भुजंगा व रेहली गांव के निकट सड़क कट रही है। यदि सड़क पूरी तरह कट गई तो मार्ग पर आवागमन कई दिन तक बाधित रह सकता है।
भिनगा-सिरसिया मार्ग पर पानी धीरे-धीरे घट रहा है। इससे देर शाम तक आवागमन बहाल होने की उम्मीद जताई जा रही है जबकि तालबघौड़ा मार्ग पर केन नाला का जलस्तर बढ़ने से पुल पर तीन-चार फीट पानी भरा हुआ है। इससे आवागमन कब बहाल होगा, इसका अंदाजा लगा पाना मुश्किल है।
मल्हीपुर बैरियल से बाबागंज मार्ग जाने वाले मार्ग से जैता जानकी नगर जाने वाला मार्ग बिंद्रा प्रसाद स्मारक उच्चतर विद्यालय के निकट कट गया है। इससे लोगों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं भिनगा लक्ष्मनपुर मार्ग पर भुंजंगा के निकट मार्ग पूरी तरह से कट गया है जिससे लोगों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
मूसलधार बारिश के बाद राप्ती नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा। इसकी लहरें बैराज पर सोमवार सुबह खतरे का निशान 127 ़ 70 मीटर पार करने के लिए तेजी से बढ़ रही थीं। इससे कछारवासियों की धड़कनें तेज हो गईं। हालांकि दोपहर एक बजे नदी का जलस्तर 127.43 मीटर पहुंच कर स्थिर हो जाने से लोगों ने राहत की सांस ली। नदी की लहरें यहां खतरे के निशान से मात्र 27 सेंटीमीटर नीचे हैं।
कलेक्ट्रेट के तथागत हाल, एडीएम व चकबंदी न्यायालय सहित जिला समाज कल्याण अधिकारी कार्यालय के सामने जलभराव की स्थिति है। वहीं पुलिस लाइन के परेड ग्राउंड, बैरक परिसर, प्रशासनिक भवन व मंदिर परिसर व कृषि भवन के सामने जलभराव के कारण परिसर तालाब बना हुआ है जहां आने जाने में लोगों को असुविधा हो रही है।
इतना ही नहीं पुलिस लाइन परिसर में व्याप्त जलभराव के कारण यहां लगे सबमर्सिबल पंप से कीचड़ निकल रहा है। यही स्थिति जिले के अन्य क्षेत्रों की भी है। वहीं सिरसिया बाजार में जलभराव की स्थित को देखते हुए वहां बनी पुलिया को तोड़वाकर पानी निकाला गया। यहां बारिश का पानी थाना, सीएचसी, पशु चिकित्सालय व ब्लॉक परिसर सहित लोगों के घरों व दुकानों में भर रहा था।
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मार्गों पर पानी के तेज बहाव के कारण आवागमन ठप है। वहीं राप्ती का जलस्तर बढ़ने से कछारवासियों की धड़कनें बढ़ गई हैं। कई सरकारी कार्यालय परिसर में सोमवार दूसरे दिन भी पानी भरा होने के कारण लोग परेशान रहे। वहीं खेतीबारी के काम में तेजी आ गई है।
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मानसून की पहली बारिश ने तराई को तरबतर कर दिया। मूसलधार बारिश के बाद तालाब व खेत ही नहीं कई स्थानों पर सड़क भी डूब गई। हर तरफ जल ही जल दिखाई पड़ रहा है। बारिश थमने के दूसरे दिन भी लोगों की मुश्किलें नहीं थमीं।
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पहाड़ों पर हुई बारिश के बाद सिरसिया क्षेत्र के पहाड़ी नालों में उफान आ गया। इससे भिनगा जंगल सहित आसपास के क्षेत्र पूरी तरह जलमग्न हो चुके हैं। नालों का पानी मार्ग पर आ जाने से भिनगा-सिरसिया, भिनगा-तालबघौड़ा व भिनगा-लक्ष्मनपुर मार्ग पर आवागमन पूरी तरह बंद हो गया।
पानी के तेज बहाव के कारण भिनगा-लक्ष्मनपुर मार्ग पर भुजंगा व रेहली गांव के निकट सड़क कट रही है। यदि सड़क पूरी तरह कट गई तो मार्ग पर आवागमन कई दिन तक बाधित रह सकता है।
भिनगा-सिरसिया मार्ग पर पानी धीरे-धीरे घट रहा है। इससे देर शाम तक आवागमन बहाल होने की उम्मीद जताई जा रही है जबकि तालबघौड़ा मार्ग पर केन नाला का जलस्तर बढ़ने से पुल पर तीन-चार फीट पानी भरा हुआ है। इससे आवागमन कब बहाल होगा, इसका अंदाजा लगा पाना मुश्किल है।
मल्हीपुर बैरियल से बाबागंज मार्ग जाने वाले मार्ग से जैता जानकी नगर जाने वाला मार्ग बिंद्रा प्रसाद स्मारक उच्चतर विद्यालय के निकट कट गया है। इससे लोगों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं भिनगा लक्ष्मनपुर मार्ग पर भुंजंगा के निकट मार्ग पूरी तरह से कट गया है जिससे लोगों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
मूसलधार बारिश के बाद राप्ती नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा। इसकी लहरें बैराज पर सोमवार सुबह खतरे का निशान 127 ़ 70 मीटर पार करने के लिए तेजी से बढ़ रही थीं। इससे कछारवासियों की धड़कनें तेज हो गईं। हालांकि दोपहर एक बजे नदी का जलस्तर 127.43 मीटर पहुंच कर स्थिर हो जाने से लोगों ने राहत की सांस ली। नदी की लहरें यहां खतरे के निशान से मात्र 27 सेंटीमीटर नीचे हैं।
कलेक्ट्रेट के तथागत हाल, एडीएम व चकबंदी न्यायालय सहित जिला समाज कल्याण अधिकारी कार्यालय के सामने जलभराव की स्थिति है। वहीं पुलिस लाइन के परेड ग्राउंड, बैरक परिसर, प्रशासनिक भवन व मंदिर परिसर व कृषि भवन के सामने जलभराव के कारण परिसर तालाब बना हुआ है जहां आने जाने में लोगों को असुविधा हो रही है।
इतना ही नहीं पुलिस लाइन परिसर में व्याप्त जलभराव के कारण यहां लगे सबमर्सिबल पंप से कीचड़ निकल रहा है। यही स्थिति जिले के अन्य क्षेत्रों की भी है। वहीं सिरसिया बाजार में जलभराव की स्थित को देखते हुए वहां बनी पुलिया को तोड़वाकर पानी निकाला गया। यहां बारिश का पानी थाना, सीएचसी, पशु चिकित्सालय व ब्लॉक परिसर सहित लोगों के घरों व दुकानों में भर रहा था।